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पोलीथीन के मामले में स्वच्छता रखने वाले पहले तीन गांवों को 31 हजार रुपए, 21 हजार रुपए तथा 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा

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कैथल, 8 जनवरी(कृष्ण गर्ग)
अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन शक्ति ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतें तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि अपने-अपने गांव को पोलीथीन मुक्त करने का अभियान चलाएं। पोलीथीन न केवल पशुओं के लिए जानलेवा है, बल्कि

मानव के लिए दमा और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बनता है।
कैप्टन शक्ति सिंह आज स्थानीय पंचायत भवन में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पोलीथीन मुक्त जिला विषय पर आयोजित सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों तथा जिला परिषद के सदस्यों के जिला स्तरीय सम्मेलन को

संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला को पोलीथीन मुक्त करने के लिए अपने-अपने गांव में प्रथम चरण में कुछ क्षेत्र को चयनित करके उसे पोलीथीन मुक्त करें, इससे वह क्षेत्र साफ-सुथरा नजर आएगा। पोलीथीन न हवा

से गलता है और न पानी में पिघलता है। गलियों में आसपास की नालियों में इक्ट्ठा होकर पानी के भाव को रोकता है। थरमोकॉल डिस्पोजल क्रोकरी भी पोलीथीन ही है। हम कई बार धार्मिक अनुष्ठानों में थरमोकॉल डिस्पोजल

का प्रयोग करते हैं तथा बाद में सफाई की तरफ कोई ध्यान नही देते। हर साल हजारों लाखों टन कचरा पैदा होता है, जिसके कारण सड़कों पर पानी इक्ट्ठा होने से सड़के टुटती हैं, जो दुर्घटना का कारण बनती है। उन्होंने कहा

कि बेसहारा पशु पोलीथीन खाते हैं, जो उनके लिए जानलेवा सिद्ध होता है। कई बार समुद्रों में कछुए भी पोलीथीन का शिकार होते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि हम सभी खेतों में गोबर की खाद के साथ पोलीथीन भी पहुंचा रहे हैं। यह पोलीथीन न केवल प्रदुषण फैलाता है, बल्कि पौधे की बढ़ोत्तरी रोककर जमीन को अमलीय बनाता है, जिससे

फसलों की पैदावार पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि अपने-अपने गांव में ऐसे दुकानदारों को प्रोत्साहन दें, जो पोलीथीन का उपयोग नही करते। जब भी दुकान से

घरेलु सामान खरीदने के लिए जाएं तो जुट का बैग या कपड़े का बैग लेकर जाएं। इससे पोलीथीन पर नियंत्रण लगाने में हमें मदद मिलेगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि बेसहारा पशुओं को कोई भी खाने की वस्तु पोलीथीन में

न दें। उन्होंने कहा कि पोलीथीन के जलाने से ऐसी जहरीली गैस पैदा होती है, जो दमा और कैंसर का कारण बनती है।
कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि पोलीथीन से मुक्ति के लिए सबसे ज्यादा पोलीथीन इक्_े करने वाले गांव को एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा तथा खंड स्तर पर भी पोलीथीन के मामले में स्वच्छता रखने वाले

पहले तीन गांवों को 31 हजार रुपए, 21 हजार रुपए तथा 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित प्रतिनिधियों को पोलीथीन से मुक्त होने के लिए शपथ भी दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा कि

पोलीथीन के प्रदुषण से गांव को मुक्त करवाऊंगा तथा आगे से पोलीथीन का प्रयोग नही करूंगा और न ही पोलीथीन को खुले में फैकुंगा। आम सामान लाने के लिए जुट बैग का उपयोग करूंगा तथा पोलीथीन का उपयोग न करने

वाले दुकानदारों को प्रोत्साहित करूंगा। इस मौके पर पोलीथीन से होने वाले नुकसान के बारे में एक डॉक्युमैंट्री भी दिखाई गई, जिसमें महात्मा गांधी ने कहा था कि साफ-सफाई राजनीतिक आजादी से भी कहीं महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वच्छ भारत मिशन का जो सपना संजोया है, उसे साकार करने में पंचायतें महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि गीता में भी स्वच्छता पर विशेष
उल्लेख किया गया है। स्वच्छता के मामले में गांव नैना के बारे में  फिल्म प्रदर्शित की गई। इस फिल्म से सभी प्रतिनिधियों को अपने-अपने गांव को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
इस मौके पर एसडीएम कमलप्रीत कौर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संयम गर्ग, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित चौधरी, रोजी, कंचन

लता, राजकुमार चांदना, नेत्रपाल शर्मा, अमरेंद्र खारा उपस्थित रहे।

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