सरकारी खरीद एजेंसियों के द्वारा किसानों की धान की खरीद नही

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कैथल,01 अक्तूबर(कृष्ण गर्ग)
सोमवार का प्रदेश सरकार के द्वारा अनाज मंडियों में आई किसानों की धान की फसल की खरीद की जानी थी, परन्तु कैथल की अनाज मंडी से सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारी राइस मिल मालिकों द्वारा साथ न आने के चलते मंडी से धान की खरीद करने के लिये नही आये। जिससे परेशान किसान मार्केट कमेटी सचिव से मिले, परन्तु समस्या का हल नही हो पाया।
विदित रहे कि प्रदेश की मंडियों में किसान की पी आर किस्म की धान सरकारी एजेंसियां राइस मिलों के माध्यम से करती है। प्रदेश ही नही देश में यह सरकारी खरीद आज से शुरू होनी थी। किसान अपनी धान की फसल समर्थन मूल्य पर बेचने के लिये भारी संख्या में आये, परन्तु किसानों को निराशा उस समय हुई, जब उनको पता चला कि राइस मिल मालिक सरकारी खरीद एजेंसियों के लिये पी आर किस्म की धान खरीद करने के लिये नही आये। इतना ही नही किसी भी सरकारी खरीद एजेंसी का कोई भी अधिकारी ने भी मंडी में आकर किसानों की सुध नही ली। सारा दिन अधिकारियों का इंतजार करते- करते किसानों की आंखें थक गई और जब सब्र का बांध टूट गया तो किसान एकत्र होकर मार्केट कमेटी कार्यालय में गये और कमेटी सचिव दलेल सिंह को अपना दुखड़ा सुनाया, परन्तु वह भी उनकी समस्या हल नही कर सका। सचिव से मिलने वाले किसानों में अमरीक चक्कू, बलकार खेड़ी, मुख्त्यार सिंह, जसपाल चक पाड़ला, इंद्र जीत नागल, श्रीपाल खेडी आदि अनेक किसान उपस्थित थे।
किसानों की बात सुन सचिव ने राइस मिल मालिक प्रधान मांगे राम खुरानियां को बुलाया और खरीद शुरू करने के बारे में जाना। मांगे राम ने बताया कि देश में धान की खरीद एक पालिसी के तहत ही होती है। पंजाब सरकार के द्वारा राइस मिल के माध्यम से खरीद करने के लिये कोई शर्त नही रखी गई, जबकि प्रदेश सरकार ने राइस मिल मालिकों से 5 प्रतिशत बैंक गारंटी मांग रखी है। जिस कारण से राइस मिल मालिकों ने सरकारी खरीद करने से इंकार कर दिया है। इस पर किसान सहमत नही हुये और कहा कि आज ही यह शर्त कैसे आड़े आई। राइस मिल मालिक पहले भी सरकार के सामने अपनी यह शर्त रख सकते थे। किसानों ने कहा कि हमने अपनी धान सरकार को देनी है, न कि राइस मिलों को। सरकारी खरीद एजेंसियों को किसानों की फसल खरीद करने के लिये आना चाहिये था, परन्तु कोई नही आया। उसके बाद सचिव ने बताया कि उपायुक्त के साथ बैठक चल रही है और आगे मुख्यमंत्री को भी अवगत करवा जा चुका है।
बिना बैंक गारंटी के करेंगे सरकारी खरीद।
इस बारे में कैथल राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान देवी दयाल ने बताया कि सरकार ने सरकारी धान की मिलिंग के लिये राइस मिलों से पांच प्रतिशत बैंक गारंटी मांगी है। जब तक यह शर्त समाप्त नही की जाती तब तक राइस मिल खरीद में सरकारी एजेंसियों का साथ नही देंगे।
फोटो- केटीएल01- मार्केट कमेटी सचिव को अपना दुखड़ा सुनाते किसान।

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