-भव्य अभिनंदन के बाद कैथल से रवाना हुआ महान नगर कीर्तन -देररात गुरुद्वारा नीम साहिब में संगत व शिअद प्रदेशाध्यक्ष ने किया शानदार स्वागत -शिअद प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सौथा व संगत ने पंज प्यारों को पहनाया सिरोपा -गुरु साहिब की ऐतिहासिक निशानियां देखने को उमड़ी संगत, श्रद्धाभाव से नवाया शीश

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कैथल, 4 नवंबर(कृष्ण गर्ग)
दशमपिता के 350 साला प्रकाश उत्सव को समर्पित महान नगर कीर्तन शुक्रवार को कैथल से तरावड़ी (करनाल) के लिए रवाना हुआ। प्रस्थान से पहले संगत ने एक बार फिर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी साहिब व ऐतिहासिक निशानियों के समक्ष शीश नवाया। गुरुद्वारा नीम साहिब से आरंभ होकर यह महान नगर कीर्तन अंबेडकर चौक, खंडा चौक, पिहोवा चौक, करनाल रोड, शुगर मिल, मूंदड़ी, पूंडरी ब्रह्मानंद चौंक, मोहना, दूसैण, टयोंठा, रसीणा, महमल व बस्तली अड्डा से होकर निसिंग करनाल के लिए रवाना हो गया।
इससे पहले गत देर रात महान नगर कीर्तन कैथल के गुरुद्वारा नीम साहिब पहुंंचा, जहां संगत ने पंज प्यारों का भव्य स्वागत किया। संगत ने बोले सो निहाल सत्श्रीअकाल के उद्घोष से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी साहिब के समक्ष शीश नवाया, जबकि गुरु साहिब की ऐतिहासिक निशानियों के दर्शन कर संगत भावविभोर हो उठी। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष एवं एसजीपीसी मेंबर जत्थेदार शरणजीत सिंह सौथा व अन्य अकाली नेताओं ने पंज प्यारों व नगर कीर्तन में शामिल एसजीपीसी के वरिष्ठ उप प्रधान रघुजीत सिंह विर्क, एसजीपीसी मेंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना व जत्थेदार भूपेंदर सिंह असंध, सचिव कुलविंदर सिंह व अन्य पदाधिकारियों को सिरोपा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। जत्थेदार शरणजीत सिंह सौथा ने संगत को सरबंसदानी के प्रकाश उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए गुरु साहिबान की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का कर्ज हम कभी नहीं चुका सकते। गुरु साहिब ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। इसलिए हर वर्ग के व्यक्ति को गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाना चाहिए और उनके प्रति अपनी सच्ची आस्था रखनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि दशमपिता गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के ३५०वां प्रकाश उत्सव शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हर्षाेल्लास व श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है। इसी संबंध में यह महान एवं विशाल नगर कीर्तन सजाया गया है। कैथल शहर के गुरुद्वारा नीम साहिब पहुंचने से पहले महान नगर कीर्तन गुहला रोड़, गुहला कचेहरी से खरका रोड़, मटकालिया अड्डा, दसेरपुर अड्डा, सुल्तानिया, अगोंध अड्डा, मस्तगढ़ व माजरी अड्डा, तारावाली, बराड़ी, चकू लदाना, पहाड़पुर, सैर, गोबिंदपुरा डेरा, कांगथली, पोलड़, सीवन भी पहुंचा, जहां भारी संख्या में संगत ने नगर कीर्तन में शामिल होकर शीश नवाया।

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गतका पार्टी के योद्धाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
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नगर कीर्तन में शामिल गतका पार्टी के योद्धाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर संगत को अपनी ओर आकर्षित किया। योद्धाओं ने एक से बढ़ कर एक करतब दिखाकर न सिर्फ संंंगत को अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि उन्हें दांतों तले अंगुली दबाने को विवश कर दिया। तलबाजी समेत अनेक कलाओं में निपुण योद्धाओं का हुनर देखकर संगत योद्धाओं की वाहवाही करती नजर आई।

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गुरु साहिब निशानियों के दर्शन कर भावविभोर हुई संगत
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गुरु साहिब की ऐतिहासिक निशानियों देख संगत भावविभोर हो उठी। श्रद्धाभाव से शीश नवाते हुए संगत ने गुरु साहिब की वीरता और कुर्बानी को याद किया। निशानियों को देखते समय संगत के मुख से गुरु साहिब की कुर्बानी की दास्ता सुनने को भी मिली। इस दौरान संगत ने एसजीपीसी की भी सराहना की, जिसकी बदौलत उन्हें गुरु साहिब के शस्त्र-वस्त देखने का मौका मिला। इतना ही नहीं, विशेष बस में सजी निशानियां देखने के लम्हों को संगत ने मोबाइल व कैमरों भी कैद किया।

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