धान के दामों में भारी गिरावट, किसान बोली रुकवाने के बाद मार्केट कमेटी के अधिकारियों से मिले

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कैथल, 20 सितम्बर(कृष्ण गर्ग)
वीरवार को धान के दामों में भारी गिरावट आने के कारण किसानों ने बोली रुकवाने के बाद मार्केट कमेटी के अधिकारियों से मिले। किसानों ने व्यापारियों पर उनको लुटने का आरोप लगाया। मार्केट कमेटी के

अधिकारियों ने इस पर तुरंत एक्शन लेते हुये व्यापारियों की बैठक ली और दुबारा से धान की बोली शुरू करवाई।
आज सुबह लगभग 10 बजे नई अनाज मंडी में किसानों की धान की बोली शुरू हुई। बोली के समय राइस मिल वालों ने 1509 के दाम लगभग 2100 रुपये लगाये तो किसानों ने तुरंत कम मूल्य पर धान ने बेचने का निर्णय लिया और एकत्र होकर मार्केट कमेटी कार्यालय में गये और प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन को देखकर मार्केट कमेटी के डी एम ओ राधे श्याम शर्मा व सचिव नरेंद्र कुंडु किसानों के पास आया और उनकी समस्या जानी। किसानों ने बताया कि कल तक उनकी 1509 किस्म की धान लगभग 2700 रुपये प्रति क्विंटल बिकी थी, परन्तु आज बोली के समय इसके दाम केवल 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल रख दिये। बोली भी काफी कम मूल्य से शुरू करते है और केवल एक- एक रुपये की बोली देते है। यह उनके साथ मजाक है। किसानों ने बताया कि उनकी धान को तोलते समय राइस मिल वाले सरकार 37.5 किलो की भरती करवाते है, जिससे उनको मजदूरी के पैसे ज्यादा देने पड़ते है। धान की प्राइवेट खरीद की भरती केवल 50 किलो की होनी चाहिये। इस पर दोनो अधिकारियों ने किसानों को उनके सामने ही व्यापारियों का बैठक ले, समस्या हल करने का आस वासन दिया। प्रदर्शन में उपस्थित भारतीय किसान यूनियन के जिला कोषाध्यक्ष सतपाल दिलोवाली, सुरेन्द्र टीक, प्रदीप ग्योंग, जरनैल छौत, नरेंद्र छोत, सुरेंद्र छौत, गुरनाम गढ़ी, रवि ग्योंग, सतविंद्र सीवन, अजय गोहरा खेड़ी, शेर सिंह नागल, सुरेश सिसमोर आदि अनेक किसान थे।
किसानों की मांग पर दोनो अधिकारियों ने मंडी के आढ़तियों व राइस मिल मालिकों को बुलाकर बैठक ली और उन से इस कम मूल्य के बारे में पूछा। इस बैठक में मंडी प्रधान कृष्ण मितल, राइस मिल प्रधान मांगे राम खुरानियां, पवन बंसल, कृष्ण चंदाना, तरसेम गोयल, दर्शन लाल, अर्जन शर्मा आदि व अनेक किसान शामिल थे। अधिकारियों ने कम मूल्य के बारे में जान तो राइस मिल प्रधान मांगे राम ने बताया कि जिला कैथल ही हरियाणा में सबसे ज्यादा मूल्य यहां पर किसानों को मिल रहे। पिछले दो दिनों से यह अच्छी किस्म की धान अधिक मूल्य लगभग 2500 रुपये था और अब इसके चावलों के दामों में भारी गिरावट है,बेशक से दूसरी मंडियों में फोन करके पूछ लो। राइस मिल मालिकों ने प्रदेश की मंडियों में फोन करके किसानों से आज के रेट के बारे में जानकारी भी दिलवाई। जिससे किसान पून: बोली के लिये सहमत हो गये। अधिकारियों ने पिछले दो दिनों के बोली रजिस्टर भी चैक किये, जिसमें पहले बिकी धान की मूल्य 2500 रुपये ही पाया गया। उधर डी एम ई ओ राधे श्याम ने धान खरीद करने वालों को निर्देश दिया कि ढेरी में बोली करते हुये बहुत कम मूल्य का अंतर रखे और एक की बजाये कम से कम 10 से 50 रुपये की बोली बढ़ा कर दे। किसानों का धान सोना है। हम मंडी के कबाड़ की निलामी करवाते है, उसमें भी 500 रुपये की बोली बढ़ती है। किसानों की फसल को कबाड़ से भी कम न समझे। जिस पर दोनो पक्ष राजी हो गये और बोली के द्वारा फसल को बेचा गया।
किसानों को नही आने दी जायेगी परेशानी
इस बारे में कमेटी डीएमईओ राधे श्याम व सचिव नरेंद्र कुंडु ने बताया कि किसानों को धान बेचने में परेशानी नही आने दी जायेगी। मंडी में धान की भरती चैक की जायेगी। जो 37.5 किलो की गलत भरती करवा रहा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
फोटो सहित।ं

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