बाल श्रम को रोकने के लिए हम सभी को एकुजट होना पड़ेगा-उपायुक्त

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कैथल, 9 जुलाई ( कृष्ण गर्ग )
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि बाल श्रम को रोकने के लिए हम सभी को एकुजट होना पड़ेगा। हमें बाल श्रम की कानूनी जानकारी प्राप्त करनी होगी और बच्चों को समाज की मुख्य धारा में जोडऩे के कार्य में तेजी लानी होगी। समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य भी बनता है कि वे बच्चों के संरक्षण हेतू पुण्य के कार्य में अपनी आहूति डालें।
डॉ. प्रियंका सोनी मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समन्वित बाल संरक्षण योजना के तहत बाल श्रम विषय पर आयोजित एक दिवसीय शिविर में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा और बाल श्रम को रोकना होगा। जिला स्तर पर संबंधित विभागों के तालमेल से इस कार्य में गति लानी होगी। सरकार द्वारा भी सभी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। हमें एक बचपन बचाओ आंदोलन के रूप में कार्य करना होगा, यदि फिर भी बाल श्रम का कोई भी मामला सामना आता है तो यह हमारे लिए निंदनीय है। बाल श्रम समाज पर दाग है और हमें इसे मिटाने के लिए मिलकर कार्य करेेंगे। इस शिविर के माध्यम से सभी संबंधित विभागों को बाल श्रम विषय पर पूरी कानूनी जानकारी प्रदान की गई है, जिसका पूरा लाभ उठाएं।
उपायुक्त ने बताया कि देश में आज भी बच्चें बाल श्रम में फंस जाते हैं। इसको रोकने के लिए केंद्र व राज्य की सरकारें भी गंभीर हैं। बाल श्रम में पाए जाने वाले बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा प्रदान की जाती है। बाल श्रम के मामलों को आम व्यक्ति पैंशिल (क्कद्यड्डह्लद्घशह्म्द्व द्घशह्म् श्वद्घद्घद्गष्ह्लद्ब1द्ग श्वठ्ठद्घशह्म्ष्द्गद्वद्गठ्ठह्ल द्घशह्म् हृश ष्टद्धद्बद्यस्र रुड्डड्ढशह्वह्म्)पोर्टल पर सूचना डाल सकता है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल नंबर 100 तथा 1098 पर भी इसकी जानकारी प्रदान की जा सकती है। बाल संरक्षण के लिए आयोग भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के माता-पिता को जागरूक करना होगा। इसके अलावा मनरेगा को मजबूत करना होगा, जिससे व्यक्ति इसके तहत कार्य करके अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सके। उन्होंने बताया कि एक बच्चा देश का भविष्य है। हमें बच्चों की सुरक्षा करनी होगी, तभी हमारा देश मजबूत होगा। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है।
हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य नरेंद्र जिंदल ने कहा कि बाल श्रम के दलदल में से बच्चों को निकालकर हमें समाज की मुख्य धारा से जोडऩा होगा। बच्चों के साथ होने वाले शोषण को भी रोकने के लिए हमें अहम कदम उठाने होंगे। भावानात्मक तरीके से इस कार्य में गति लाई जा सकती है। आम व्यक्ति को सेवा भाव से कार्य करना होगा और उन बच्चों को ऐसे कार्य करने से रोकना होगा तथा हमें शिक्षा की तरफ उन्हें ले जाना होगा। एजैंसियों के माध्यम से जानकारी मिली है कि देश में डेढ़ करोड़ से ज्यादा बच्चें बाल श्रम कर रहे हैं। सभी का सहयोग होगा तो हम बाल श्रम को रोक पाएंगे।
मास्टर ट्रेनर अरविंद खुरानिया ने बाल श्रम तथा कानूनों की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि सन 2000 में बाल कानून बनाया गया था, इसके बाद इस कानून में 2009 तथा 2016 में संशोधन किए गए। इन कानूनों के तहत बाल श्रम कर रहे बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जाता है। हरियाणा में हर थाने में एक पुलिस दस्ता बाल सरंक्षण पर कार्य करते हैं। बच्चों का मानसिक स्तर मापा जाता है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय में साईक्लोजिस्ट, काउंसलर, ट्रांसलेटर तथा अन्य सुविधा प्रदान की गई है। विभिन्न विभाग एक साथ बाल श्रम को रोकने के लिए कार्य करते हैं। देश का भविष्य बच्चा है और हमें इसको बचाने के लिए हर कदम उठाने होंगे।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह ने भी सरकार द्वारा प्रदान की जा रही योजनाओं की पूर्ण जानकारी प्रदान की। बाल संरक्षण के तहत प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल श्रम से संबंधित लघु फिल्में प्रोजैक्ट के माध्यम से दिखाई गई। इस मौके पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया, उप पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, कार्यक्रम अधिकारी रेणू पसरिचा, बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष राणा बंसल, महिला थाना प्रबंधक रेखा के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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