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Sunday, September 26, 2021
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भाकियू प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन देंगे

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कैथल, 9 सितंबर (कृष्ण गर्ग)
किसानों की धान की निलामी जिले के अनुसार करवाने तथा नमी की मात्रा बदलवाने हेतु भाकियू प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन देंगे। भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने बताया कि किसानों की पी आर धान सरकारी खरीद एजेंसियां खुद नही करती, अपितु ये खरीद एजेंसियां अपने लिये खरीद करने के लिये राइस मिल का चयन करते है। राइस मिल वाले ही इनके लिये खरीद करते है और वे ही अपने द्वारा खरीद किये गये धान की कस्टम मिलिंग करते है, जो किसानों के लिये सरासर गलते है। खरीद एजेंसियों के द्वारा अपने कर्मचारियों के द्वारा खुद सीधे रूप से खरीद करनी चाहिये। उन्होंने बताया कि इतना ही नही कही पर मिल वाले अधिक है और धान कम आती है। ऐसी स्थिति में वहां किसानों को उनकी फसल का मूल्य सही मिल जाता है, परन्तु जहां किसानों की फसल बहुत अधिक आती है और मिल वाले कम है तो वहां पर किसानों की धान मिट्टी के भाव कम मूल्य पर खरीद की जाती है। उन्होंने कहां कि मजबूरी वंश किसानों को अपनी फसल कम मूल्य पर बेचनी पड़ती है। उन्होंने कहां कि यदि जिले अनुसार मिल वालों की खरीद खोलनी चाहिये। जिले का राइस मिल जिले की किसी भी मंडी से खरीद एजेंसी के लिये धान की खरीद कर सके। उन्होंने बताया कि अब की बार सरकार ने धान में नमी की मात्रा घटाकर 17 प्रतिशत से 16 प्रतिशत की है, जो किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि किसान अपनी धान कम्बाइन से कटवाते है और कम्बाइन से फसल कटवाने पर नमी की मात्रा कम नही हो सकती। उन्होंने कहां कि सरकार को नमी का मात्रा बढ़ाकर 17 से 19 करनी चाहिये थी। उन्होंने मांग कि है कि यदि सरकार नमी मात्रा बढ़ा नही सकती तो फिर 17 प्रतिशत ही रखनी चाहिये। इस बारे में वे जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन देंगे। इस अवसर पर उनके साथ बलवान, धीरा, करतारा, दिलबाग आदि भी उपस्थित थे।
फोटो- अजीत हाबडी।

दिन के समय डबल मर्डर से दहला शहर कैथल, हमलावरों का पता नही।

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कैथल, 24 सितंबर (कृष्ण गर्ग)
शुक्रवार को कैथल के जींद रोड, माडल टाऊन में अज्ञात बदमाश डबल मर्डर कर गये। घटना लगभग दिन के एक बजे की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैथल की नई अनाज मंडी के आढ़ती सत्यवान अपने जींद रोड माडल टाऊन स्थित अपनी कोटी में थे। उसके पास उसकी पत्नी कैलासो भी थी कि एकाएक उन्होंने सत्यावान पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसकी पत्नी कैलासो पर भी हमला किया। हमला करने के बाद बदमाश चले गये। दो घर पर अकेले थे। हमलावरों को घर में जाते व निकलते हुये किसी ने भी नही देखा। दोनों की मौके पर मौत हो गई। घर के गेट पर पत्नी कैलासो को पड़ा देखकर इसकी सुचना पुलिस को दी। सुचना पाकर पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, उपाधीक्षक विवेक चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। किसी को अभी तक यह नही पता चला कि हमलावर किस वाहन में आये और कितने थे। पुलिस हर पहलु से जांच कर रही है। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया था। घटना से सारा शहर दहशत में है कि दिन के समय पुलिस चौंकी के पास ही इतनी बड़ी घटना घट गई।

सिपाही पेपर लीक मामले में कैथल पुलिस की एक ओर सफलता, 50 हजार रुपए का एक अन्य ईनामी आरोपी गिरफ्तार,

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सिपाही पेपर लीक मामले में कैथल पुलिस की एक ओर सफलता,
50 हजार रुपए का एक अन्य ईनामी आरोपी गिरफ्तार,
अब तक 9 ईनामी आरोपियों सहित कुल 41 आरोपी किए जा चुके गिरफतार
कैथल, 24 सितंबर (कृष्ण गर्ग)
हरियाणा पुलिस सिपाही पेपर लीक मामले में एसपी लोकेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन अंतर्गत कैथल पुलिस द्वारा निरंतर रुप से सफलता हासिल करते हुए सीआईए-2 पुलिस द्वारा उक्त मामले में वांछित 50 हजार रुपए के एक अन्य ईनामी आरोपी को काबु करके गिरफतार कर लिया गया। उक्त मामले में कैथल पुलिस द्वारा अब तक कुल 41 आरोपी गिरफतार किए जा चुके है। 11 आरोपियों की गिरफतारी पर ईनाम घोषित किया गया था, जिनमें से कैथल पुलिस द्वारा उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए 9 ईनामी अपराधियों को गिरफतार किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर सोमबीर सिंह की टीम द्वारा सिपाही पेपर लीक मामले की जांच दौरान उक्त मामले में वांछित 50 हजार रुपए के ईनामी आरोपी अशोक उर्फ शोकी निवासी खुडाना जिला महेंद्रगढ को काबु करके गिरफतार कर लिया गया। एसपी ने बताया कि आरोपी अशोक द्वारा पहले गिरफतार किए जा चुके आरोपी रमेश निवासी थुआ से आंसर की प्राप्त की गई थी। एसपी ने बताया कि 4 अगस्त को ओंकार होटल हिसार में पेपर आउट करवाने को लेकर नरेंद्र द्वारा आयोजित करवाई गई मिटिंग में आरोपी अशोक भी शामिल रहा था।
एसपी ने बताया कि पुलिस महनिदेशक हरियाणा पंचकुला द्वारा उक्त मामले में वांछित 2 आरोपियों की गिरफतारी की सुचना देने पर 2-2 लाख रुपए ईनाम तथा 9 आरोपियों की गिरफतारी की सुचना देने पर 50-50 हजार रुपए ईनाम घोषित किया गया था। आरोपी अशोक की गिरफतारी से पूर्व 2-2 लाख रुपए के ईनामी आरोपी मोहमद अफजल तथा मुजफर अहमद दोनो निवासी जम्मु तथा 50-50 हजार रुपए के 6 अन्य ईनामी आरोपी पहले ही कैथल पुलिस द्वारा गिरफतार किए जा चुके है। एसपी ने बताया कि 2 लाख रुपए के ईनामी आरोपी मोहमद अफजल का न्यायालय से 25 सितंबर तक पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जिससे पुलिस द्वारा व्यापक पुछताछ की जा रही है। आरोपी अशोक को अदालत में पेश करके आरोपी का व्यापक पुछताछ के लिए न्यायालय से पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने किसानों के विरोध से डरते किया मंडी का दौरा, खरीद को लेकर अधिकारियों को दिये आदेश, धान की खरीद शुरू करने का नही किसी को पता।

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कैथल, कृष्ण गर्ग
फसल की प्राईवेट खरीद की अदायगी सीधी किसान के खाते में नही जायेगी, कहा कि हमें इससे कोई मतलब नही, हां हमें इसके बिकने पर टैक्स मिलना चाहिये। प्रदेश के कृषि मंत्री जे पी दलाल ने शुक्रवार को जल्दी सुबह कैथल की नई मंडी में 25 सितंबर से शुरू होने वाली किसानों की धान की खरीद का जायजा लेने आये हुये थे।
कृषि मंत्री चुपके से केवल आधे घंटे के अंतराल में ही अधिकारियों से खरीद के लिये की गई तैयारियों के बारे में जान कर चलते बने। उन्होंने कमेटी के कार्यालय में पहुंचते ही अधिकारियों से पूछा कि किसानों की धान की खरीद को लेकर क्या- क्या तैयारियां की हुई है। कैथल के एस डी एम संजय कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन खरीद के लिये तैयार है। किसानों की सुविधा के लिये जिले का कोई भी राइस मिल खरीद एजेंसी के लिये जिले की किसी भी मंडी से खरीद कर सकता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी सोम दत्त ने उनको बताया कि खरीद को लेकर सारी तैयारियां कर ली गई है। खरीद के लिये बारदाना खरीद करने से पहले दे दिया जायेगा। मंडी में से खरीद किये गये माल को राइस मिलों के माध्यम से रात को ही उठवाया दिया जायेगा। मार्केटिंग बोर्ड के जेड एम ई ओ हवा सिंह खोबरा तथा कमेटी सचिव सतवीर राविश ने बताया कि मंडी की साफ सफाई, सड़कों को दुरस्त, बिजली पानी की सारी समस्या दुर कर दी गई है। उन्होंने मंत्री को बताया कि मंडी में सभी किस्म की धान लगभग 35 लाख क्विंटल आती है। अब की बार पी आर किस्म की धान ज्यादा आयेगी और सरकार को अधिक टैक्स मिलेगा। उन्होंने मंत्री से मांग की है कि मंडी बड़ी है और दिन के अनुसार मंडी में खरीद के लिये सप्ताह बाद खरीद का नम्बर आता है। ऐसे में किसानों व आढ़तियों के सामने समस्या आयेगी। अत: प्रत्येक खरीद एजेंसी को मंडी से हर रोज खरीद करने के आदेश दिये जाये।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि धान की खरीद 25 सितंबर से तथा बाजरे आदि की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। सरकार के द्वारा खरीद के लिये व्यापक प्रबंध किये हुये है। किसान को उनकी फसल बेचने में तोलने, बेचने, बारदाना, बिजली, पानी की कोई भी समस्या नही आने दी जायेगी। किसान जैसे ही मंडी में धान लेकर पहुंचेगा तो उनको तत्काल सी सी टी वी कमरे की निगरानी में काटकर दे दिया जायेगा। कमेटी के कर्मचारी चौबीस घंटे गेटपास काटने को तैयार रहेंगे। फसल की अदायगी भी तत्काल कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि सरकार के द्वारा एक चैन बनी हुई है। किसान का संबंध आढ़ती से और आढ़ती का राइस मिलर से। उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ जाते ही हर रोज खरीद करने के आदेश पारित करवाता हुं। इस मौके पर एसडीएम संजय कुमार मार्केटिंग बोर्ड के जेड म ई ओ हवा सिंह खोबरा, कृषि एवं कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद, मार्किटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता सतपाल, सचिव सतबीर राविश, रामफल व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री के कमेटी से बाहर निकलते ही लगी समस्याओं की लाइन।
मंत्री ने कमेटी के अंदर उपस्थित अधिकारियों से समस्याओं को हल करने की कही तो उन्होंने एक स्वर में मंत्री को अवगत करवाया की मंडी में कोई भी समस्या नही है। जिस पर मंत्री ने कहा कि जिसे गेट से वह आये है, वहां बहुत गंदगी है। जिस पर अधिकारियों ने बताया की वह जमीन उनकी न होकर नगर परिषद् की है, परन्तु जैसे ही वह बाहर निकले तो सबसे पहले लोगों ने कैंटीन में दिन में दो बार खाना दिये जाने की मांग रखी। मंत्री ने तत्काल मार्केट कमेटी के अधिकारियों से समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे चालू करने के आदेश दिये। उसके बाद मजदूर प्रधान बलवान के नेतृत्व में उनसे मिला और मजदूरों के विश्राम गृह की मांग रखी तो मंत्री ने अधिकारियों से यह समस्या दुर करने की कही। उसके बाद जैस ही मंत्री कार में बैठने लगा तो पास ही कीचड़ देखकर बोले की ये क्या है। इस पर अधिकारी तत्काल बोले की कल ही बरसात हुई है। जिस कारण से यहां पानी खड़ा होने से कीचड़ है। मंत्री ने कहा कि मंत्री से पानी की निकासी का प्रबंध करे। जबकि आढ़ती अपनी समस्या रखने को लेकर देखते ही रह गये।

