जनअधिकार यात्रा का उद्देश्य सरकारी भेदभाव के विरुद्ध, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ और समाज उत्थान के लिए लोगों में व्यापक चेतना जगाना

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कैथल, 27 दिसम्बर (कृष्ण गर्ग)
इनेलो-बसपा द्वारा निकाली जा रही जनअधिकार यात्रा का उद्देश्य सरकारी भेदभाव के विरुद्ध, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ और समाज उत्थान के लिए लोगों में व्यापक चेतना जगाना है। यह कहना है प्रोफेसर संतोष दहिया का। गुरुवार को कलायत इलाके

के गांव कैलरम, चौशाला, जुलानीखेड़ा, बदसिकरी, तारागढ़, किठाना, खेड़ी शेरखां, सेरधा व सारण आदि में जनसंपर्क के दौरान उन्होंने कहा कि संगठित नारी शक्ति समाज के उत्थान में अहम भूमिका निभाने में सक्षम है। उन्होंने ग्रामीणों से 30 दिसंबर को बालू

गांव में पहुंचकर जनाधिकार यात्रा का साक्षी बनने का आह्वान किया।
डा. संतोष दहिया के अनुसार ग्रामीण इलाके की महिलाओं को संगठित करके उन्हें समाज व राजनीति में सक्रिय किया जाएगा। इसी संकल्प को साकार करने के लिए वे दिन-रात मेहनत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो व बसपा बनने पर महिला सशक्तिक

रण को आधार एवं गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में स्वयं के बल पर आगे बढ़ रही हैं। सभी जगह महिलाओं ने प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करवाई है। महिलाओं को समानता या बराबरी का दर्जा दिलाने की बातें करके काम नहीं

चलेगा बल्कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए उन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ संगठित होकर कार्य करना होगा। डा. संतोष दहिया ने कहा कि लड़कियों के साथ हर स्तर पर भेदभाव किया जाता है। खाना, पहनावा, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय

आदि में खुला भेदभाव आज भी देखा जा सकता है। आज महिलाएं अपने हक अधिकार के लिए घर से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। जमीनी स्तर पर नारी को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर उनके साथ पूर्व विधायक

जोगीराम बाल्मीकि, अंग्रेजो देवी, लक्ष्मी देवी, रामरती, ओमी, धर्मो देवी, निर्मला, जमेरो देवी, प्रवीण कुमारी, राजरानी, मूर्ति, सोनिया, पिंकी, संदीप जुलानीखेड़ा, पाला राम, बंटी कैलरम, जसवंत, बंसीलाल सारण, नरेश, अशोक, धर्मेंद्र बदसिकरी, सुभाष,

नरेश, सुशील, पूर्व सरपंच परमेश्वरी, विनीत व कृष्ण नरड़ आदि मौजूद रहे।

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