महापुरूषों के जीवन चरित्र से सीख लेकर जीवन को जीना चाहिए— डीसी

0
213

महापुरूषों के जीवन चरित्र से सीख लेकर जीवन को जीना चाहिए सार्थकता से–संत शिरोमणी गुरू रविदास ने दिखाया मानवता को सद्मार्ग–भक्ति काल में महापुरूषों ने भक्ति के माध्यम से भगवान को पाने का किया मार्ग प्रशस्त:- डीसी प्रदीप दहिया
–डीसी प्रदीप दहिया ने संत शिरोमणी गुरू रविदास जयंती के उपलक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में की बतौर मुख्यातिथि शिरकत
कैथल, 15 फरवरी (कृष्ण गर्ग)
उपायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि हम सभी को महापुरूषों के जीवन चरित्र से सीख लेकर जीवन को सार्थकता से जीना चाहिए। संत शिरोमणी गुरू रविदास ने मानवता को सद्मार्ग दिखाया है। भक्ति काल में महापुरूषों ने भक्ति के माध्यम से मानव जाति को भगवान को पाने का मार्ग प्रशस्त किया था। सरकार द्वारा सभी महापुरूषों की जयंती को सरकारी तौर पर मनाया जा रहा है, जोकि इन महापुरूषों को सच्चा नमन है।
उपायुक्त प्रदीप दहिया मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में संत शिरोमणी गुरू रविदास जयंती के उपलक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणी गुरू रविदास मध्य युगीन भारत के महान सुधारक थे, उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और बुराईयों को दूर करते हुए सभी को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया। भक्तिकाल में संत महापुरूषों ने समाज सुधार का एक सशक्त संदेश दिया था और भगवान से सीधे जुडऩे की राह समस्त मानव जाति को दिखाई थी। संत महापुरूष किसी एक विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि समूचि मानव जाति के होते हैं। कोई भी ग्रंथ तोडऩे का नहीं, बल्कि जोडऩे का काम करते हैं। हम सभी को सभ्य समाज की स्थापना के लिए अपना सकारात्मक योगदान देना चाहिए और मानव हित के कार्यों में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। महापुरूषों के दिखाए गए मार्ग पर सरकार चलते हुए प्रत्येक वर्ग के लिए एक समान नीतियां बना रही है।
उन्होंने कहा कि महापुरूषों की जयंतियां व इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजनों से हम सभी को विशेषकर युवा पीढ़ी को उनके स्वर्णिम इतिहास के बारे में जानने का मौका मिलता है। इसके साथ-साथ युवाओं को उनके आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा मिलती है। महापुरूषों ने सदैव मानवता को जीवन जीने की कला सीखाई है। संत गुरू शिरोमणी रविदास ने भक्ति आंदोलन में समाज सुधार का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने अपने पदों के माध्यम से जहां सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया, वहीं समरस्ता, सकारात्मकता का संदेश भी दिया। उनके दौहे आज के समय में भी प्रासांगिक है। हम सभी को उनके दिखाए गए सद्मार्ग पर चलना चाहिए। श्री गुरू रविदास की जयंती हिंदूस्तान में ही नही, बल्कि विश्व भर में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। सभी वर्गों को उनका अनुसरण करते हुए शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
जिला स्तरीय कार्यक्रम का आगाज मुख्यातिथि ने दीपशिखा प्रज्ज्वलित करके किया। कार्यक्रम में रामलाल शर्मा, डॉ. महीपाल पठानिया, रविंद्र पाई, ओमप्रकाश मढाड तथा जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कलाकारों ने संत शिरोमणी गुरू रविदास के जीवन चरित्र पर आधारित भजन व व्याख्यान की प्रस्तुति दी। मुख्यातिथि डीसी प्रदीप दहिया ने सभी कलाकारों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला कल्याण अधिकारी विनोद चावला ने मुख्यातिथि डीसी प्रदीप दहिया का स्वागत किया और शॉल भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर एसडीएम मनीष कुमार लौहान, सीटीएम गुलजार अहमद, जीएम रोडवेज अजय गर्ग, डीडीपीओ कंवर धवन, जिला कल्याण अधिकारी विनोद चावला, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार, डीआईओ दीपक खुराना, प्रीतम सिंह कौलेखां, रैडक्रॉस सचिव रामजी लाल, चुनाव नायब तहसीलदार सुभाष, सुदेश, लाजपत राय के अलावा अन्य गणमान्य, अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो- केटीएल01

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here