कैथल, कृष्ण गर्ग
हरियाणा के कैथल में गुरुवार को सैकड़ों लोगों ने थाना प्रभारी के पक्ष में विजिलेंस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सबसे पहले लोग हनुमान वाटिका में एकत्र हुये और बाद में वहां से विजिलेंस टीम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। जहां पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन भेजा जाना है। ज्ञापन में थाना प्रभारी को रिहा करने के साथ-साथ झूठी शिकायत देकर ब्लैकमेल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन के देने के लिए लोग लघु सचिवालय के मेन गेट पर डीसी प्रदीप दहिया का इंतजार कर रहे थे, परन्तु डीसी ने सचिवालय के पिछले गेट से चले गए। जाते समय उनसे मीडिया कर्मी ने ज्ञापन न लेने के बारे में पूछा, परन्तु वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। पहले इलेक्शन मीटिंग से आने की बात कही, फिर तहसील में जांच करने की बात कही और बाद में खाना खाने जाने की बात कहते हुए गुस्से में गाड़ी में बैठकर निकले।
प्रदर्शन कर्ता प्रमोद कंसल, पंडित जोगीराम, सतवीर थुआ, विकास रोहेड़ा, नेत्रपाल शर्मा, सुरजभान ने बताया कि करीब साढ़े 5 घंटे की पूछताछ में विजिलेंस को कुछ भी बरामद नहीं हुआ। इसके बावजूद भी विजिलेंस थाना प्रभारी को साथ में ले गई। जो रिकॉर्डिंग आधार मान रही है, उसमें चांद राम ने पार्षद के चैक बाउंस वाले पैसे लाने को कहा था। शिकायतकर्ता ने पहले भी कई लोगों के खिलाफ शिकायत दी। विजिलेंस में केस दर्ज करवाया और पैसे लेकर शिकायत वापस ले ली। सेशन कोर्ट ने शिकायतकर्ता को आदतन शिकायत करने का आदि घोषित किया हुआ है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
यह था पुरा मामला
विदित रहे कि बुधवार को कैथल के चीका थाना प्रभारी जयवीर शर्मा को विजिलेंस की टीम साढ़े 5 घंटे पूछताछ के बाद हिरासत में लेते हुए अंबाला ले गई। विजिलेंस को थाना प्रभारी जयवीर शर्मा के खिलाफ गुहला के पूर्व पार्षद चांद राम ने 5 हजार रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। शिकायत के बाद योजना के तहत बुधवार दोपहर करीब 1.39 बजे चांद राम थाना में थाना प्रभारी जयवीर से मिले और हाथ मिलाया तथा उन्हें बातचीत करते हुए गेट तक ले गए। जहां पर विजिलेंस ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद थाना प्रभारी को पूछताछ के लिए एक कमरे में ले गए। थाना प्रभारी के पास से रिश्वत का कोई पैसा बरामद नहीं हुआ। सूचना पूरे शहर में फैल गई। शहर के लोग थाना परिसर में पहुंच गए तथा विजिलेंस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दे दिया। विजिलेंस टीम ने अंबाला से अन्य टीम सदस्यों व आईजी को बुला लिया। वहीं धरना-प्रदर्शन को देखते हुए एसपी कैथल लोकेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। करीब 6 बजे विजिलेंस टीम थाना प्रभारी को अंबाला ले गई।
ज्ञापन लेने की बजाये दूसरे पिछले रास्ते से निकल गये उपायुक्त।
जिला सचिवालय के मेन गेट पर प्रदर्शनकारी विजीलेंस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन कारियों ने डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजना था, लेकिन डीसी ने ज्ञापन लेना उचित न समझते हुए पीछे के रास्ते से निकलना मुनासिफ समझा। जब ज्ञापन न लिए जाने और पिछले दरवाजे से निकलने के बारे में डीसी प्रदीप दहिया से पूछा तो मीडिया कर्मियों पर गुस्सा होते हुए कहा कि वो खाना खाने जा रहा है। ये भी सचिवालय का दरवाजा है। वो इलेक्शन की मीटिंग से आया था। ज्ञापन लेने में कोई एतराज नहीं है।

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