सरकार के सख्त रवैये के कारण किसानों की फसल सोमवार को भी खरीद न होने की सम्भावना

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कैथल, 19 अप्रैल(कृष्ण गर्ग)
सरकार के आदेशानुसार किसानों की गेहूं की खरीद सोमवार से 20 दिन बाद शुरू हो रही है, परन्तु प्रदेश में सरकार के सख्त रवैये के कारण किसानों की फसल सोमवार को भी खरीद न होने की सम्भावना बनी हुई है, क्योंकि प्रदेश भर की अनाज मंडियों में आढ़तियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की हुई है। इस हड़ताल में कैथल अनाज मंडी के आढ़ती भी शामिल है।
आढ़तियों ने बताया की जब तक उनकी मांगे नही मानी जाती, तब तक वे किसानों की कोई भी फसल नही तोलेंगे। खरीद शुरू करवाने के लिये रविवार को कैथल डी एफ एस सी ने मंडी के प्रधानों की मिटिंग भी ली, परन्तु खरीद करने का कार्य सिरे नही

चढ़ सका। मंडी प्रधान कृष्ण मितल ने बताया था कि वे मंडी के आढ़तियों को बारदाना देना चाहते थे, परन्तु जब तक उनकी मांग नही मानी जाती तब तक वे बारदानें का क्या करेंगे। डी एफ एस सी ने यह भी बताया था की आढ़ती किसानों को सीधी

अदायगी न करके उनके द्वारा दी गई रकम काट कर अदायगी कर सकते है, परन्तु वे एक अधिकारी है। सरकार के आदेशानुसार आढ़ती को किसान की सारी फसल की अदायगी अपने पैसे काटे बिना करनी होगी। किसानों के गेट पास, जे फार्म, ई फार्म ई

प्रणाली के द्वारा आन लाइन काटने के आदेश है। जो आढ़तियों का स्वीकार नही। आढ़तियों ने बताया की सरकार के द्वारा उनके साथ धक्के शाही की जा रही है। ई- ट्रेडिंग के द्वारा वे किसी भी कीमत पर किसानों की फसल नही बेचेंगे। सरकार हर रोज

वायदा कर मुकर रही है। सरकार ई प्रणाली बंद करने व किसानों की फसल की अदायगी सीधे न करके उनके द्वारा लिये गये लोन को काट कर करने के लिखित आदेश दे। मंडी के आढ़ती अपनी मर्जी से थोड़े- थोड़े किसान बुलाकर उनकी फसल को

ताला जायेगा। प्रदेश की सभी मंडियों की हड़ताल के साथ ही यहां की हड़ताल समाप्त होगी।
किसानों की फसल की अदायगी लिये लोन काट कर देने की कहने गये थे।
जब डी एफ एस सी विरेंद्र सिंह से इस बारे में जाना गया तो उन्होंने बताया की सरकार के आदेशानुसार बारदाना खरीद के बाद ही देना है। वे मंडी के प्रधानों को यह अवगत करवाने गये थे कि आढ़ती उनके द्वारा दी गई राशि काट कर किसानों को फसल

अदायगी कर सकते है।

किसानों को मंडी में गेहूं की फसल लाने के आदेश उपर से आयेंगे।
मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार ने पूछने पर बताया की किसानों को फसल बेचने के लिये लाने हेतु चंडीगढ़ से ही आदेश आयेंगे। मंडी में सभी प्रबंध की गये है।

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