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कम से कम एक खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं- उपायुक्त

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कैथल, 28 सितंबर (कृष्ण गर्ग)
उपायुक्त  सुनीता वर्मा ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहनशीलता की भावना प्रबल होने के अतिरिक्त शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास भी होता है। बच्चे मोबाईल व कंप्यटूर पर गेम खेलने की बजाए बाहर मैदान में खेल खेलें। मोबाईल व कम्प्यूटर पर खेल खेलना बच्चों के लिए हानिकारक है।
उपायुक्त  सुनीता वर्मा पट्टी अफगान स्थित  गुरू गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में हरियाणा स्वर्ण जयंती जिला स्तरीय खेल महाकुंभ का विधिवत रूप से उद्घाटन करने से पूर्व जिला के खिलाडिय़ों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने खेल ध्वजा रोहण करने के उपरांत जिला स्तरीय खेल महाकुंभ की शुरूआत करने की विधिवत रूप से घोषणा की। खेल विभाग के माध्यम से खिलाडिय़ों द्वारा उपायुक्त एवं जिला ओलम्पिक खेल परिषद की अध्यक्षा  सुनीता वर्मा को बैज लगाया गया तथा कैप भेंट की गई। इस खेल महाकुंभ में जिला के सभी खंडों के लगभग 5 हजार खिलाड़ी विभिन्न 24 खेल स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने मार्च पास्ट में हिस्सा ले रहे खिलाडिय़ों का अभिवादन स्वीकार किया तथा अंतरराष्ट्रीय बाक्सिंग खिलाड़ी कुलदीप सिंह को सम्मानित भी किया।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि आज की बदलती जीवनशैली की वजह से छोटे-छोटे बच्चों में शुगर जैसी बीमारियां हो रही हैं, जो चिंताजनक है। यह आयु बच्चों के खेलने कूदने की होती है। जीवन शैली की वजह से बच्चे व युवाओं में भी तनाव साफ नजर आता है। यदि बच्चे व युवा खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं तो ऐसी बीमारियां व तनाव से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने गत 27 सितंबर को करनाल में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का उद्घाटन करते हुए कहा था कि खूब खेलो-अच्छा खेलो किसी की भावनाओं के साथ न खेलों। उन्होंने खिलाडिय़ों को खेल को खेल भावना से खेलने को कहा। खेल में जीत-हार का इतना महत्व नही होता, जितना खेलों में भाग लेने का महत्व होता है। इसके उपरांत उपायुक्त ने स्टेडियम परिसर में खिलाडिय़ों के लिए स्थापित की गई अस्थाई रसोई में पकाए गए भोजन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इस भोजन की गुणवत्ता जांचने के बाद संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि इन खेलों में भाग ले रहे सभी खिलाडिय़ों को सही खाना व फल वितरित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खाने को अच्छी तरह ढक़ कर रखा जाए, ताकि खिलाडिय़ों को साफ व शुद्ध खाना मिल सके।
जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी गंगादत्त यादव ने उपायुक्त एवं सभी प्रतिभागी खिलाडिय़ों का अभिवादन करते हुए कहा कि इस जिला स्तरीय खेल महाकुंभ के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में प्रयोग करना तथा युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रखना है। उन्होंने उपायुक्त को खेल विभाग की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।  गंगादत्त यादव ने कहा कि खेल विभाग द्वारा तीरंदाजी, हैंडबाल, टेबल टैनिस, जुडो, एथलैटिक्स, हॉकी, टेनिस, खो-खो, बैडमिन्टन, जिम्रास्टिक, वॉलीवाल, सर्कल कबड्डी, बास्केटबॉल, कबड्डी, भार तोलन, रस्सा-कस्सी, बॉकसिंग, स्वीमिंग, कुश्ती, फुटबॉल, नेटबाल, वुशु खेलों का तीन आयु वर्गों में आयोजन किया जा रहा है। इनमें 14 वर्ष से कम, 17 वर्ष से कम तथा ओपन श्रेणी के खेल शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में 40 वर्ष से ज्यादा तथा 60 वर्ष से ज्यादा आयु के खिलाडिय़ों के लिए एथलैटिक्स, बैडमिंटन, टैनिस, टेबल टैनिस का आयोजन भी किया जा रहा है।
कैथल खंड की खिलाड़ी ने सभी प्रतिभागी खिलाडिय़ों को इन खेलों को अनुशासन तथा खेल की भावना से खेलने एवं मादक पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलवाई। इस मौके पर कबड्डी कोच जसवंत सिंह सहित खेल विभाग तथा शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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