धान की फसल न बिकने के कारण सेकड़ों किसानों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर मार्केट कमेटी का पहले घेराव किया, अंत में रेलवे पूल पर जाम लगा दिया

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कैथल, 20 नवंबर(कृष्ण गर्ग)
मंगलवार को दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते किसानों की धान की फसल न बिकने के कारण सेकड़ों किसानों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर मार्केट कमेटी का पहले घेराव किया, वहां पर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी ने होने के कारण जिला के उच्च अधिकारियों को फोन किया, परन्तु जब किसी भी अधिकारी ने फोन न उठाया तो जाखौली अड्डा रेलवे पूल पर जाम लगा दिया। जाम लगने के आधा घंटे के बाद पुलिस अधिकारियों की आंख खुली और नई अनाज मंडी चौकी इंचार्ज बलवान मौके पर पहुंचा और किसानों समझा बुझाकर जाम खुलवाकर वापस मार्केट कार्यालय में लेकर आया। कमेटी में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुरेन्द्र अरोड़ा ने किसानों का समझा कर शांत किया। जाम खुलने से जनता ने राहत की सांस ली। सांय को कच्चे आढ़तियों व राइस मील वालों की बैठक कार्यकारी डी एम ओ राधे श्याम ने ली।
विदित रहे की सोमवार से राइस मिल मालिकों व पक्का आढ़ती की ब्याज दर कम करने की मांग पर कच्चा आढ़तियों के द्वारा इंकार करने के चलते खरीद दार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये। जिस कारण से आज दूसरे दिन भी किसानों की धान की फसल की खरीद न होने के कारण किसानों का सब्र का बांध टूट गया और लगभग 9.30 पर जब मंडी में उनकी फसल खरीदने के लिये कोई नही आया तो किसानों ने मंडी में सरकार के प्रति नारेबाजी की। उसके बाद किसान एकत्र हो कर लगभग पौने दस बजे मार्केट कमेटी के कार्यालय में जा कर प्रदर्शन किया और कमेटी का घेराव किया। किसानों को जब कमेटी में न तो कोई अधिकारी मिला और न कोई आया तो उन्होंने कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर, कमेटी सचिव दलेल सिंह, कैथल की एस डी एम कमलप्रीत कौर तथा एस पी को फोन किया। जब उनको इस का जवाब नही मिला तो कमेटी में दो कर्मचारी आये तो किसानों ने उनको घेर लिया। परन्तु वे भी किसानों को कोई जवाब नही दे सके। अंत में किसानों ने रेलवे पूल पर जाकर जाम लगा दिया। जब जाम लगे आधा घंटा बीत गया तो नई अनाज मंडी चौकी इंचार्ज बलवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाया कि वापिस कमेटी में चलो, वहां पर उनका समाधान करवा दिया जायेगा। पहले तो किसान इंकार रहे, परन्तु बाद में वे मान गये और जाम खोल वापस कमेटी में आय गये। इस कमेटी में डी एफ एस सी सुरेन्द्र अरोड़ा व कमेटी के सहायक सचिव चन्द्र सिंह भी आ गये। उन्होंने एक घंटे में धान की खरीद शरू करवाने का आस वासन देकर किसानों का शांत किया। इस पर किसान वापस अपनी फसल के पास चले गये। किसानों में सुशील क्योंडक, जगमेल दयौरा, बसाऊ राम कैलरम, धूप सिंह बालू, जोरा सिंह, बलवंत, जसू राम, रामफल, काला, रामकला, कृष्ण आदि अनेक किसान शामिल थे।

कमेटी के अधिकारी किसानों की फसल बिकवाने के हड़ताल नही खुलवा सकती- कमेटी कर्मचारी।
सुबह लगभग दस बजे जब किसानों ने कमेटी का घेराव किया तो काफी इंतजार के बाद दो कमेटी कर्मचारी फकीर चंद व बलवीर सिंह आये। जब किसानों ने उनको अपना दुखड़ा सुनाया तो कर्मचारी बलवीर सिंह ने कहा कि हड़ताल फसल बेचने वालों व खरीददारों के बीच है। इसमें मार्केट कमेटी कुछ नही कर सकती। इस पर किसान गुस्से में आय गये और कहां की जब कमेटी किसानों का कुछ नही कर सकती तो प्रदेश में से कमेटी के कार्यालय बंद होने चाहिये।
दस बजे तक नही आता कोई कर्मचारी व अधिकारी
इस समय धान का सीजन चला हुआ है। मंडी में किसान, आढ़ती तथा खरीददार साढ़े आठ बजे तक पहुंच जाते है, परन्तु कमेटी के कार्यालयों में दस बजे तक कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। दस बजे बाद आने वालों कर्मचारियों से जब इस बारे में जाना गया तो बलवीर ने बताया कि दस बजे का टाइम है, उनका और 9 बजे का चतुर्थ कर्मचारियों का। उधर बिना किसी के बैठे हुये भी कमरों में पंखे चल रहे थे।

दो आने के बाद परेशान किया जा रहा किसान को- किसान
प्रदर्शन में शामिल एक किसान रामकला शेरू खेड़ी ने बताया कि व्यापारी दो आने के कारण आपस में लड़ रहे है। आढ़ती को किसान ने डेढ़, दो, ढाई तथा यहां तक कि तीन रुपये तक का ब्याज देते है, परन्तु चूं तक नही करते।
यह है मंडी में ब्याज की धारा।
मंडी से खरीद की गई फसल की अदायगी देरी से करने पर 50 दिन तक दस दिन की छूट व ब्याज दर 1.5 प्रतिशत तथा उसके बाद छूट समाप्त ब्याज दर 1.5 प्रतिशत और 120 दिनों के बाद ब्याज दर शुरू से 1.65 प्रतिशत की दर से लगता है। राइस मिल व पक्की वालों ने ब्याज दर 1.65 को बिलकुल समाप्त करके केवल 1.5 करने की मांग की है।

दिन भर चला बैठकों का दौर, नही हुआ फैसला
मंडी में राइस मिल, पक्का आढ़तियों तथा कच्ची वाले आढ़तियों के बीच मंगलवार को सारा दिन बैठकों का दौर चलता रहा। अंत में तीनों संगठनों की एक बैठक कमेटी डी एम ओ राधे श्याम शर्मा ने ली। जिसमें नई मंडी प्रधान कृष्ण मितल, पुरानी मंडी प्रधान जोग ध्यान, आढ़ती ईश्वर जैन , पवन कोटड़ा, सतीश जैन, राइस मिल निर्यातक नरेंद्र मिगलानी, मांगे राम खुरानियां, हरिदास आदि ने भाग लिया। नई मंडी प्रधान कृष्ण मितल ने डी एम ओ को बताया कि उन्होंने हड़ताल समाप्त करने के लिये ब्याज दरों में परिवर्तन करके 1.65 प्रतिशत की ब्याज दर 120 दिनों की बजाये 150 दिन तथा 50 दिन की बजाय 25 दिन रखी थी, परन्तु उन्होंने इसको ठुकरा दिया। समाचार कलखे जाने तक बैठक चल रही थी।

फोटो- के टी एल01,02- कमेटी में प्रदर्शन करते किसान।
के टी एल03,04- जाम लगाते किसान।
के टी एल05,06- कमेटी में खाली पड़ी कुर्सियां व चलते पंखे।
के टी एल07- किसान रामकला खेड़ी शेरू।
केटीएल08- डी एफ एस सी के सामने अपनी मांग रखते हुये किसान।

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