अधिकारियों को खरीद शुरू होने का भी पता नही।
मंत्री ने बताया की धान की खरीद 25 सितंबर से शुरू कर दी जायेगी, परन्तु जिले के अधिकारियों को इस बात की जानकारी नही है। सभी अधिकारी 1 अक्तूबर से खरीद शुरू होने की कह रहे है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डी एफ एस सी प्रमोद शर्मा ने बताया की खरीद 1 अक्तूबर से शुरू होगी। ऊपर से अभी धान खरीद एजेंसियों की लिस्ट भी नही आई है। यह लिस्ट सोमवार 27 सितंबर को आयेंगे।
फोटो सहित

संबंधित अधिकारी जोहड़ से अवैध कब्जों को हटवाने का कार्य करें तेज : डीसी

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जिला कष्टï निवारण समिति की बैठक में 9 मामलों का हुआ समाधान, संबंधित अधिकारी जोहड़ से अवैध कब्जों को हटवाने का कार्य करें तेज : डीसी प्रदीप दहिया
डीसी प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई जिला कष्टï निवारण समिति की बैठक, 7 पैंडिंग मामलों को सुना जाएगा अगली बैठक में
कैथल, 9 सितंबर (कृष्ण गर्ग)
उपायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से जोहड़ों पर कब्जों की शिकायतें जिला प्रशासन के संज्ञान में आ रही है, इसलिए सभी ग्रामीणों से अपील है कि समय रहते जोहड़ से अवैध कब्जे हटा लें और संबंधित अधिकारी कब्जे हटवाने का कार्य तेज करें। अधिकत्तर गांवों में पानी निकासी की समस्या का कारण अवैध कब्जे भी है। संबंधित अधिकारी भविष्य में मानसून से पहले जोहड़ों को खाली करना सुनिश्चित करें, ताकि गांवों में बरसात होने पर जलभराव की स्थिति न बनें।
उपायुक्त प्रदीप दहिया वीरवार को लघु सचिवालय स्थित ईवीएम वेयर हाउस में जिला कष्टï निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान बोल रहे थे। उपायुक्त ने बैठक में पुरानी व नई 16 शिकायतों को सुना, जिसमें 7 पुरानी शिकायतों में से 4 मामलों का समाधान किया, जबकि 9 नई शिकायतों में 5 मामलों का समाधान किया। पुरानी व नई शिकायतों को मिलाकर 7 मामले लंबित हैं, जिन्हें अगली बैठक में सुना जाएगा। उपायुक्त प्रदीप दहिया ने गांव संगरौली निवासी सतपाल की अवैध कब्जे से संंबंधित शिकायत सुन रहे थे। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जसविंद्र सिंह ने मामले में कार्रवाई करते हुए संगरौली गांव में तालाब पर नाजायज कब्जे का हटवा दिया है। कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उपायुक्त द्वारा संबंधित बीडीपीओ फूल सिंह को पूर्ण जांच करने के निर्देश दिए।
बाकल गांव निवासी बलिहार सिंह ने शिकायत की कि सीआईए स्टाफ द्वारा उन्हें चोरी के मामले में उठाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया, जिसके लिए उपायुक्त ने अगली बैठक में संबंधित अधिकारी को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। डीग गांव निवासी बलजीत ने बिजली कर्मचारियों के खिलाफ दुव्र्यवहार करने व बिजली डिफाल्टर को किसी दूसरे के नाम पर बिजली कनैक्शन जारी करने की शिकायत दी थी, जिस पर उपायुक्त ने यूएचबीवीएन के अधीक्षक अभियंता को मामले में जांच करने के निर्देश दिए। कैथल वार्ड नंबर 29 के रहने वाले रघुबीर सिंह ने शिकायत की थी कि उसे लाडली स्कीम के तहत पैंशन मिलती थी। उसकी 60 साल से अधिक उम्र होने के बाद उसकी पैंशन लाडली स्कीम से बुढ़ापा पैंशन में बदल दी गई, लेकि 6 महीनें से उसे बुढ़ापा पैंशन नही मिली है, जिसकी रिकवरी की मांग उनकी तरफ से की गई। मामले में उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को पिछले 6 महीनें की लंबित पैंशन को जारी करने के निर्देश दिए।
आहूं गांव के चांदी राम ने गांव से शराब के ठेके को शिफ्ट करने की मांग की थी, जिसे उप आबकारी एवं काराधान विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए ठेके को शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्टï है। ढुंढवा के बजिंद्र व दयौहरा गांव की बाला देवी द्वारा खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर शिकायत की थी, जिसमें उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मुआवजा उन किसानों को मिलता है, जिन्होंने किसी बैंक से फसल बीमा करवाया हो या लोन लिया हो। संबंधित शिकायतकर्ताओं ने फसल का कोई बीमा नही करवाया था, इस वजह से यह दोनों इसके पात्र नहीं हैं। गांव खेड़ी गुलाम गांव के बलजीत सिंह ने शिकायत की थी कि उसने धान की फसल आढ़ती को बेची, जिसमें आढ़ती द्वारा पूरे पैसे नहीं दिए और पैसे देने से इनकार कर रहा है। इस मामले को लेकर उपायुक्त ने डीएमईओ को जांच करने के निर्देश दिए। पहले से लंबित मोनू बत्तरा द्वारा दी गई शिकायत के संदर्भ में उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी से उनके द्वारा की गई कार्रवाई को सुना और शिकायतकर्ता को फीस जमा करवाने को कहा।
शिकायतकर्ता ने स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके लिए मौके पर मौजूद डीएसपी को जांच उपरांत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गांव पिलनी निवासी राजकुमार ने शिकायत की थी कि उन्हें 100 गज का प्लाट अलाट किया गया था, प्लाट में बिजली का टावर लगा हुआ है। उन्होंने अनुरोध किया था कि उस प्लाट की जगह दूसरा प्लाट अलाट करें। मामले में उपायुक्त ने डीडीपीओ को जांच करने व सीटीएम को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। पूंडरी के रहने वाले प्रेम चंद ने प्लाट की कम्पाउंड फीस वापिस दिलवाने को लेकर शिकायत की थी, जिसमें उपायुक्त द्वारा संंबंधित संपदा अधिकारी को उच्च अधिकारियों से बातचीत कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा तारागढ़ के बलदेवा, सीवन निवासी बलराम, जसवंती गांव के बलविंद्र सिंह की शिकायतों को भी सुना गया।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त समवर्तक सिंह, एसडीएम संजय सिंह, नवीन कुमार, विरेंद्र ढुल, सीटीएम अमित कुमार, नगर आयुक्त कुलधीर सिंह, अधीक्षक अभियंता बीएस रंगा, अशोक खंडुजा, एमडी शुगर मिल प्रीतपाल सिंह, आरटीए सत्यवान सिंह के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो- केटीएल01

कैथल में कई करोडों का घोटाला, सता व विपक्षी नेताओं ने लगाये आरोप, ध्यान दे सरकार।

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कैथल में कई करोडों का घोटाला, सता व विपक्षी नेताओं ने लगाये आरोप, ध्यान दे सरकार।
कैथल, 24,अगस्त(कृष्ण गर्ग)
कैथल जिला परिषद में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की अब परत खुलती नजर आ रही है।बीजेपी विधायक लीलाराम द्वारा तथ्यों के साथ दस्तावेज प्रस्तुत करने एवं मीडिया द्वारा घोटाले की खबरे प्रकाशित करने के बाद सरकार के कानों में जूं रेंगी और राज्य

सरकार ने इस घोटाले की जांच स्टेट विजिलेंस, विभागीय विजिलेंस व एडीसी को सौंपी। क्राइम इनवेस्टीगेशन ब्यूरों के महानिदेशक आर के कौशिक का आरोप है कि पंचायतराज एवं विकास विभाग की नोटिफिकिशन को दरकिनार करते हुए तत्कालीन

जिला परिषद की सीईओ कमलप्रीत कौर ने करीब 32 करोड़ रुपये के वर्क आर्डर विभागीय तौर पर कार्य करवाने बारे जारी कर दिए। नियमों को ताक पर रखते हुए बिना हाउस के चेयरपर्सन की सिफारिश पर टाइड व अनटाइड की 31.64 करोड़ की ग्रांट

