कैथल-जींद रोड पर विकसित हो रही अवैध कालोनियों पर चलाया गया पीला पंजा, निरंतर जारी रहेगा यह अभियान : उपायुक्त सुजान सिंह

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कैथल-जींद रोड पर विकसित हो रही अवैध कालोनियों पर चलाया गया पीला पंजा, निरंतर जारी रहेगा यह अभियान : उपायुक्त सुजान सिंह
कैथल, 22 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
जिला में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिला नगर योजनाकार कार्यालय व ड्यूटी मैजिस्ट्रेट ईश्वर सिंह नायब तहसीलदार के पूरे अमले द्वारा शहर में कैथल-जींद रोड पर जीवन राईस मिल के नजदीक साढ़े 6 एकड़ मेें पनप रही अवैध कालोनी में निर्माणाधीन 14 रिहायशी मकानों की नींव व मौके पर बनी मिट्टïी की सडक़ों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
उपायुक्त सुजान सिंह ने बताया कि जिला में पनप रही अवैध कालोनियों पर जिला नगर योजनाकार कार्यालय द्वारा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। भूमि भू मालिकों द्वारा बिना विभागीय अनुमति के अर्बन एरिया कैथल के अंतर्गत पडऩे वाली राजस्व सम्पदा, गांव पट्टïी चौधरी में कैथल-जींद रोड पर जीवन राईस मिल के नजदीक अवैध कालोनी विकसित करने का मामला सामने आया था, जिसके उपरांत विभाग द्वारा भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट 1975 की धाराओं के तहत नोटिस जारी करके कॉलोनी विकसित करने के लिए जरूरी अनुमति प्राप्त करने वाले आदेश दिए गए थे, परंतु भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा न तो मौके पर बनाई जा रही अवैध कालोनी का निर्माण रोका और न ही विभाग से किसी प्रकार की अनुमति ली। पीला पंजा चलाने के साथ-साथ अवैध कालोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
जिला नगर योजनाकार अनिल कुमार नरवाल ने बताया कि आम लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वह सस्ते प्लाट के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में न आए और न ही अवैध कालोनियों में प्लाट खरीदें। मकान खरीदने से पहले जिला योजनाकार कार्यालय से पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें। सभी प्रॉपर्टी डीलर का भी आह्वïान किया गया है कि वे सरकार द्वारा चलाई गई हाउसिंग स्कीम, दीनदयाल हाउसिंग स्कीम, अफॉर्डेबल हाउसिंग स्कीम, जिसमें 5 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किया जाता है। कॉलोनी काटने की जरूरी अनुमति प्राप्त करें, ताकि शहर वासियों को सस्ता मकान उपलब्ध हो सके। यदि कोई व्यक्ति अवैध कालोनी में प्लाट आदि खरीदता है तो उसके विरूद्ध भी कार्यालय द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें 50 हजार रुपए तक का जुर्माना व तीन साल की सजा प्रावधान है। विभाग द्वारा जुलाई माह में अवैध कलोनाईजेशन के विरूद्घ तोड़-फोड़ कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

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