बजट 2019: नहीं लगेगा टैक्स 5 लाख तक की आय, मजदूरो को हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन ,

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janclub news
मोदी सरकार ने आज अपने कार्यकाल का आखिरी और छठा बजट पेश किया। बजट को लेकर किसानों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक को काफी उम्मीद थीं। यही कारण रहा कि बजट में केंद्र सरकार ने गांव, गरीब, किसानों, मजदूरों, मध्यमवर्ग को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। अब 5 लाख रुपये तक का सालाना वेतन कमाने वाले लोगों को आयकर नहीं देना पड़ेगा। कुल मिलाकर इस बजट में समाज के हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का ऐलान किया गया है। तो आइये हम बताते हैं कि बजट में किसको क्या मिला।
किसानों को सालाना मिलेंगे 6,000 रुपये

सरकार ने छोटे एवं सीमांत किसानों को राहत देने के लिए उन्हें 6,000 सालाना की न्यूनतम वार्षिक आय देने की योजना पेश की है। इस योजना का लाभ दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से 12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। इसके तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये उनके बैंक खाते में प्रदान की जाएगी। यह राशि उन्हें 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त अगले महीने की 31 तारीख तक किसानों के खातों में डाल दी जाएगी।

मजदूरों के लिए आई प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन

पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) की घोषणा करते हुए कहा कि इससे असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा। उन्होंने बड़ी पेंशन योजना की घोषणा की जिसके तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे। एमएसवाईएम के तहत 60 साल की उम्र के बाद असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। पेंशनभोगियों को इसके लिए हर महीने 100 रुपये का योगदान देना होगा।

मध्यमवर्ग को मिली टैक्स राहत

मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा मानक कटौती की सीमा को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 करने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा। यदि कोई करदाता किसी सरकार की विशेष कर बचत योजना में निवेश करता है तो उसके लिए प्रभावी कर मुक्त आय की सीमा एक साल में 6.5 लाख रुपये होगी। एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोड़ने पर यह सीमा और बढ़ जाएगी। ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ाकर 30 लाख रुपये की गई। वित्त मंत्री ने बैंकों और डाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालाना 40,000 रुपये तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है।

मुद्रा योजना

सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 7.23 लाख करोड़ रुपए के 15.56 लाख कर्ज मंजूर किए हैं और इनका लाभ पाने वालों में बड़ा हिस्सा महिलाओं का है। गोयल ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि मुद्रा योजना लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मुहैया कराने और प्रधानमंत्री मातृत्व योजना समेत कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत सरकार ने 7.23 लाख करोड़ रुपए के 15.56 लाख ऋणों को मंजूरी दी।

प्राकृतिक आपदा

कृषि क्षेत्र में संकट से निपटने के लिए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए दो प्रतिशत की ब्याज सहायता की घोषणा की, जबकि समय पर ऋण भुगतान के लिए उन्हें तीन प्रतिशत अधिक सहायता की पेशकश की गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों को दो प्रतिशत ब्याज सहायता और समय पर ऋण पुनर्भुगतान करने वाले किसानों को तीन प्रतिशत की अधिक सहायता मिलेगी।

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