की राशि से करीब 683 विकास कार्यों को मंजूरी दी थी।
वहीं अब मामले को खंगालने के लिए जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने पत्र क्रमांक 11669-75 दिनांक 20 अगस्त 2021 के माध्यम से कमेटी का गठन किया है। कमेटी को 10 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
कमेटी में जिला परिषद के लेखा अधिकारी, गुहला, संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कलायत और राजौंद खंड के लिए पंचायती राज के उपमंडल अधिकारी विवेक गुप्ता, खंड सीवन, ढांड और पूंडरी पंचायती राज के उपमंडल अधिकारी राकेश

गुप्ता, संबंधित सर्कल के खंड के पंचायती राज के कनिष्ठ अभियंता और ग्राम सचिव को शामिल किया गया है।
पॉवर 10 लाख की, आदेश जारी किए 3.25 करोड़ के।
आरोप है कि 15वें वित्तीय आयोग की राशि से 3.25 करोड़ रुपये के सैंकड़ों कार्य विभागीय तौर पर कार्य करवाने बारे आदेश जारी कर दिए, इतना ही नहीं हरियाणा सरकार के पंचायत विभाग के प्रधान सचिव के निदेर्शानुसार विभागीय कार्य केवल एक

लाख रुपये तक करवाए जा सकते हैं। उप मंडल अधिकारी केवल 10 लाख के एस्टीमेट तकनीकी रूप से स्वीकृत कर सकते थे न कि 10 लाख रुपए तक के विभागीय कार्य करवा सकते थे। उक्त अधिकारियों ने इन सभी कार्यों के टेंडर लगवाने की बजाय

विभागीय तौर पर करवाकर सरकार को करीब 10-15 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है।
इसके पश्चात इन कार्यो को करवाने का जिम्मा तत्कालीन उपमंडल अधिकारी नवीन गोयत को सौंपा गया। यह भी आरोप है कि निर्माण सामग्री की खरीद-फरोख्त में भी गोलमाल किया गया। सामाजिक संस्थाओं का आरोप है कि पंचायती राज विभाग के

अधिकारी एक दूसरे से मिले हुए हैं, इसलिए जांच किसी दूसरे विभाग के क्लास वन तकनीकी अधिकारियों से करवाई जाए ताकि फर्जी अदायगी पर रोक लगाकर सरकार को करोड़ों रुपये से चूना लगाने से रोका जा सके। यह भी आरोप है कि कुछ अधिक

ारी पार्षदों के साथ मिलकर जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी को झूठी रिपोर्ट पेश कर रहे हैं ताकि वह अपनी अदायगी करवा सकें।

15 दिन में एक जेई व एसडीओ ने बनाए थे करीब 25 करोड़ के बिल
शिकायत में आरोप लगाया है कि जिला परिषद में हुए इस गोलमाल को लेकर कनिष्ठ अभियंता जसवीर संधु व एसडीओ नवीन गोयत ने करीब 15 दिन में 600 से अधिक कार्यों के करीब 25 करोड़ रुपए के मैटिरियल की मनमर्जी तरीके से खरीद की हैं।
आरोप है कि जेई ने इसमें से 18 करोड़ रुपए के बिलों की अदायगी भी करवा दी। इसमें से अब 8 से करीब 10 करोड़ रुपए की अदायगी पैंडिग है। आरोप है कि इस अदायगी में भी गोलमाल हो सकता है।
कुछ शीर्ष अधिकारी इस मामले में अब भी गोलमाल करने के चक्कर में है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने कुछ गलियां अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए व्यक्तिगत जमीन पर बनाई गई हैं। यह भी आरोप है कि कोटेशन में मार्केट रेट से अधिक के रेट

दर्शाए गए हैं। गोलमाल करने के लिए पंचायतों द्वारा बनाई गई गलियों को दोबारा से स्वीकृत करवाकर अदायगी का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वित्त 2020-21 में जिला परिषद की तरफ से गांव के विकास को लेकर 31 करोड़ 64 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। इसके अलावा वित्तीय आयोग से 3 करोड़ 25 लाख व स्कूलों के सौंदर्यकरण के लिए एक करोड़ 62 लाख

रुपए जारी हुए। इन पैसों ने स्कूलों का सौंदर्यकरण, गांवों व तालाबों की साफ सफाई, गांव की गलियों, चौपाल व सामुदायिक केंद्र के निर्माण कार्य किया जाना था।
आरोप है कि इन पैसों के विकास की बजाय अधिकारियों ने फर्जी बिल व लेबर मस्ट्रोल तैयार करके जिले में एक घोटाला किया। इस घोटाले से पर्दा उठाने के लिए पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, विधायक लीला राम, जजपा नेता राजू पाई व

जिला परिषद की निवर्तमान पार्षद सुदेश उर्फ बबली एवं सामाजिक संस्थाएं भी आगे आई। यही नहीं पार्षद सुदेश उर्फ बबली अपने पति बिल्लू चंदाना के साथ एक दिन का अनशन भी किया था।

कांग्रेस ने हमेशा शहीदों के सम्मान को ठुकराया, उनकी प्राथमिकता इंदिरा-राजीव गांधी रहे- धनखड

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कैथल, 10 अगस्त (कृष्ण गर्ग)
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि शहीदों का बलिदान, उनका शौर्य और उनकी विचारधारा हमें बच्चे-बच्चे को याद करानी है, ताकि वो देश के गौरवशाली इतिहास और शहादत की गम्भीरता को समझें। उन्हें जानना होगा कि कैसे कांग्रेस ने हमेशा शहीदों का अपमान करते हुए इंदिरा-राजीव गांधी को प्राथमिकता दी और अटल बिहारी वाजपेयी ने शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके गांव तक सम्मान पहुंचाने की परंपरा शुरू की।
महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा स्थानीय विधायक कमलेश के आमंत्रण पर विधानसभा स्तर पर आयोजित शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा में मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा वीरों की धरती है औरजब बलिदान की बात आती है तो हरियाणा के जवान सबसे आगे होते हैं। वो जवान तिरंगे के सम्मान में अपना बलिदान देते हैं। उन्होंने शहीदों के प्रति कांग्रेस की असम्मान की भावना का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने शहीदों के इतिहास को हमेशा ठुकराया है और ेवल इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक के इतिहास को थोपने का काम किया। हमारा भारत अखंड है, क्योंकि सरदार पटेल ने इसे एकता की विचारधारा से सींचा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी विचारधारा पर राष्ट्रीयता एवं शहीदों के सम्मान की भावना को जमीनी आधार देने का काम अटल बिहारी वाजपेयी शासन के दौरान हुआ। उनके कारण हमारे शहीदों के पार्थिव शरीर उनके गांव तक पहुंचने की परंपरा शुरू हुई। शहीद का सम्मान उनकी प्राथमिकता थी। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि हम आजादी के इतिहास को भूलने नहीं देंगे। हम प्रदेश के एक-एक बच्चे को याद कराएंगे कि सरफरोशी की तमन्ना किसने गाया था। हम हर शहीद के सम्मान को बार-बार याद दिलाएंगे। आज यहां सेसबको शहीदों का शौर्य और उनकी सोच युवाओं के अंदर ले जाने की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।
कार्यक्रम संयोजक महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कलायत के कोने-कोने से आए हजारों नागरिकों के जोश और उत्साह को सराहना करते हुए कहा कि यह कलायत विधानसभा के लोगों की ताकत है, जो शहीदों के सम्मान में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें वीरों के प्रति सम्मान की परंपरा निभाने का फर्ज अदा करना है। भाजपा महज एक राजनीतिक संगठन नहीं है, अपितु अपने देश के प्रति समर्पित होकर, देश के विकास, यहां रहने वाले लोगों के उत्थान, यहां की सामाजिक, परंपराओं को सहेजने में विश्वास रखने वाला परिवार है। आज हम सब अपने देश की आन, बान, शान को बढाने में अपना सबकुछ, अपना जीवन न्यौछावर करने वाले शहीदों के सम्मान में एकत्रित हुए हैं। राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि शहीदों के सम्मान में यह तिरंगा यात्रा एक आगाज है, ताकि हमारे युवा शहीदों के प्रति अपनी सोच को बदले और उनके प्रति मन में सम्मान की भावना लाएं। शहीदों के सम्मान में यह तिरंगा यात्रा एक बिगुल है, ऐसे लोगों की नकारात्मक विचारधारा के खिलाफ। जो देश के प्रति सम्मान नहीं रखते, जो हमारे शहीदों के प्रति सम्मान का भाव नहीं रखते।
राज्यमंत्री ढांडा ने कहा कि यह देश हमारा है और इस देश के लिए अपने सपने, अपने घर-परिवार को दांव पर लगाने वाले हर उस ज्ञान और अज्ञात भारतीय नागरिक की शहादत को हमें भूलना नहीं है। आज कुछ लोगों को ऐतराज है कि भाजपा तिरंगा यात्रा्यों निकालती है।आज मैं कहना चाहती हूं कि यह हमारा देश है और अपने देश, अपने समाज, अपने इलाके का मान-सम्मान बढाने वाले शहीद, उनके परिवार वालों के सम्मान में हमें खडे होने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने आह्वान किया कि शहीद व उनके परिवार हम सभी की धरोहर हैं। जिस प्रकार उन्होंने देश की सीमाओं पर सीना चौडा करके रक्षा करने का फर्ज निभाया है। उसी प्रकार हमें भी अपने आसपास शहीद व उनके परिवार के प्रति सम्मान दर्शाने का फर्ज निरंतर निभाना है। उन्होंने युवाओं से, अपने देश, समाज के लिए वह कमर कस लें। उन्होंने कहा कि आप युवा हो, देश के भविष्य के निर्माता हो। इसलिए आज आप सभी संकल्प लें कि असामाजिक ताकतों द्वारा देश के खिलाफ जिस विचारधारा का प्रचार-्रसार छोटे-मोटे लालच देकर करने की कोशिश की जा रही है, उसे रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दें। शहीद तिरंगा यात्रा अनाज मंडी से चलकर कैंची चौक होते हुए महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन तक पहुंची, जिसमें हजारों नागरिकों ने शिरकत करते हुए भारत माता की जयकारे से कस्बे को गुंजायमान रखा।
फोटो -केटीएल01

