एटा जेल में छलका जवाहर बाग़ का दर

0
290
IMG-20160609-WA0028

MATURA( JANCLUB)
मथुरा में हुए जवाहर बाग़ काण्ड का दर्द अब आँखों के रास्ते छलक कर सामने आया है। आज जवाहर काण्ड के आरोप में गिरफ्तार की गयी 96 महिलाएं और उनके जीरो से 6 साल तक के 73 बच्चे जब मथुरा जेल से एटा जेल में शिफ्ट किये गए तो जेल में प्रवेश करते ही महिलाएं फफक फफक कर रोने लगी। उनका कहना था कि हमें किस बात की सजा दी जा रही है हमने कोई अपराध नहीं किया। उनकी गोद में बैठे मासूम बच्चों का तो जैसे बचपन ही छीन लिया गया हो। वो भी बिना किसी गुनाह के मथुरा काण्ड के काले कलंक में एटा जेल में रहने को मजबूर हैं। किसी शायर की ये पंक्तिया शायद इन मासूम बंदियों पर ठीक बैठती है – ” मेरे दिल के किसी कोने में एक मासूम सा बच्चा – बडो की देख कर दुनिया बड़ा होने से डरता है ” जिस मथुरा काण्ड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया उसको करवाने वाले राम ब्रछ यादव या उसके अन्य साथी कितने ही खूंखार रहे हो , उन्होंने पुलिस अधिकारियों की हत्या भी की, 27 से अधिक लोगो की जाने भी गयी पर ये मासूम बंदी इन सब बातो से अंजाम केवल इस लिए एटा जेल की सलाखों के पीछे रहने को मजबूर हैं कि वो ऐसे माँ बाप की औलाद हैं जिनके ऊपर हिंसा करने और कानून अपने हाँथ में लेकर खून खराबा करने का आरोप हैं।मानवता को तार तार कर देने और खून खराबा करने के बाद जैसे जैसे जवाहर बाग़ की आग की तपिश काम हो रही है वैसे वैसे अब मथुरा के जवाहर बाग़ का दर्द इसकी आरोपी बनायी गयी महिलाओ की आँखों से होकर छलकने लगा है। आज मथुरा जेल से 96 महिलाएं और उनके 73 बच्चों को एटा की किशोर ददन जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इन महिलाओ और बच्चों को मथुरा काण्ड के बाद 3 जून को गिरफ्तार किया गया था तब से ये जेल की हवा खा रहे हैं। ये अपने अपने परिवारों से बिछुड़ चुके हैं , कई के परिजन मथुरा काण्ड में मारे गए है , कई के लापता हैं इसलिए इनकी पैरवी करने और जमानत करवाने वला भी कोई नहीं हैं। वेबशी में ये जेल की सलाखों के पीछे रहनेको मजबूर हैं।इस बीच जब इन महिलाओ से कैमरे पर बात की गयी तो ये महिलाएं फफक फफक कर रो पड़ी। किसी का पति गायब हैं तो किसी के अन्य परिजन नहीं मिल रहे। इन महिलाओं का कहना हैं कि इन्होने कोई अपराध नहीं किया फिर भी पुलिस ने इनको इनके बच्चों सहित शान्ति भांग करने की धारा151 और 107/16 में जेल के सीखचों के अंदर बंद कर दिया गया है। एटा जेल भेजी गयी एक महिला ग्वालियर की रहने वाली किरण बताती हैं कि उसके माँ बाप मथुरा में जवाहर बाग़ में थे , उनका कोई अता पता नहीं था,फोन नहीं लग रहा था , तो उनको ढूँढ़ने आयी थी। उसकी माँ बहन , पिता तो मिल गए लेकिन पति का कोई पता नहीं हैं। उसका कहना है कि हम गरीब हैं पता नहीं कौन से चक्कर में फंस गए। उसका साफ़ कहना हैं कि हम बहकाने में आ गए। उसको यह भी नहीं पता है कि आज उसे एटा जेल भेजा गया हैं। उसने कहा कि हमें किस बात की सजा दी जा रही है हमने तो कोई अपराध भी नहीं किया है। सिद्धार्थ नगर की रहने वाली सुनीता बताते है कि उसकी बहन मथुरा के जवाहर बाग़ में थी उस से मिलने वह आयी थी। उसने अपनी बहन से कहा था कि घर चलो वहां शादी है विवाह करेंगे। हमारे परिवार के तीन लोग यहाँ थे। उनका कोई पता नहीं। एटा जेल के अधीक्षक अनूप कुमार का कहना है कि मथुरा जेल से ९६ महिलाएं और उनके जीरो से 6 साल तक के 73 बच्चों को एटा की किशोर सदन जेल में रखा गया है , उनके रहने की सारी व्यवस्थाएं की गयी हैं। मोबाइल टॉयलेट वाहन और पानी के दो टैंकर यहाँ नगर पालिका से मगवाए गए हैं।

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here