पहले ऊपर नेताओं की डिमांड होती थी और भ्रष्टाचार के पैसे बंद लिफाफों में पहुंचते थे,

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कैथल, कृष्ण गर्ग
पहले ऊपर नेताओं की डिमांड होती थी और भ्रष्टाचार के पैसे बंद लिफाफों में पहुंचते थे, परन्तु अब जब से देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से भ्रष्टाचार को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें सरकार ने कामयाबी भी पाई है, परन्तु अब भी इसकी जड़े लम्बी व गहरी होने के कारण पुरी तरह से समाप्त नही किया जा सका। राज्य मंत्री नायब सैनी कैथल की नई अनाज मंडी में व्यापारियों की एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने बताया कि कैथल की मंडी में से गेहूं की बोरियों के उठान के लिये लिये भारी रिश्वत चलती थी, जिसको मनोहर लाल की सरकार ने बिल्कुल समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि सारे कार्य सिस्टम से चलते है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अधिकारी इमानदार है, परन्तु नाम मात्र कुछ अधिकारी जनता के कार्यों की फाइलों में कुछ चिन्हित करके जनता को परेशान करते है। पता चलने पर सरकार जनता की सभी समस्याओं को हल करती है और उन अधिकारियों से भी निपटी है।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकारें घोटाले बनाकर व्यापारियों से जबरदस्ती लुटती थी। व्यापारियों से अपहरण, फिरौती आदि के नाम पर अवैध वसूली होती थी। वर्ष 2015 में रणदीप सुरजेवाला व हुडड़ा ने भाजपा पर 1509 धान घोटाले का आरोप लगाया था और जब इसकी इंकवारी करके सभी राइस मिलों से यह धान उनको 1620 रुपये में खरीद करने की कही तो वे दूर भागने लगे। उन्होंने पुलवाया कांड, पाकिस्तान से जवान सही सलामत वापस बुलाने आदि अनेक विकास कार्यों का जीकर किया और इन लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीताने की अपील की।
मंडी प्रधान कृष्ण मितल ने उनको अवगत करवाया कि उनको मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी बेवजह व्यापारियों को लाइसेंस रिन्यू न करने के लिये पिछले तीन साल से परेशान कर रहे है। पंजाब में मात्र एक बार 2000 रूपये की फीस पर आढ़ती का लाइसेंस लाइफ टाइम का बनाया जा रहा। प्रदेश में भी इसी तरह लाइसेंस बनने चाहिये। उन्होंने बताया कि व्यापारी कोई अफीम का व्यापार नही करते, अपितु किसानों की फसल को बेच कर अपने बच्चे पाल रहे है। नई मंडी में 662 व पुरानी मंडी में लगभग 200 लाइसेंस है, जिनको अधिकारी जबरदस्ती अवैध घोषित कर रहे है। उनके लाइसेंस सीजन से पूर्व पांच दिनों में रिन्यू करवाये जाये। इस पर मत्री ने कहा कि उनकी यह समस्या कलायत की तरह जल्दी ही हल कर दी जायेगी।
राइस मिल की ओर से उपप्रधान मांगे राम खुरानियां ने राइस मिलों की समस्या उनके सामने रखते हुये बताया कि राइस मिलों को खरीद की गई धान में से चावल निकाल कर 31 मार्च तक देना होता है, परन्तु कैथल में अधिकारी जगह ने होने की कह कर चावल लेने से जबाव दे रहे है। इतना ही एजेंसियों के अधिकारी डिफाल्टर राइस मिलों को अधिक धान अलाट करते है और न तो चावल देते है और जुर्माना। ऐसे अधिकारियों की जांच हो और सही राइस मिलों पर जबरदस्ती लगाया गया जुर्माना माफ कर चावल लिया जाये। मंत्री ने इस समस्या को हल करने का आसवासन दिया। मंडी के आढ़तियों ने उनको एक मांग पत्र भी दिया। इस अवसर पर विधायक कुलवंत बाजीगर, जिला प्रधान अशोक गुज्जर, शेली मुंजाल, देवी दयाल नोच, श्याम लाल नोच, लाजपत सिंगला,पवन बंसल, ईश्वर जैन, अरुण गर्ग, समनारायण मितल, बलकार, हरिदास, सुरेश खुराना, धनीराम, सुरेन्द्र सरदाना, जसमेर ढांडा, श्रीचंद जैन, पवन कोटडा, राम नारायण जाखौली, संजीव आदि मौजुद थे।
फोटो सहित।

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