रोजी रोटी के चलते संकट में कुछ आढ़तियों को मिली राहत।

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रोजी रोटी के चलते संकट में कुछ आढ़तियों को मिली राहत।
कैथल, 29 जून(कृष्ण गर्ग)
कैथल की अनाज मंडी के 342 आढ़तियों में से 199 को राहत मिल गई है, परन्तु बाकी के सामने उनकी रोजी रोटी का संकट बरकरार है। मामला किसानों की फसल बेचने के लिये कमेटी से बने आढ़त के लाइसेंस रिन्यू का है। विदित रहे की किसानों की

फसल बेचने के लिये मार्केट कमेटी से लाइसेंस जारी होते है। जिनकी मियाद 1 वर्ष से 3 वर्ष की होती है। मियाद के बाद आगे के लिये ये लाइसेंस रिन्यू करवाने होते है। कैथल की दोनों अनाज मंडियों में यही लाइसेंस रिन्यू करवाने को लेकर 2017 से संक

ट चल रहा था। उस समय से लाइसेंस प्रति वर्ष अस्थाई तौर पर रिन्यू कर दिये जाते थे। अब की बार भी दोनों मंडियों के सभी आढ़तियों द्वारा अपने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिये आवेदन मार्केट कमेटी में जमा करवाये थे। जिस आढ़तियों के पास 10 गुना

85 की दुकान अपनी थी या किराये पर थी, उनके लाइसेंस रिन्यू कर दिये गये थे। जिनके पास अपनी दुकान व पुरी दुकान का किराया नामा नही था और पिछले चार वर्षों से अस्थाई रूप से रिन्यू हो रहे थे, ऐसे 342 आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार

कर दिया था। जिस पर दोनों मंडियों से 201 आढ़तियों ने पंजाब एण्ड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण में गये थे, जिनमें से 2 आढ़तियों ने अपने नाम वापस ले लिये थे। माननीय हाईकोर्ट ने उन सभी 199 आढ़तियों को फाइनल फैसले तक अपना आढ़त का क

ारोबार करने की इजाजत दे दी है। जिन्होंने कोर्ट में अपील नही की थी, अब उनके सामने यह संकट बरकरार है।

खुशी में आढ़तियों ने की मिटिंग
हाईकोर्ट से राहत मिलने की खुशी में मंडी के सेकड़ों आढ़तियों ने मंडी स्थित मंदिर में एक बैठक का आयोजन किया। एक दूसरे को बधाई दी और मिठाई खिलाई। बैठक में मंडी प्रधान श्याम लाल नोच ने बताया कि अब आढ़ती बिना किसी टैंशन के

अपना कारोबार कर सकते है। बैठक में कैथल के विधायक लीला राम का भी धन्यवाद किया और कहा कि वह भीे आढ़तियों की इस समस्या को लेकर दिन रात एक करके फिरते रहे, बेशक से समस्या हल न हुई हो। बैठक में जिला कैथल अनाज मंडी

प्रधान अश्वनी शोरेवाला, मंडी प्रधान श्याम लाल, धर्मपाल कटवाड़, जसमेर ढांडा, कृष्ण चंदाना, बीरभान जैन, जयकिशन मान आदि अनेक आढ़ती मौजूद थे।

अपील करने वाले 199 आढ़ती बेरोक टोक के कर सकते है अपना कार्य- प्रताप
इस बारे में आढ़तियों के वकील प्रताप सिंह ने बताया कि अगली तारीख 10 नवंबर की है, परन्तु जब तक फैसला नही होता तब तक 199 आढ़ती बेरोक टोक के कार्य कर सकते है। उन्होंने बताया कि लाइसेंस रद्द नही होते, परन्तु उन पर कार्य करने के

आदेश दिये जाते है।

बोर्ड लेगा निर्णय- सचिव
इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव रोशन लाल ने बताया की 199 आढ़ती अपना कार्य कर सकते है। उनके आवेदनों व आई रिन्यू की फीस पर फैसला बोर्ड लेगा। बाकी जो आढ़ती कोर्ट में नही गये वे अपना कार्य नही कर सकते। उनके लाइसेंस की मियाद

समाप्त हो गई है। उनके आवेदन वापस कर दिये जा सकते है।
फोटो- कोर्ट के निर्णय से खुश आढती बैठक करते हुये।

न तो सरकार को और न ही हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को कई हजारों लोगों की रोजी रोटी पर जरा सा रहम नही आया i बोर्ड के नियमों को ताक पर अब भी जारी है रिश्वत का खेल

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कैथल, 7 जून (कृष्ण गर्ग)
न तो सरकार को और न ही हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को कई हजारों लोगों की रोजी रोटी पर जरा सा रहम नही आया, बल्कि अब भी भ्रष्टाचार की ओर इनका ध्यान है। आढ़ती मुख्यमंत्री से लेकर कई नेताओं के पास अपना रोजगार बचाने के लिये रहम की अपील कर चुके है, जिसके चलते कैथल के सैकड़ों आढ़तियों को हाई कोर्ट की शरण में जाना पड़ता। यदि हाईकोर्ट मार्केटिंग बोर्ड के नियम लागू करता है तो पूरे प्रदेश में लगभग लाखों लोग बेरोजगार हो जायेंगे।
मामला कैथल की अनाज मंडियों के आढ़तियों के आढ़त के लाइसेंस रिन्यू न करने को लेकर है। मार्केटिंग बोर्ड ने नियम बनाया हुआ है कि उनके द्वारा मंडी के अंदर अलाट की गई 20 फूट चौड़ी तथा 85 फूट लम्बी दुकान पर केवल एक लाइसेंस बनाया जा सकता है। कैथल की नई अनाज मंडी में लगभग 137 दुकानें है, जिनमें से 5 दुकानों के प्लाटों पर मार्केट कमेटी बनी हुई है। दो पर सोसाइटी है। ऐसे में केवल लगभग 130 आढ़ती लाइसेंस लेकर अपना कार्य कर सकते है। उधर पुरानी मंडी में लगभग 90 दुकानें है और उन पर केवल 90 आढ़ती ही कार्य कर सकते है। इस प्रकार केवल 220 के लगभग आढ़ती ही कार्य कर सकते है। परन्तु दो मंडियों में इन आढ़तियों की संख्या बढ़ती गई। इस समय लगभग 850 के लगभग आढ़ती कार्य कर रहे है। यह मामला कैथल की अनाज मंडियों का ही नही हैँ, अपितु प्रदेश की अनाज मंडियों का है। लाइसेंस अधिक संख्या में देखते हुये बोर्ड के द्वारा 2012 में नियम बनाया गया कि यदि कोई ब्लड रिलेशन में आढ़त का कार्य करना चाहता है तो वह एक दुकान पर दो लाइसेंस जारी किये जा सकते है। यह संख्या इसी का फायदा उठाते हुये बढ़ गये है। कुछ आढ़ती आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनको अपनी दुकानें बेच कर अपना कार्य सुचारु रूप से जार रखा। कुछ के द्वारा अपनी दुकानों का आधा हिस्सा बेच कर अपना कार्य जारी रखा। मंडी के अंदर बुथ भी बनाये हुये है, जिन पर केवल चाय, कपड़ा तथा करियाना आदि जैसी दुकानें खोली जा सकती है, परन्तु मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने इनको भी नही बक्शा और रिश्वत के बल पर इन पर भी लाइसेंस जारी कर दिये गये।
वर्ष 2012 में कैथल की अनाज मंडी में सचिव के तौर पर आशा रानी आई और उसने आढ़तियों के गुप्त रूप से कहे अनुसार लाइसेंस रिन्यू करने के नाम पर मोटी रिश्वत की मांग की। जो आढ़तियों ने देने से इंकार कर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप उस समय मंडी में जब भी लाइसेंस रिन्यू कामना आया तो इनको कभी टुकड़ों में, तो कभी सालाना देरी से अस्थाई रूप से रिन्यू किया जाने लगा। जो लाइसेंस आधी दुकान पर बना हुआ है, बूथों में बना हुआ है, मंडी से बाहर की दुकानों पर बना हुआ है या एक दुकान पर कई- कई लाइसेंस बने हुये है, सभी को अस्थाई बताया गया। अब कमेटी के द्वारा सभी नियमों पर ताक पर रख इनमें से कुछ को रिन्यू कर दिया गया और इनमें से केवल लगभग 342 लाइसेंस रिन्यू करने से जवाब दे दिया गया।
अब इनमें से जवाब दिये में लगभग 201 आढ़तियों ने हाईकोर्ट में जाकर शरण ली है। जिस पर माननीय कोर्ट ने इनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुये प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व कैथल कमेटी को नोटिस भी जारी किया। कोर्ट ने इनको पहले 3 जुन और 28 जून की तारीख रखी है। जबकि लगभग 141 आढ़ती कोर्ट की शरण में नही गये। जिस कारण से कमेटी के नियम अनुसार उनके लाइसेंस अपने आप रद्द हाक गये है। इधर कमेटी के अधिकारी कह रहे है कि सभी के लाइसेंस जो अस्थाई थे, वे रद्द हो गये है। परन्तु ऐसा नही है। कोर्ट में जाने वाले आढ़तियों को अस्थाई स्टे मिला हुआ है। जिसका फैसला 28 जून को हो जायेगा कि वह पक्का होगा या खारिज होगा।

