मार्केट कमेटी के अधिकारियों की चलती लापरवाही से किसानों को जम कर लुटा जा रहा

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कैथल, 11 नवंबर (कृष्ण गर्ग)
कैथल की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के अधिकारियों की चलती लापरवाही से किसानों को जम कर लुटा जा रहा है। किसान महेंद्र, राम कुमार, रणधीर, जयप्रकाश आदि ने कमेटी के अधिकारियों पर आरोप लगाये है कि किसानों की फसल मंडी में आने के बाद मार्केट कमेटी के द्वारा व्यापारियों से चलती मिली भगत के धान की फसल की बोली नही करवाई जाती। उन्होंने बताया कि व्यापारी अपनी मर्जी से किसानों की धान की फसल को अपनी मन मर्जी के भाव लगाकर खरीद करते है। जब कमेटी के अधिकारियों को बोली करवाने बारे कहा जाता है, तो अधिकारी कहते है कि मंडी बड़ी है और किसानों की फसल ज्यादा आती है। जिस कारण से सारी मंडी में धान की फसल की बोली नही करवाई जा सकती है। इसी का फायदा उठाते हुये व्यापारियों के द्वारा किसानों का लुटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले नरेंद्र सिंह कुंडु को मार्केट कमेटी कैथल के सचिव का कार्य भार सौंपा गया था और उन्होंने इस इंतजाम भी कर दिया था कि हर रोज किसानों की धान की प्रत्येक किस्म की बोली सुबह दो घंटे के लिये की जायेगी और उसके बाद व्यापारी सीधे तौर पर बिना बोली के खरीद सकेंगे। इससे किसानों की उनकी फसल के भाव का पता चले जायेगा कि उनकी फसल की कीमत क्या है। उन्होंने बताया कि उसके बाद कमेटी का सचिव का पद दलेल सिंह को सौंपा गया और नरेंद्र कुंडु को सहायक का कार्य भर दिया गया और वे लम्बी छुट्टी पर चले गये। उन्होंने बताया कि इस समय किसानों की बासमती धान की फसल की आवक भी शुरू हो गई है, जिसको व्यापारी 3800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद कर रहे है, जबकि कैथल जिले की ही पुंडरी अनाज मंडी में 4200 से रुपये से अधिक दर पर खरीदा जा रहा है। यदि बोली होती है तो किसानों को उसकी फसल का भाव का पता चल जाता। उन्होंने बासमती धान व 1121 धान की बोली करवाने की मांग की है। इस बारे में जब कमेटी सचिव दलेल सिंह से बात करनी चाही तो फोन की घंटी बजती रही, परन्तु फोन उठाना वाजिब नही समझा।

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