');}

यदि सरकार 50 हजार रूपए प्रति एकड़ दे मुआवजा तो छोड़ देंगे पराली को खेतों में सड़ने के लिए: सिंह

लाडवा, 10 अक्तूबर(संजय गर्ग): भारतीय किसान यूनियन लाडवा की एक बैठक ब्लाक अध्यक्ष अजीत सिंह भूतमाजरा की अध्यक्षता में किसान विश्राम गृह में सम्पन्न हुई। जिसमें सभी किसानों ने विभिन्न मुद्दो पर विचार विर्मश किए।
अजीत सिंह भूतमाजरा लाडवा के किसान विश्राम गृह में किसानों को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए व किसानों को कर्जा मुक्त किया जाने व किसानों को 60 वर्ष का होने पर 5 लाख रूपए रिटायरमेन्ट व 5 हजार रूपए महीना पैशंन दी जाए। जिसमें किसान का बुढ़ापा आराम से कट सकें। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि या तो किसानों को पराली जलाने की इज्जाजत दी जाए या 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। ताकि किसान गेंहू की बजाई नहीं करेंगे और पराली को अपने खेतो में सड़ा देंगे। वहीं गांव की बिजली सुचारू रूप से चलाई जाए और रात को कट बन्द किए जाए। बिजली की सप्लाई शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक सुचारू रूप से चलाई जाए और टयूबलों की बिजली सब्जी के सीजन को देखते हुए दिन में चलाई जाए। वहीं उन्होंने धान के सीजन को देखते हुए धान का एक-एक दाना सरकारी रेट पर खरीदा जाए और लागत को देखते हुए किसानों को धान पर 200 रूपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए और किसानों की मर्जी के बिना प्रधानमंत्री फसल बीमा नहीं काटा जाए यह किसानों पर आर्थिक बोझ है। वहीं भाकियू इसका विरोध करती हैं। भाकियू सरकार से मांग करती है कि शुगर मिली को 1 नवम्बर से चालू किया जाए और गन्ने का समर्थन मूल्य लागत को देखते हुए 500 रूपए प्रति क्विंटल दिया जाए। बैठक में विभिन्न किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर मदनपाल बपदा, राजपाल बपदा, मामचन्द बपदी, कर्म सिंह बुढ़ा, जगीर सिंह बन, ईश्वर सिंह बन, धर्मबीर बपदा, धर्मा बपदा, शेर सिंह बड़ौन्दा, प्रदीप सिंह बडौन्दा, रामकरण बपदा आदि किसान उपस्थित थे।

You can leave a response, or trackback from your own site.

Leave a Reply