बोर्ड के नियमों को ताक पर अब भी जारी है रिश्वत का खेल।
इन लाइसेंस को अस्थाई बनाना 2017 में शुरू हो गया था, परन्तु मंडी में दुकान न हो के चलते उसके बाद भी कई दर्जन लाइसेंस जारी किये गये। इतना ही नही कुछ टूल दारों के लाइसेंस, जो आधी दुकानों पर बने हुये है, मंडी से बाहर है या अन्य किस्म के है, उनके लाइसेंस रिन्यू कर दिये गये है। पुरानी मंडी में तो ऐसी दर्जनों दुकानें है, जिन पर आधी पर दाल, घी, चीनी या करियाणा जैसी दुकानें है और आधी पर आढ़त के लाइसेंस बने हुये है। जबकि आधी ऐसी दुकानों को अस्थाई में लेकर रोक लगाई हुई है। ऐसे ही नगर परिषद की कुछ दुकानों पर लाइसेंस है और कुछ पर रोक। मंडी के आढ़तियों का यह भी कहना है कि अब भी ऐसे लाइसेंस बनाये जा रहे है। जिनका पता कुछ है और कार्य कही और हो रहा है। कमेटी के अधिकारी 10 गुना 85 की दुकान की मांग कर रहे है परन्तु बोर्ड के नियम अनुसार केवल ब्लड रिलैशन में ऐसे लाइसेंस जारी हो सकते है। अब बोर्ड ने आन फानन में अपने अधिकारियों को बचाने के लिये बूथों पर लाइसेंस देने के लियेे फीस 600 से बढा कर 15 हजार कर दी है। कुल मिला कर एक हंडी में दो पेट किये जा रहे है। ऐसे में यदि कैथल के ये लाइसेंस समाप्त होते है तो ये पूरे प्रदेश में इन नियमों को लागू करने के लिये कहेंगे।

बोर्ड ने एक काम के लिये बनाये गये दो नियम।
बोर्ड के द्वारा किसानों की फसल बेचने के लिये दो नियम बनाये गये। कुछ जगह आढ़ती दुकान की बजाये तम्बू लगाकर किसानों की फसल बेचने के लिये लाइसेंस जारी किये जाते है और मंडियों में करोड़ों की दुकानें लेने के लिये कहा जाता है। गरीब व्यक्ति इतनी मंहगी दुकान कैसे लेगा। जबकि सरकार द्वारा जारी बजट में ऐसी कोई नियम नही है।

मार्केट कमेटी के द्वारा रिन्यू बारे कागज व फीस भी नही लोटाई
आढ़तियों ने बताया कि कमेटी के द्वारा उनसे उनके लाइसेंस रिन्यू करने के लिये अप्रैल माह में कागज व फीस ली हुई है। सभी को डेरी नम्बर भी दिये हुये है। दो माह बाद भी न तो लाइसेंस रिन्यू किये गये और न ही रिन्यू न करने की सूचना दी गई। अब वे कमेटी में ही जमा है। एक महीने में डी डी व चेकों की मियाद खत्म हो जायेगी।

बोर्ड से आदेश न आने के चलते आढ़ती कोर्ट में चले गये- सचिव
इस बारे में कमेटी सचिव रोशन लाल ने बताया कि आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू के लिये कागज व फीस जमा है। बोर्ड से रिन्यू के लिये कोई आदेश नही आये और आढ़ती हाईकोर्ट में चले गये। 20 गुणा 85 पर एक लाइसेंस बनाया जा सकता है, दूसरा ब्लड रिलेशन में बन सकता है, परन्तु हमने 10 गुना 85 पर लाइसेंस की छूट दी हुई है। अब व 2017 के बाद बनने वाले सभी लाइसेंसों की जांच की जायेगी। लाइसेंस बनने व कार्य करने का एक ही पता होना चाहिये। नियम पुरा ने करने पर यदि कोई लाइसेंस गलती से बन गया या रिन्यू हो गया तो उसकी भी जांच पड़ताल होगी।
फोटो- केटीएल01- मार्केट कमेटी कैथल जिसके द्वारा रिन्यू किये जाने है लाइसेंस।

सरकार यदि किसी को रोजगार नही दे सकती तो अपने मकान व दुकान बेच कर लोगों से उनकी रोजी रोटी न छिने।

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सरकार से मांग,
सरकार यदि किसी को रोजगार नही दे सकती तो अपने मकान व दुकान बेच कर लोगों से उनकी रोजी रोटी न छिने।
कैथल, 23 मई(कृष्ण गर्ग)
सरकार द्वारा आढ़तियों से रोजगार छिनने के मामले में एक बैठक हुई। बैठक में आढ़तियों ने अपनी दुख भरी दास्ताना बताते हुये सरकार से मांग की है कि वह यदि किसी को रोजगार मुहैया नही करवा सकती तो उनसे रोजगार न छिने। आढ़ती अपना यह रोजगार अपनी दुकानें व मकान बेचकर चला रहे है और इसके माध्यम से ही उनको व उनके परिवार को रोजी रोटी मिल रही है। मामला आढ़तियों के आढ़त के लाइसेंस रिन्यू न करने का है।
हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के द्वारा कैथल की नई व पुरानी अनाज मंडी के कुछ आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करने से साफ कर दिया। जिस पर आढ़तियों ने मंडी के मंदिर में एक बैठक का आयोजन भी किया। बैठक की अध्यक्षता मंडी प्रधान श्याम लाल नोच ने की। इस दौरान उन्होंने बताया कि आढ़तियोंं ने अपने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिये सभी कागज तैयार करके और साल की फीस का डी डी बनाकर मार्केट कमेटी में अप्रैल माह में जमा करवा था। कमेटी के द्वारा उनका लाइसेंस रिन्यू नही किया गया तो वे पंचकुला मार्केटिंग बोर्ड में सी ए यादव से मिले। सी ए ने साफ शब्दों में कह दिया है कि ये लाइसेंस रिन्यू नही हो सकते। पहले ये प्रोविजनल तौर पर बनते आ रहे थे। अब इसकी फाइल जांच पड़ताल होकर बंद हो चुकी है।
बस इसी को लेकर बैठक बुलाई है और आढ़ती अपनी अपनी- अपनी राय रखे। सभी आढ़तियों ने अपनी राय रखी और मामला हाईकोर्ट में ले जाने के साथ- साथ मुख्यमंत्री से भी दखल देने की मांग रखी है। आढ़तियों ने मुख्य मंत्री से मांग की, कि सरकार यदि रोजगार नही दे सकती तो चल रहा रोजगार न छिने। उन्होंने बताया कि उसने ये लाइसेंस काफी पुराने है। उस समय उनके पास दुकानें थी। किसी कारण नुकसान के चलते उन्होंने अपनी दुकानें व घर बेच कर किसानों को पैसे देकर रोजगार चलाया हुआ है। यदि उनसे यह भी छिन गया तो वे न घर के रहेंगे, न घाट के। वे विस्तार मंडी में भी दुकानें नही खरीद सकते, क्योंकि यदि पूंजी वहां लगा दी तो व्यापार कैसे करेंगे। जैसे ही उनके पास जुगाड़ बन जायेगा तो वे उस मंडी में दुकानें खरीद कर लेंगे। उन्होंने बताया कि वे अपने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिये 2017 से लड़ाई लड़ रहे है। पिछले वर्ष 354 लाइसेंस रिन्यू किये गये थे और अब लगभग 260 आढ़तियों ने रिन्यू करने के लिये आवेदन किया है। बैठक में जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला, धर्मपाल कटवाड, कृष्ण शर्मा चंदाना, ़, जय किशन मान, जसमेर ढांडा, पवन बंसल, पवन कोटड़ा, ऋषि पाल गुप्ता आदि सेंकड़ों आढ़ती उपस्थित थे।
फोटो- केटीएल01- लाइसेंस रिन्यू करवाने हेतू विचार विमर्श करते आढ़ती।

कमियां उजागर करने पर एफ आई आर दर्ज, वकील ने भेजा नोटिस

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कमियां उजागर करने पर एफ आई आर दर्ज, वकील ने भेजा नोटिस
कैथल, 15 मइ्र्र, (कृष्ण गर्ग)
गत 11 मई को बदसुई निवासी एक ग्रामीण अपनी मां का पता लेने के लिये करोना वार्ड में गया था तो उसने वहां जाकर देखा कि वार्ड की स्थिति बहुत खराब है तो उसने एक विडियां बनाई तथा किसी अन्य से दो विडियों लेकर सोशल मिडियां की साइट

पर अपलोड कर दिया। विडियों देख कर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लिया और नोटिस जारी किया। जिस पर तिल मिला कर विभाग के एक चिकित्सक ने उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस को दी शिकायत में

राजीव मित्तल ने बताया कि वह आइसोलेशन वार्ड का इंचार्ज है। 11 मई को एक व्यक्ति ने जबरन आइसोलेशन वार्ड में घुसकर सुरक्षा गार्ड के साथ धक्का-मुक्की की। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाते हुए महिला शौचालय में जाकर महिलाओं की वीडियो भी

बनाई और स्टॉफ के साथ दुव्र्यवहार किया। इसके बाद इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बाद में पता चला कि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति हरदीप बदसूई है। थाना सिविल लाइन प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने शिकायत अनुसार केस दर्ज

कर लिया है। मामले की जांच जारी है। विदित रहे कि इन वीडियो के वायरल होने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग सहित जिला प्रशासन के कोविड संकट में प्रबंधों पर इलाज पर सवाल उठे हैं। बड़े स्तर पर सरकार के नेताओं व अधिकारियों तक को जवाब

देना पड़ा। उधर मामला दर्ज करने पर प्रसिद्ध वकील प्रदीप रोपडियां ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवेहलना करने पर पुलिस तथा प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।

प्रदेश सरकार का कारनामा, तालों के अंदर खरीद की किसानों की फसल

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प्रदेश सरकार का कारनामा, तालों के अंदर खरीद की किसानों की फसल
कैथल, 15 मइ्र्र, (कृष्ण गर्ग)
प्रदेश सरकार ने शनिवार को 17 दिनों के बाद दो दिन के धरने प्रदर्शन करने के बाद किसानों की गेहूं की फसल की खरीद तालों के अंदर की, जब जाकर आढ़तियों तथा किसानों को कुछ राहत की सांस मिली। विदित रहे कि पिछले माह सरकार ने 29 अप्रैल

को किसानों की उनकी गेहूं की फसल की खरीद की थी। उस समय शनिवार और रविवार को मंडियों में पड़े गेहूं के उठान की कह सरकार ने खरीद बंद करदी थी। मौशम विभाग ने भी घोष्णा कि थी की 2 व 3 मई को बरसात होगी और उसको देख कर

सरकार ने ये दो दिन भी खरीद बंद करने और उठान की कही थी। सरकार ने कहा था कि 4 मई से किसानों की गेहूं की फसल की खरीद सुचारू रूूप से कि जायेगी, परन्तु प्रदेश में लाक डाउन के चलते 4 मई से भी किसानों की गेहूं की फसल की खरीद

