महाभारत युद्ध की शुरूआत से भगवान कृष्ण के अर्जुन को दिए गए अमर संदेश तक का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया।

0
184

कैथल, 17 दिसक्वबर (कृष्ण गर्ग)
जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के प्रथम दिन संास्कृतिक संध्या में उपायुञ्चत धर्मवीर सिंह ने बतौर मुक्चयातिथि शिरकत की। इस कार्यक्रम में रेखा धीमान ने कृष्ण भञ्चित व निफा करनाल की टीम द्वारा महाभारत युद्ध की शुरूआत से भगवान कृष्ण के अर्जुन को दिए गए अमर संदेश तक का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया।
प्रथम बार इससे पूर्व विद्ञ्चयार तीर्थ की परिक्रमा में धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने भाग लिया तथा अतिरिञ्चत उपायुञ्चत सतबीर सिंह कुंडु ने सरस्वती एवं गीता आरती में शिरकत की।
उपायुञ्चत धर्मवीर सिंह ने स्थानीय भाई उदय सिंह किला परिसर में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान जिला वासियों का आह्वïान किया कि वे गीता के अमर संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करें। गीता के संदेश का अनुसरण करने से वर्तमान की सभी समस्याओं का समाधान संभव है। भगवानकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का संदेश आज भी प्रासंगिक है। मानव को समाज में स्थापित करने का सबसे महत्वपूर्ण गं्रथमद्भगवद् गीता है, जो व्यक्ति को जीवन जीने की कला सीखाती है। गीता सभी धर्म शास्त्रों का निचोड़ है तथा गीता योगी व भोगी को कर्मयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत कमल व अमित द्वारा कृष्ण रास लीला की भव्य प्रस्तुति से हुई, जिसके दौरान इन कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों को मंत्र मुग्ध किया। इसके उपरांत स्थानीय गायिका रेखा धीमान ने कृष्ण भञ्चित से सराबोर भजन प्रस्तुत किए, जिनका दर्शकों में तालियों के साथ सहयोग किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों में- री छौरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए, जुबां में राधा-राधा नाम हो जाए के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रभू की भञ्चित में लीन होकर ही मनुष्य इस भव सागर से पार हो सकता है तथा जन्म मरण के बंधन से मुञ्चत हो सकता है। उन्होंने इक राधा-इक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा। अंतर ञ्चया दोनों की चाह में, एक प्रेम दीवानी-एक दर्श दीवानी के माध्यम से राधा एवं मीरा की कृष्ण भञ्चित में अंतर को समझाया गया।
सांस्कृतिक संध्या में अंतिम प्रस्तुति में निफा करनाल की 25 सदस्यीय सांस्कृतिक टीम ने गीता के सार का जीवंत चित्रण किया गया। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक संध्या का मुक्चय आकर्षण भी रहा। इस कार्यक्रम में दर्शाया गया कि परिवर्तन संसार का नियम है।कृष्ण ने अपने संदेश में कहा कि जब-जब श्रृष्टि में धर्म की हानि तथा अधर्म की वृद्धि होती है, तो वे पाप कर्म के विनाश एवं धर्म की स्थापना के लिए युग-युग में अपनी योग माया के माध्यम से प्रकट होते हैं।कृष्ण द्वारा 5154 वर्ष पूर्व कुरूक्षेत्र में एकादशी के दिन गीता का अमर संदेश दिया गया था। आत्मा की अजरता व अमरता के संदेश के साथ-साथ वर्तमान में जीने तथा बीते हुए कल पर विलाप न करते हुए निस्वार्थ भाव से कर्म करने का संदेश देने में यह शो सफल रहा। कर्म किए जा, फल की चिंता न करना, जीवन में संघर्षों से तुम मत डरना जैसे गीतों से गीता का अमर संदेश दर्शकों तक बखूबी पहुंचाया गया। इस शानदार प्रस्तुति में कृष्ण कुमार मलिक, मनीषा नागपाल, गुरदयाल, अंजली, साधना, दीक्षा, सोनिया, मोनिका, रजनी, अन्नु, सारिका, प्रियंका यादव, एकता, प्रियंका, मीनू, समता, नेहा, तरूणा, यश, स्माईल, शुभम, इशांत, अस्तित्व,जसकीरत व जतिन ने अपने शानदार अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इससे पूर्व जिला में पहली बार जिला प्रशासन एवं कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य गोपाल सैनी के प्रयासों व विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से विद्ञ्चयार तीर्थ की परिक्रमा की गई तथा अतिरिञ्चत उपायुञ्चत सतबीर सिंह कुंडु ने सरस्वती व गीता आरती में शिरकत की। इस कार्यक्रम में शहर की धार्मिक संस्थाओं ने भागीदारी की तथा महिलाओं की भी परिक्रमा व आरती में काफी भागीदारी रही। इस कार्यक्रम में नीलकंठ महादेव मंदिर के प्रतिनिधि महेंद्र सैनी, बसंती सेवा समिति ग्यारह रूद्री मंदिर सभा, दक्षिम हनुमान मंदिर सभा, राधे-राधे समिति व अन्य समितियों का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिञ्चत सुरेश गर्ग बिंदलिश, अभिषेक, अशोक भारती, टेक चंद, गोपाल के अलावा अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे तथा मनोज शर्मा ने सरस्वती व संध्या गीता आरती करवाई। ग्यारह रूद्री मंदिर सभा द्वारा आरती में शामिल लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस उपरांत उपायुञ्चत धर्मवीर सिंह, अतिरिञ्चत उपायुञ्चत सतबीर कुंडु, नगराधीश विजेंद्र हुड्डïा ने सांस्कृतिक टीमों व कलाकारों को प्रशंसा पत्र देकर सक्वमानित किया। इस मौके पर कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य गोपाल सैनी,कृष्ण कृपा सेवा समिति के प्रभारी दिनेश पाठक, राजकुमार, सुषम कपूर, मनोज शर्मा सहित विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here