कन्या भू्रण जांच की सूचना देने पर दिया जाता है एक लाख रुपये का नगद ईनाम : उपायुञ्चत

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कैथल, 24 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
उपायुञ्चत श्री धर्मवीर सिंह ने बताया कि कन्या भ्रूण जांच अथवा कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले व्यञ्चित को सरकार द्वारा एक लाख रुपये का नगद ईनाम दिया जाता है। ईनाम देने के साथ-साथ ऐसे व्यञ्चित का नाम व पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।
उपायुञ्चत आज अपने कार्यालय में कन्या भू्रण जांच की सूचना देने वाले जिला के एक व्यञ्चित को एक लाख रुपये का नगद ईनाम देने के बाद उपस्थित अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नगद ईनाम उस स्थिति में दिया जाता है, जब किसी नागरिक द्वारा उपलद्ब्रध करवाई गई सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई रेड पूरी तरह सफल हो जाती है। उन्होंने बताया कि इसी महीने 23 जनवरी को भी जिला के एक अन्य व्यञ्चित को ऐसी सूचना देने पर एक लाख रुपये का ईनाम देकर सक्वमानित किया गया था। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कन्या भू्रण जांच व कन्या भ्रूण हत्या की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इस कार्य में जिला प्रशासन के अन्य विभागों का सहयोग भी लिया जाता है तथा गैर सरकारी संगठनों व समाज सेवी लोगों को भी इस क्षेत्र में सहयोग के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सामुहिक प्रयासों से कैथल जिला में वर्ष 2018 के दौरान महिला-पुरुष लिंगानुपात 916 दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की कार्य योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
श्री धर्मवीर सिंह ने बताया कि गर्भ में पल रही कन्या का भ्रूण जांच करवाना एक कानूनी अपराध है, जिसके लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड केवल शरीरिक बीमारियों को जांच के लिए ही अधिकृत है और यह जांच भी उन्हीं अल्ट्रासाउंड केंद्रों द्वारा की जा सकती है, जो स्वास्थ्य विभाग के पास पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि गैर पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाना भी गैर कानूनी है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जिला में औचक निरीक्षण भी किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण जांच व हत्या से संबंधित मामलों मेें प्रभावी कार्रवाई के लिए पीएनडीटी एञ्चट के तहत जिला स्तरीय परामर्श समिति भी गठित है, जो गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्घ कार्रवाई भी अमल में लाती है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. सुरेंद्र नैन, उप सिविल सर्जन डा. नीलम कञ्चकड़, डा. गौरव पुनिया व डीपीएम नरेंद्र कुमार मौजूद रहे।

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