शुरू नही हो पाई। इस दौरान किसान अपनी फसल को मंडियों में लाते रहे और आढ़ती अधिक देर तक रखवाली न करने के कारण बोरियों में भर कर रख दिया था। 15 दिनों के बाद 13 मई से किसानों की इस गेहूं को खरीद करने के आदेश तो आये परन्तु

फसल बारियों में होने के कारण सरकारी अधिकारियों ने खरीद करने से इंकार कर दिया तो किसानों व आढतियों ने मार्केट कमेटी का घेराव कर सरकार के खिलाफ दो दिन तक धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद सरकार ने आदेश दिये कि बारियों में भरी फ

सल की खरीद करी जाये, परन्तु मंडियों के सभी गेट बंद रहेगे तथा कोई भी किसान अपनी फसल लेकर मंडी में नही आयेगा। किसी को भी मंडी में वाहन लेकर आने की अनुमति नही होगी। खरीद एक उच्च अधिकारी की देख रेख में होगी। जिस पर आज

कैथल की अनाज मंडी में किसानों की भरी हुई फसल की खरीद तहसीलदार कैथल सुदेश नेहरा कि देख रेख में तालों के अंदर हुई। इस खरीद पर लोग सरकार का खुब मजाक उडा रहे है कि ऐसी खरीद पहली बार देखी है।
फोटो- केटीएल01- तहसीलदार सुदेश नेहरा कमेटी के अधिकारियों के द्वारा किसान से विडियों ग्राफी से पूछताछ कर फसल की खरीद करते हुये।

कोरोना पीडि़त, अटेंडेंट, जरूरतमंदों के लिए एक काल दूर होगा भोजन, भाजपा महिला मोर्चा पदाधिकारी भी रसोई में करेंगी सेवा : राज्यमंत्री कमलेश ढांडा

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कोरोना पीडि़त, अटेंडेंट, जरूरतमंदों के लिए एक काल दूर होगा भोजन, भाजपा महिला मोर्चा पदाधिकारी भी रसोई में करेंगी सेवा : राज्यमंत्री कमलेश ढांडा
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कोरोना महामारी के मद्देनजर सेवा रसोई भाजपा का किया आगाज
कैथल, 14 मई (कृष्ण गर्ग)
महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने जिला कैथल में भाजपा के सेवा ही संगठन अभियान के तहत सेवा रसोई भाजपा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस रसोई के माध्यम से जिला कैथल के अस्पतालों में उपचाराधीन कोविड 19 के मरीज, उनके सहायकों के साथ-साथ हर जरूरतमंद तक खाना पहुंचाया जाएगा। इसके लिए व्हाट्सएप नम्बर 9416121239 तथा फोन पर जानकारी देने के लिए 9416408244 भी जारी किया गया।
शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के सेक्टर 19 स्थित जिला कार्यालय परिसर में सेवा रसोई भाजपा का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन सदैव जनसेवा के उद्देश्य के लिए तत्पर रहा है। वर्तमान समय मे कोरोना महामारी के मद्देनजर भी संगठन द्वारा जिला स्तर पर प्लाज्मा डोनेशन, आक्सीजन उपलब्धता में सहयोग किया जा रहा है। इसी दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए सेवा रसोई भाजपा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में जिला संयोजक रवि भूषण गर्ग रहेंगे तथा महिला मोर्चा पदाधिकारियों द्वारा खाना तैयार करने में उनका सहयोग किया जाएगा। राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि सेवा रसोई के माध्यम से जिन अस्पतालों में कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने वाले मरीज उपचाराधीन हैं, उनके बाहर सेवा रसोई लगाई जाएगी। जिसके माध्यम से मरीज, उनके सहायकों के लिए सुबह, दोपहर एवं शाम का तैयार भोजन उपलब्ध होगा। यही नहीं पूरे जिले में जरूरतमंद लोगों को भी भोजन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और कोरोना महामारी से बचने के लिए नियमों का पालन करके हम इस महामारी का डटकर मुकाबला कर सकते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क लगाने और अनावश्यक तौर पर बाहर नहीं जाने से जल्द इस स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर, जिला महामंत्री सुरेश संधू, जिला विस्तारक राजेन्द्र खरिंडवा, भाजयुमो नेता आदित्य भारद्वाज, चंद्र प्रकाश गोयल, प्रेम सिंगला, राजकुमार मुखिजा, गौतम बंसल, नरेश गर्ग, भीम सेन अग्रवान, राजकुमार जिन्दल आदि मौजूद रहे।
फोटो- केटीएल01ैै

लाक डाउन के दौरान किसानों ने खुलवाया बाजार

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लाक डाउन के दौरान किसानों ने खुलवाया बाजार
कैथल, 12 मई (कृष्ण गर्ग)
बुधवार को पाई की बड़ी चौपाल में ग्रामीणों की एक बैठक हुई, जिसमें लाक डाउन के दौरान पाई में सभी प्रकार की दुकानें खोलने का निर्णय लिया। बैठक के बाद किसान यूनियन के बैनर तले सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और बंद हुई सभी दुकानें खुलवाई गई। बाद में सुचना पाकर पुंडरी थाना प्रभारी निर्मल सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने ग्रामीणों दिल्ली आंदोलन में कल जाने के लिये कहा।
आज सुबह गांव की बड़ी चौपाल में ग्रामीणों ने किसान यूनियन के बैनर तले एक पंचायत आयोजित की। जिसमें सैकड़ों लोगों, दुकानदारों और किसानों ने भाग लिया। पंचायत की अध्यक्षता किसान यूनियन के कार्यकारी प्रधान बलवान, किसान नेता वीरेंद्र, करतारा राम, सत्यवान ने संयुक्त रूप से की। पंचायत में कहा गया कि अधिक तौर पर करियाना सामन व सब्जियां बिकती है। इन दुकानों पर अब भी भीड़ रहती है, परन्तु दूसरी दुकानों पर सामन कम बिकता है और ग्राहक कम होने के चलते इन पर भीड़ भी कम होती है। सरकार ने भीड़ के कारण लाक डाउन के कारण कम भीड़ वाली दुकानें बंद करवा रखी है, जो गलत है। सभी को समान दृष्टि से रोजी रोटी कमाने का हक है। काफी विचार विमर्श के बाद पंचायत में यह फैसला लिया गया कि पाई में हर रोज सभी प्रकार की दुकानें खुलेगी। गांव में छापे मारी के लिये बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी नही घुसेगा। जब तक लाक डाउन रहेगा, तब तक कोई भी पुलिस कर्मचारी दुकानें बंद करवाने के लिये घुसेगा। पंचायत के बाद किसान यूनियन के द्वारा प्रदर्शन करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और सभी बंद दुकानें खुलवाई गई।
दुकानें खुलवाते समय एक पुलिस कर्मचारी संदीप ने विडियो बनाई तो उससे मोबाइल लेकर फोटो और विडियो डिलिट किया गया। जिस पर उन्होंने तुरंत पुडंरी पुलिस को इसकी सुचना दी। सुचना पाकर थाना प्रभारी निर्मल सिंह गांव में पहुंचे और किसान यूनियन के नेताओं की बैठक ली। बैठक में उन्होंने बताया कि जरूरी सामन की दुकानें छोड़कर बाकी सभी दुकानें सरकार के आदेशानुसार बंद रहेगी और यदि नही माने तो मामला दर्ज किया जायेगा। परन्तु किसान नेता अपनी बात पर अड़े रहे।
उधर पुंडरी थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि वे पाई में गये थे और सरपंच धर्मवीर, पूर्व सरपंच तथा किसान नेताओं के साथ उनकी बातचीत हुई और किसान नेता दूसरी दुकानें न खुलवाने पर सहमत हो गये है। इस पर यदि कोई सरकार के खिलाफ चलता है तो मामला दर्ज किया जायेगा।
फोटो सहित

बारदाना मुक्त करने के विरोध में पुंडरी राजौंद मार्ग जाम, बारदाना युक्त करने के आशवासन खोला जाम

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कैथल, कृष्ण गर्ग
पाई अनाज मंडी को बारदाना मुक्त करने के विरोध में सोमवार को किसानों ने मंडी के गेट को ताला लगाकर पुंडरी राजौंद मार्ग जाम कर दिया। जाम की सुचना पाकर जिला प्रशासन हरकत में आया और कई उच्च अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर जाम खुलवाने का असफल प्रयास किया। अंत में अनाज मंडी के अंदर किसानों ने अपनी फसल डालकर पाई मंडी को बारदाना युक्त करने के आशवासन पर ही जाम खोला। जिस पर मंगलवार से वेयर हाउस के द्वारा मंडी से खरीद शुरू कर दी जायेगी।
विदित रहे कि सरकार ने पाई अनाज मंडी को बारदाना मुक्त कर किसानों की गेहूं की फसल सीधी सोलू माजरा साइलो में भेजने का निर्णय लिया था, जो क्षेत्र के किसानों को मंजूर नही था। जिस कारण से किसानों ने पाई अनाज मंडी के गेट को ताला लगाकर मंडी के सामने ही जाम लगा दिया। जाम की सुचना पाकर कैथल एस डी एम संजय कुमार, डी एफ एस सी प्रमोद शर्मा, डी एम वेयर हाउस, थाना पुंडरी थाना प्रभारी निर्मल सिंह, पाई वेयर हाउस मैनेजर प्रीत पाल सिंह, पाई कमेटी सचिव गुलाब सिंह नैन मौके पर पहुंचे और किसानों मंडी के बारदाना मुक्त करने के अनेक फायदे गिनवाये, परन्तु किसान जाम खोले में टस में मस नही हुये। किसानों ने कहा कि पाई में अनाज मंडी किस लिये बनाई हुई है। किसान अपनी फसल रात को भी उतार कर अपने खेतों में जाकर अपना कार्य संभाल लेता है, परन्तु साइलो में उनको कई- कई दिन अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा। मंडी में आढ़ती उनकी फसल को अपने आप तोल सकते है, जिससे उनका समय बर्बाद नही होता। किसानों ने बताया कि उनकी मंडी में मजदूरी करने वाले मजदूर भूखे मर जायेंगे। किसानों मानता न देख एस डी एम संजय कुमार ने कहा कि किसानों को परेशानी नही आने दी जायेगी। किसान अपनी फसल पाई मंडी में ही डाल कर तोल सकते है। जिस पर जाम में गेहूं से भरी ट्रालियों को पाई अनाज मंडी के अंदर उतार कर ही जाम को खोला। मंडी में किसानों के द्वारा मंगलवार से वेयर हाउस के द्वारा बारदाना भेज कर खरीद शुरू कर दी जायेगी।
फोटो- केटीएल01

