सरकार का मकसद एक जुलाई से जीएसटी लागू करना

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नई दिल्ली(bhaskar.com)
लोकसभा में बुधवार को जीएसटी से जुड़े 4 बिल सेंट्रल जीएसटी (सी-जीएसटी), इंटिग्रेटेड जीएसटी (आई-जीएसटी), यूनियन जीएसटी (यूटी-जीएसटी) और मुआवजा कानून बिल पास हो सकते हैं। अरुण जेटली ने 7 घंटे की डिबेट की शुरुआत की। नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद हैं। बीजेपी सांसद उदित राज ने कहा- मैं खुद टैक्स अफसर रहा हूं और कह सकता हूं कि सरकार ने बोल्ड स्टेप लिया है। इसके लिए बधाई। वहीं, कांग्रेस के वीरप्पा मोइली ने कहा- ये कोई गेम चेंजर स्टेप नहीं बल्कि बेबी स्टेप है। सोमवार को जीएसटी से जुड़े 4 बिलों को सोमवार को संसद में पेश किया गया था। बिल में मैक्सिमम 40% जीएसटी रेट, मुनाफाखोरी रोकने के लिए अथॉरिटी बनाने और कर चोरी करने पर गिरफ्तारी जैसे प्रोविजन हैं। विवाद सुनवाई के लिए जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन होगा। ये एक रेवोल्यूशनरी बिल है…
– जेटली ने कहा, “जीएसटी लागू होने के बाद चीजों की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। अधिकारों का दुरुपयोग न हो, ये ध्यान रखना होगा।”
– “इसका खाका तैयार करने के लिए जीएसटी काउंसिल ने 12 मीटिंग कीं। हमने ये फैसला किया कि टैक्स स्ट्रक्चर के लिए आपसी सहमति से तय हो। ऐसा पहली बार हुआ। ”
– “आज संसद के अंदर चारों कानून तैयार हो चुके हैं। काम का बंटवारा केंद्र-राज्यों के बीच में कैसे होगा, ये तय हो चुका है।”
– “ये रेवोल्यूशनरी बिल है, जिसका सभी को फायदा होगा। इसमें राज्यों की सोवेरीनटी बरकरार रखी गई है।”
सरकार का मकसद एक जुलाई से जीएसटी लागू करना है
– सरकार इस इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम को 1 जुलाई से लागू करने का टारगेट लेकर चल रही है। इससे इंडियन प्रोडक्ट न सिर्फ घरेलू बाजार में, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में भी कॉम्पिटीटर हो जाएंगे।
– स्टडी के मुताबिक, इससे देश की जीडीपी ग्रोथ रेट एक से दो फीसदी तक बढ़ सकती है। इसके न केवल नई नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी।
– एसजीएसटी को सभी राज्यों विधानसभा में पारित किया जाना है, जबकि अन्य चार कानूनों के बिल के लिए संसद से मंजूरी ली जानी है।
– जेटली ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक 31 मार्च को होगी। इसमें नियमों को मंजूरी दी जाएगी। फिर अलग-अलग प्रोडक्ट और सर्विसेस पर कितना जीएसटी लगेगा, यह तय किया जाएगा।
– जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार दरों की स्लैब का प्रपोजल है।
जीएसटी बिल के अहम प्रोविजन
– डिमेरिट गुड्स पर सेस: पान मसाला पर मैक्सिमम 135%, सिगरेट पर 290% लग्जरी कार और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पर 15% तक सेस लगाने का प्रावधान है।
– कर चोरी पर जेल: ट्रांजेक्शन छिपाने या कर चोरी करने पर गिरफ्तारी हो सकती है। दोषी व्यक्ति को 5 साल तक की जेल और/या जुर्माना।
– मुनाफाखोरी पर लगाम: जिन वस्तुओं पर कम टैक्स लगेगा, उसका फायदा कस्टमर को मिलेगा। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी। नजर रखने के लिए अथॉरिटी बनेगी।
– छोटे बिजनेस को राहत: सालाना 50 लाख रुपए तक बिजनेस करने वाले मैन्युफैक्चरर्स को टर्नओवर के 1% तक टैक्स देना होगा। सप्लायर्स के लिए 2.5% है।
– ई-कॉमर्स पर भी जीएसटी: ई-कॉमर्स कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले सप्लायर्स को भुगतान करने से पहले टैक्स काटेंगी। यह अधिकतम 1% होगा।
सवाल-जवाब में जानें, जीएसटी से आपको क्या मिलेगा?
1# आखिर क्या हो जाएगा जीएसटी से?
– जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स। इसे केंद्र और राज्यों के 20 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले लगाया जा रहा है। जीएसटी के बाद एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम, वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन कर, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, लग्जरी जैसे टैक्स खत्म होंगे।
2# यानी इसके बाद सिर्फ एक टैक्स होगा?
– नहीं। जीएसटी में ही 3 तरह के टैक्स होंगे।
– सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी: इसे केंद्र सरकार वसूलेगी।
– एसजीएसटी यानी स्टेट जीएसटी: इसे राज्य सरकार वसूलेगी।
– आईजीएसटी यानी इंटिग्रेटेड जीएसटी: अगर कोई कारोबार दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर यह टैक्स लगेगा। इसे केंद्र सरकार वसूलकर दोनों राज्यों में बराबर बांट देगी।
3# इससे मुझे यानी आम लोगों को क्या फायदा?
– टैक्सों का जाल और रेट कम होगा: अभी हम अलग-अलग सामान पर 30 से 35% टैक्स देते हैं। जीएसटी में कम टैक्स लगेगा।
– एक देश, एक टैक्स: सभी राज्यों में सभी सामान एक कीमत पर मिलेगा। अभी एक ही चीज दो राज्यों में अलग-अलग दाम पर बिकती है, क्योंकि राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं।
4# जीएसटी अब तक अटका क्यों था?
– 17 साल पहले वाजपेयी सरकार ने इसकी नींव रखी थी। पर अल्पमत में होने के कारण यह टलता रहा। 2009 में यूपीए ने कोशिश की। तब ज्यादातर राज्यों में गैर कांग्रेसी सरकारें थीं। सभी नुकसान की भरपाई पर अड़ी थीं। अब केंद्र और ज्यादातर राज्यों में बीजेपी की बहुमत वाली सरकारें हैं।
5# दुनिया में 5 से 25% तक है जीएसटी
– जीएसटी 150 देशों में लागू हो चुका है। लेकिन रेट अलग-अलग हैं।
– जापान में 5%, सिंगापुर में 7%, जर्मनी में 19%, फ्रांस में 19.6% है।
– स्वीडन में 25%, ऑस्ट्रेलिया में 10%, कनाडा में 5%, न्यूजीलैंड में 15% और पाकिस्तान में 18% तक है।

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