उपभोक्‍ताओं को न्‍याय उपलब्‍ध कराना प्राथमिकता : रामविलास पासवान

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janclub news (new dehli)

केन्‍द्रीय उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि उपभोक्‍ताओं को न्‍याय दिलाना उनके मंत्रालय की प्राथमिकता है। श्री रामविलास पासवान ने गौर किया है कि मध्‍यस्‍थता हमारी संस्‍कृति में गहरी जमी हुई है और उपभोक्‍ता सुरक्षा विधेयक के अनुरूप, जोकि अग्रिम चरण में है, इसमें मध्‍यस्‍थता के लिए प्रावधान है। केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि नये विधेयक में भ्रामक विज्ञापनों एवं अनुचित व्‍यापार प्रचलनों के खिलाफ सख्‍त प्रावधान हैं, जिससे केन्‍द्रीय उपभोक्‍ता सुरक्षा प्राधिकरण की स्‍थापना के साथ कारगर तरीके से निपटा जाएगा। श्री पासवान ने कहा कि प्रसिद्ध व्‍यक्तियों (सेलिब्रेटी) को प्रचार करने से पहले उत्‍पाद से जुड़े तथ्‍यों की जांच कर लेनी चाहिए। श्री पासवान ने आज नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता दिवस समारोह के उद्धाटन के अवसर पर ये उद्गार व्‍यक्‍त किए।
उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्‍ता मामले विभाग ने ‘वैकल्पिक उपभोक्‍ता विवाद निवारण’ थीम के साथ राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता दिवस 2016 मनाया। इस समारोह में उपभोक्‍ता शिकायत निवारण एवं उपभोक्‍त शिक्षा, आधुनिक प्रौद्योगिकियों से लाभ उठाने से संबंधित विभाग की नई पहलों को लागू किया गया, जिनमें शामिल हैं – 1. एक मोबाइल एप और राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता हेल्‍पलाइन को एक्‍सेस करने के लिए याद रखने में आसान संख्‍या 14404 2. बैंगलुरु के नेशनल लॉ स्‍कूल इंडिया यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन कंज्‍यूमर मेडिएशन सेंटर (ओसीएमसी) 3. एक मोबाइल एप ‘स्‍मार्ट कंज्‍यूमर’ जोकि एक बार कोडर तथा पैकेटबंद वस्‍तुओं के खिलाफ उपभोक्‍ता शिकायत दर्ज करने के लिए एक प्‍लेटफार्म भी है। 4. ऑनलाइन उपभोक्‍ता समुदायों के लिए उनके विचार, शिकायतें एवं सुझावों को प्रस्‍तुत करने के लिए डिजिटल प्‍लेफार्म ‘लोकल सर्किल्‍स’ जिससे कि विभाग को लोगों की नब्‍ज के बारे में पता चल सके और नीति निर्माण में मदद मिल सके। 5. गूगल से नॉलेज सपोर्ट के साथ ‘डिजिटली सैफ कंज्‍यूमर कैंपेन’ थीम के साथ एक माइक्रोसाइट लांच करना, जिससे कि इंटरनेट पर सुरक्षित बने रहने में उपभोक्‍ताओं की मदद की जा सके। उपभोक्‍ता अध्‍ययन केन्‍द्र, आईआईपीए द्वारा- कानूनी माप विद्या एवं उपभोक्‍ता, बिजली एवं उपभोक्‍ता, टिकाऊ उपभोग एवं जीवन शैली और गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां (एनबीएफसी) – विनियमन एवं उपभोक्‍ता पर विभिन्‍न प्रकाशनों का अनावरण किया गया।
श्री रामविलास पासवान ने जिक्र किया कि राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता हेल्‍पलाइन की बढ़ी हुई क्षमता लाखों उपभोक्‍ताओं की मदद करेगी। उन्‍होंने कहा कि यह प्रौद्योगिकी का युग है और डिजिटल विश्‍व में उपभोक्‍ताओं को शिक्षित करना तथा उनकी शिकायतों का निवारण करना एक चुनौती है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नागरिकों को कम नकदी वाली जीवन शैली अपनाने का एक संदेश दिया है जो काला धन और भ्रष्‍टाचार से लड़ाई में मदद करेगी। यह पहली बार करोड़ों भारतीयों को डिजिटल विश्‍व के साथ जोड़ेगी। उपभोक्‍ता हेल्‍पलाइन का मोबाइल एप, उत्‍पाद सूचना सुलभ कराने के लिए स्‍मार्ट कंज्‍यूमर एप, ऑनलाइन कम्‍युनिटिज़ डिजिटल विश्‍व में उपभोक्‍ताओं को लाभ पहुंचाएगी। गूगल के साथ मिलकर विभाग द्वारा बनाया गया डिजिटल विश्‍व में उपभोक्‍ता सुरक्षा के लिए माइक्रो साइट, उपभोक्‍ताओं को सावधान रहने तथा साइबर धोखेबाजों के चंगुल में फंसने से बचने में मदद करेगा। ऑनलाइन कम्‍युनिटिज़ उनके विचारों, अनुभवों एवं शिकायतों को प्रस्‍तुत करने के लिए एक मंच मुहैया कराएगा।
श्री पासवान ने नेशनल लॉ स्‍कूल बैंगलुरु के साथ विभाग की ऑनलाइन उपभोक्‍ता मध्‍यस्‍थता पहल का स्‍वागत किया और सुझाव दिया कि मध्‍यस्‍थता आरंभ करने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाना चाहिए कि उपभोक्‍ता और कंपनी की परस्‍पर सहमति हो तथा प्रस्‍तावित मामूली शुल्‍क दोनों पक्षों पर लगाया जाए, न कि केवल उपभोक्‍ता पर।

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