गेहूं खरीद बारे में चर्चा, एक निर्यातक पर भी विचार विमर्श।

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गेहूं खरेद बारे में चर्चा, एक नियागर््तक पर भी विचार विमर्श।
कैथल, कृष्ण गर्ग
शुक्रवार को गेहूं की खरीद का कार्य सुचारु रूप से चलाने को लेकर मंडी स्थित मंदिर में नई अनाज मंडी के आढ़तियों की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्यातक लेख राज नरेंद्र कुमार के बारे में भी जम कर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता मंडी प्रधान श्याम लाल गर्ग नोच तथा जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने संयुक्त रूप से की। बैठक में बोलते हुये मंडी प्रधान ने कहा कि सभी आढ़ती सडक़ों पर माल न गिरवाये। किसान की गेहूं की फसल को सही सुखी तथा साफ करके ही तुलवाये। पहले कांटे तक की जिम्मेवारी आढ़ती की है और कोई भी आढ़ती पहले उठवाने के चक्कर में किसी वाहन को रिश्वत न दे। सभी को वाहन समय पर दिये जायेंगे। कांटे पर एसोसिएशन के आदमी को तोल के लिये बैठा जायेगा। तोल कम होने पर आढ़ती को सुचना दी जायेगी। कमेटी में आढ़ती अपने लाइसेंस रिन्यू करवा सकते है। किसानों की फसल तुलते ही आढ़ती पोर्टल पर जे फार्म व आई फार्म बनाकर लदाई की सुचना दे। उस आढ़ती की लदाई बिना रिश्वत के करवाई जायेगी। उन्होंने बताया कि लेख राज नरेंद्र कुमार निर्यातक के मालिक नरेंद्र कुमार का उनके पास फोन आया था और अपने भाई, जो लेख राज एण्ड संस का मालिक है, उसके बारे में बात करना चाहता है। बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि मंडी से कुछ आढ़ती उसको धान देने लग गये है, जो गलत है। इस पर प्रधान ने कहा कि उन्होंने अभी तक कोई धान देने की खोल नही कि है। इस पर आढ़तियों ने कहा कि यदि नरेंद्र कुमार अपने भाई अशोक कुमार के मंडी में देने वाले पैसों के बारे में अपनी पुरी जिम्मेवारी लेकर आते है, तो उसके साथ बात की जायेगी। जब तक लेखराज एण्ड संस के पैसों की कोई बात नही बनती, तब तक मंडी से धान नही दिया जायेगा।
उधर जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि किसी भी आढ़ती के पास कोई भी किसान अपनी फसल डालने के लिये आता है, तो उससे पिछले आढ़ती से नो ड्यूज की पर्ची ले। नकद में किसी भी किसान का फसल बिना नो ड्यूज के न गिरवाये। यदि कोई ऐसा करता है, तो पिछले आढ़ती के पैसों का जिम्मेवार होगा। सारे जिले में ऐसा विचार विमर्श किया जायेगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधान अनूप बंसल, राज किशन उर्फ रज्जी, राज पाल चहल, ईश्वर जैन, सुभाष चंद, धर्मपाल कटवाड़, पवन कोटड़ा आदि उपस्थित थे।
फोटो सहित

पाई की लड़कियों ने तेलंगाना में जमाई धाक

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पाई की लड़कियों ने तेलंगाना में जमाई धाक
कैथल, 27 मार्च (कृष्ण गर्ग)
पाई की बेटियों ने तेलंगाना राज्य में राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में पाई के साथ- साथ जिला कैथल व हरियाणा का नाम रोशन किया है। इसका प्रतियोगिता का आयोजन तेलंगाना राज्य में 47वीं राष्ट्रीय जूनियर नेशनल कबड्डी टूर्नामेंट 22 से 25 मार्च के बीच हुआ। इस खेल कार्यक्रम में सभी राज्यों की टीमों के साथ नेशनल स्पोट्र्स अथॉरिटी (साइं) की टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में गाँव पाई से 6 लडकियों ने इन खेलों में भाग लिया। साईं टीम में रीतू और शीतल व चंडीगढ़ टीम में नीतू और नेहा तथा नवनीत व लवप्रित ने सिक्किम टीम में भाग लिया। गांव की इन खिलाडिय़ों अपनी टीमों की तरफ से खेलते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाई है और दूसरी टीमों के खिलाडिय़ों को नाकों चने चबाने पर मजबूर किया। साईं टीम ने फाइनल में हरियाणा की टीम के साथ खेलते हुए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। इसी प्रकार चंडीगढ़ की टीम तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने में कामयाब रही। इनकी जीत पर गांव में खुशी की लहर है और गाँव के सभी लोगों ने इन लडकियों के खेल की प्रतिभा को देखते हुए अभिभावकों व प्रशिक्षकों को बधाई दी।

कैथल के आढ़तियों ने गेहूं के सीजन में होने वाली अवैध वसूली तथा समस्याओं से अवगत करवाने के लिये मुख्य मंत्री सहित अनेक उच्च अधिकारियों को लिखा पत्र

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कैथल, 16 मार्च कृष्ण गर्ग
कैथल के आढ़तियों ने गेहूं के सीजन में होने वाली अवैध वसूली तथा समस्याओं से अवगत करवाने के लिये मुख्य मंत्री सहित अनेक उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है। मंडी के आढ़ती राम कुमार, कृष्ण गर्ग, राम नारायण, सुरेंद्र, राज पाल चहल, हरि चंद, रामफल, सुरेश चौधरी आदि ने बताया कि प्रति वर्ष गेहूं के सीजन में लदान व शोरटेज के नाम पर कई करोड़ों की अवैध वसूली होती है, जो आढ़तियों के साथ सरासर नाईसाफी है। इससे अवैध वसूली से बचने के लिये उन्होंने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, ए सी एस खाद्य एवं फूड सप्लाई चंडीगढ़, सचिव पंजाब एण्ड हरियाणा, मुख्य गृह सचिव हरियाणा आदि को पत्र के द्वारा लिखा है।
उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसियां एक ही ठेकेदार को उठान का टेंडर देती है और उसके पास वाहन भी कम होते है। दूसरे के वाहन एक ही नम्बर के सभी खरीद एजेंसियों में दिये जाते है। जिस कारण से वाहन कम होने के कारण खरी की हुई गेहूं समय पर उठ नही पाती और गर्मी के कारण सुख जाने के चलते शोरटेज हो जाती है। जिस भरपाई खरीद एजेंसियां आढ़तियों से करती है। जो सरासर गलत है। किसानों से उनकी फसल सरकार या मार्केट कमेटी के द्वारा एस एम एस भेज कर मंगवाई जाती है, जबकि इनको यह नही पता होती कि इस किसान की फसल तैयार है या नही। आढ़ती के माध्यम से पूछ कर ही एस एम एस भेज कर किसानों की फसल मंगवाई जाये। उन्होंने बताया कि गेटपास काटने में भी ना इंसाफी होती है। मंडी के सभी सीवरेज बंद रहते है और किसानों की फसल पानी में तैरती रहती है। उन्होंने बताया कि मंडी में मार्केट कमेटी व सरकार के द्वारा किसानों व आढ़तियों की फसल चोरी होने से बचाने के लिये चौकीदार की व्यवस्था नही है। इसके अलावा मंडी में अनेक समस्यायें है।
आढ़तियों द्वारा बताई गई समस्यायें व निदान –

  1. गेहूं के सीजन में लदान के समय वाहन चालक करोडा़ें रुपये मंडी के आढ़तियों से अवैध वसूली के लेते है। यह समस्या एक ही ट्रांसपोर्टर को ठेका देने के कारण होता है। कृपया इस समस्या के लिये मंडी में से जो खरीद एजेंसियां खरीद करे, तो लदाई का ठेका सभी एजेंसियों का अलग- अलग हो और उनसे ट्रकों के नम्बर भी चैक करे की वे अलग अलग है कि नही। यदि लदान कम हो तो टै्रक्टर- ट्राली आदि भी प्रयोग किया जाये।
  2. मंडी में से खरीद एजेंसियों के द्वारा खरीद किया गया गेहूं तीन दिन के अंदर- अंदर उठान हो। उसके बाद उठान होने पर आढ़ती की शोरटेज, आग लगने, चोरी होने तथा वर्षा में खराब होने की कोई जिम्मेवारी न हो।
  3. खरीद एजेंसियों के तुलाई करने वाले कांटों की हर सप्ताह चैकिेंग हो।
  4. खरीद एजेसियों द्वारा खरीद की गई फसल के बिल आढ़त, मजदूरी समेत लिये जाये और भुगतान भी उसी प्रकार से हो।
  5. कमेटी के द्वारा किसानों व आढ़तियों की फसल चोरी होने से रोकने के लिये सभी गेटों पर चौंकीदार हो। कमेटी का मंडी से प्रति वर्ष अरबों की आमदन होने के बाद भी अभी तक किसी भी चौकीदार को नही रखा गया।
    6.मंडी नीची है और आसपास मंडी के चारों और उंचा है। बाहर के सीवरेज का खासकर रामनगर के सीवरेज मंडी से जोड़े हुये है। जिस कारण से सीवरेज ओवर फ्लो हो जाते है। मार्केट कमेटी के सामने तो बिना बरसात के भी सडक़ तालाब बनी रही है। कई साल से आढ़ती इस सीवर को अलग करके इस समस्या से निजात की गुहार लगा चुके है, परन्तु जिला प्रशासन कुम्भकरणी नींद सोया पड़ा है।
  6. अनाज मंडी बडी है, जिस कारण से यहां पर खरीद हर रोज लाईनों के हिसाब से प्रत्येक खरीद एजेंसी करे और आढ़तियों को गेहूं भरने के लिये बारदाना समय पर दिया जाये।
    8.किसानों की फसल मंडी में आढ़तियों के द्वारा मंगवाई जाये, यदि टोकन के हिसाब से सरकार उनकी गेहूं की फसल मंगवाती है तो किसान अधिक नमी वाली लेकर एक दम आ जायेगे और मंडी के अंदर सुखाने पर जगह की कमी हो जायेगी।
  7. किसानों की फसल मंगवाने के लिये एस एम एस की व्यवस्था आढ़तियों के द्वारा भेजने की करी जाये।

