करोड़ा गांव में किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर दिया जा रहा धरना शुक्रवार को 25 वें दिन में प्रवेश

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कैथल, 29 अगस्त (कृष्ण गर्ग)
करोड़ा गांव में किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर दिया जा रहा धरना शुक्रवार को 25 वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने को सम्बोधित करते हुये किसान नेता रमेश दलाला ने बताया की प्रदेश में विभिन्न जगह पिछले लम्बे समय से धरने चलाए जा रहे। इन धरनों के माध्यम से हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन द्वारा सरकार के सामने कुल 25 मांगे रखी गई थी, राष्ट्रिय राजमार्ग 152डी व् 352ऐ के निर्माण में ज़मीन अधिग्रहण में उचित मुआवज़ा, फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, जिसमे बहादुरगढ़ ब्लॉक की ओर जोन घोषणा, एस.वाई.एल. नहर का पानी आदि मांगो के साथ- साथ आगरा नहर से हरियाणा के अधिकार के पानी का मुद्दा भी उठाया गया था। उन्होंने बताया कि आगरा नहर से हरियाणा को उसके अधिकार के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है, जिसके कारण फरीदाबाद, पलवल व् मेवात जि़ले पानी के अभाव से परेशानी झेल रहे है। रमेश दलाल ने बताया कि आगरा नहर का प्रबंधन व् कण्ट्रोल उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। इसलिए हमने आगरा नहर के प्रबंधन व् कण्ट्रोल में हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी की मांग कि थी।
उन्होंने बताया की इस मांग को लेकर हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन को पहली सफलता तब मिली जब गुरुवार को हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बयान दिया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगरा नहर का कुछ कण्ट्रोल हरियाणा सरकार को देने की मांग करते हुए पत्र लिख है। ऐसे में लम्बे समय से संघर्ष कर रहे किसानों को राहत मिली है। रमेश दलाल ने बताया कि आंदोलन की मांगो को लेकर कार्रवाई प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप से हो रही है। आंदोलन की दूसरी मांगो को लेकर भी सरकार द्वारा गंभीर चिंतन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री को सभी मांगो का ब्यौरा देते हुए मामले में हस्तक्षेप करने के लिए 2 अगस्त को उन्होंने पत्र लिखा था। प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन की मांगो को गंभीरता से लेते हुए 5 अगस्त को ही मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को आंदोलन की मांगो को लेकर कदम उठाने के लिए पत्र लिख दिया था।
उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में किसान न्याय यात्रा ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए किसानो की जायज़ मांगो को मानने के लिए हरियाणा सरकार पर दबाव बनाए रखा। इन परिस्थितियों में धरने पर बैठे किसानों को उम्मीद है कि उनकी बाकी मांगो को लेकर भी सरकार जल्द कोई सकारात्मक फैसला लेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन द्वारा किए जा रहे सभी प्रयास यथावत जारी रहेंगे, जिसमे मुख्य रूप से आगामी विधान सभा चुनाव में विपक्ष का संगठित करना शामिल है। गौरतलब है कि इस विषय को लेकर शनिवार को पूरे दहिया खाप की नाहरा गाँव में एक महत्वपूर्ण पंचायत भी होने जा रही है।

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