मंडियों में फसल खरीद के लिए सभी इंतजाम हों पूरे

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मंडियों में फसल खरीद के लिए सभी इंतजाम हों पूरे, 39 स्थानों पर होगी फसल की खरीद, सभी स्थानों पर हों गेट पास काटने की समूचित व्यवस्था, किसानों के लिए बिजली, पानी, शौचालय जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं हों मुहैया, किसी प्रकार की लापरवाही होने पर की जाएगी जाएगी सख्त कार्यवाही : डीसी सुजान सिंह
कैथल, 13 मार्च ( कृष्ण गर्ग)
उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि आगामी गेहूं खरीद सीजन को लेकर सभी मंडियों में इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं। जिला में 39 स्थानों पर फसल खरीद का कार्य किया जाएगा। सभी जगहों पर गेट पास काटने के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करें ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो। किसी प्रकार की लापरवाही होने पर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त सुजान सिंह कैम्प ऑफि स कार्यालय में गेहूं खरीद से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी मंडियों व खरीद केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए बिजली, पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नही हो। गेट पास काटने वाले कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दें। सभी चयनित स्थानों पर किसानों की संभावित समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष टीमें बनाएं, जिससे खरीद कार्य सुचारू रूप से चलता रहे और किसानों को भी कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिला में फसल खरीद कार्य के लिए जितने भी संसाधन हैं या जितने संसाधनों की आवश्यकता है, उन सब का ब्योरा तैयार करें और फसल खरीद के कार्य को करने के लिए एक विशेष प्लान बनाया जाए। आई फार्म तथा जे फार्म बनाने में अगर कोई दिक्कत आती है, तो मार्किट कमेटी के अधिकारी पूरी व्यवस्था करें ताकि समय पर दोनों फार्म बन जाएं और किसानों को समय पर फसल का भुगतान हो सके। उन्होंने कहा कि सभी खरीद केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए हैल्प डैस्क भी स्थापित किया जाए।
इस अवसर पर डीएमईओ अजय श्योरान, डीएफएससी प्रमोद कुमार, पीके गुप्ता, कुमार अभिषेक, देवेंद्र सिंह, सविता चौधरी, मंजीत सिंह, नरेंद्र ढुल, दीपक, रोशन लाल, संदीप लोहाण, गुलाब सिंह, सत्यदेव आदि मौजूद रहे।

हरियाणा सरकार के पूर्व पब्लिकसिटी चेयरमैन गिरफ्तार, तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे।

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हरियाणा सरकार के पूर्व ेपब्लिकसिटी चेयरमैन गिरफ्तार, तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे।
कैथल, 9 मार्च (कृष्ण गर्ग)
हरियाणा सरकार में चेयरमैन रहे रॉकी मित्तल उर्फ जयभगवान मितल की अब मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पुलिस के द्वारा गिरफ्तार के करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां पर उनको तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। मंगलवार सुबह दो जिलों की पुलिस, रोकी मित्तल को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची है। बताया जा रहा है कि रॉकी मित्तल को पंचकूला के सेक्टर चार स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है। रॉकी मित्तल को पहले पुलिस पांच सेक्टर के थाने में लेकर गई है। जानकारी के मुताबिक कैथल और पंचकूला पुलिस ने रॉकी मित्तल के घर दबिश दी है। आज कैथल और पंचकूला पुलिस रॉकी मित्तल के आवास पर पहुंची थी जहां से गिरफ्तार क र लिया है। बताया जा रहा है कि रॉकी मित्तल पर करीब छह साल पुराने केस में अब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रॉकी मित्तल ने करीब छह साल पहले जज के साथ बदसलूकी की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाने लिखने पर वो चर्चा में आए थे। जिसके बाद उन्हे चेयरमैन बनाया गया था। अब उनको हरियाणा सरकार के द्वारा पद से हटाया गया था। जिस कारण से रॉकी मित्तल इन दिनों सीएम खट्टर के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं। कैथल पुलिस का कहना है कि रॉकी मित्तल जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और न ही कई बार बुलाने पर थाने आ रहा था। इसलिए आज रॉकी मित्तल को कैथल पुलिस ने पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि गिरफ्तारी से पूर्व रॉकी मित्तल व सिटी एस.एच.ओ. शिव कुमार सैनी के बीच काफी तू-तू मैं-मैं भी हुई और इस दौरान पूरा हंगामा भी किया। अपनी गिरफ्तारी की एक वीडियो भी बनवाकर रॉकी मित्तल ने सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दी। जिसमें पुलिस रॉकी मित्तल को अपने साथ चलने की बात कर रही है।
मामला 2015 का है।
वर्ष 2015 के एक मामले में पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया है। मामला यह है कि 18 मई 2015 में नई अनाज मंडी आढ़ती मुनीष मित्तल हत्याकांड मामले को लेकर जींद रोड पर विरोध प्रदर्शन व जाम के दौरान रॉकी मित्तल ने न्यायाधीश की गाड़ी का रास्ता रोका था और इस दौरान उनके द्वारा अमर्यादित व्यवहार जज के साथ किया गया था।
गानों से मनोहर लाल पर तंज
बतादें कि, रॉकी मित्तल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ मुखर होकर बोल रहे हैं और अपने गाने और अपनी गायकी से खट्टर पर तंज कस रहे हैं। रॉकी मित्तल राजनीतिक विरोध पर कई गाने बना चुके हैं। जिनके चलते उन्हें विवादों का सामना करना पड़ा है। अभी हाल ही में पब्लिसिटी सेल के चेयरमैन के पद से हटने के बाद रॉकी मित्तल ने ‘ओ मोदी खट्टर को हटाओ’ गाना बनाया था जिसने काफी सुर्खियां बटोरीं थीं।

अनाज मंडी में बैठक कर किया सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
जैसे ही पंचकुला से रोकी मितल को गिरफ्तार किया गया तो उसी समय नई अनाज मंडी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडी प्रधान श्याम लाल नोच तथा जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेपाला ने की। बैठक में सरकार के इस फैसले का विरोध किया गया। उसके बाद प्रदर्शन करने के लिये सभी आढ़ती थाना शहर गये।
फोटो- रोकी मितल

नई अनाज मंडी के आढ़तियों की समस्या समाप्त, भाजपा नेता के भाई सर्व सम्मति से बने मंडी प्रधान।

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नई अनाज मंडी के आढ़तियों की समस्या समाप्त, भाजपा नेता के भाई सर्व सम्मति से बने मंडी प्रधान।
कैथल, कृष्ण गर्ग
सोमवार को नई मंडी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में आढ़तियों की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें भाजपा नेता सुरेश गर्ग के बड़े भाई सरपंच श्याम लाल नोच को सर्व सम्मति से नई अनाज मंडी का प्रधान बनाया गया। जिससे मंडी के आढ़तियों को मंडी की दो- दो एसोसिएशन की समस्या से निजात मिली। बैठक सुबह 11.30 बजे शुरू हुई। जिसमें इनके नाम का प्रस्ताव मंडी के पूर्व प्रधान कृष्ण मितल ने रखा। नाम का प्रस्ताव रखने से पूर्व उन्होंने अपने पद से त्याग पत्र दिया। उनके प्रस्ताव को तुरंत सारी मंडी के आढ़तियों ने ताली बजाकर स्वागत किया। श्याम लाल मंडी के पहली बार प्रधान बने है। इससे पूर्व वे गांव नोच में दो बार सरपंच बन चुके है। उधर इसके बड़े भाई देवी लाल मंडी के एक बार प्रधान रह चुके है। नव निर्वाचित प्रधान श्याम लाल नोच ने बताया कि वे मंडी के आढ़तियों ने जो जिम्मेवारी दी है, उसका इमानदारी, लगन तथा मेहनत से निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया की उनके सामने मंडी के सभी आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करवाने, लदान के समय ट्रांसपोर्टर के वाहन चालकों द्वारा करोड़ों ली जाने वाली अवैध वसूली बंद करवाने, लदान सही प्रकार करवाने, निर्यातकों व राइस मिल मालिकों द्वारा आढ़तियों के पैसे मारने वाली समस्या आदि अनेक कार्य करवाने उनकी प्राथमिकता रहेगी। उधर इनको सर्व सम्मति से प्रधान बनाने पर मंडी में खुशी की लहर है। मंडी के आढ़तियों को दो- दो एसोसिएशन की समस्या से छुटकारा मिला। दो एसोसिएशन के कारण मंडी के आढ़तियों को अपना कार्य करने में दिक्कत आ रही थी। इधर मंडी में धर्मपाल कटवाड़ आदि चुनाव में खड़ा होने के लिये अपना प्रचार शुरू किया था, परन्तु मंडी के आढ़तियों के सामने उन्होंने भी अपना चुनाव प्रचार बंद कर दिया और श्याम लाल को समर्थन दे दिया।

ये रहे बैठक में शामिल
मंडी के मंदिर में हुई बैठक में जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान सुरेश चौधरी, कृष्ण मितल, शमशेर मितल, अनूप बंसल, मनीराम कटवाड़, रामनिवास जैन, देवी दयाल नोच, आढ़ती कृष्ण शर्मा, सतनारायण शर्मा, बजरंग पाड़ला, रात कुमार बैनीवाल, धर्मपाल कटवाड़, राजपाल चहल, पवन बंसल, शीशपाल पाई, जसमेर ढ़ाड़ा आदि सैकड़ों आढ़ती मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी प्रधान कृष्ण शर्मा चंदाना, सत नारायण शर्मा तथा रामनिवास ने की।
फोटो सहित।

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