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Saturday, July 31, 2021
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कैथल के उपायुक्त ने अपनी बेटी के विवाह पूर्व बांटी मिठाई।

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कैथल के उपायुक्त ने अपनी बेटी के विवाह पूर्व बांटी मिठाई।
कैथल, 10 फरवरी (कृष्ण गर्ग)
वर्तमान परिवेश में बेटियों को लेकर समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नही है, बल्कि उनसे आगे निकल चुकी है। बेटी के जन्मोत्सव व विवाह समारोह को धूमधाम से मनाने का चलन समाज में

चल पड़ा है, जोकि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बेटियों को आगे बढ़ाओ की अवधारणा को पूर्ण कर रहा है। कुछ ऐसा ही उदारहण जिला में देखने को मिला, जब उपायुक्त सुजान सिंह ने अपनी बेटी विभा यादव की शादी, जोकि 16 फरवरी को होनी

निर्धारित है, उसकी खुशी को अभी से मनाना शुरू कर दिया है। अहम पहलू यह है कि उन्होंने अपनी बेटी की होने वाली शादी के उपलक्ष में फ्रंटलाईन कोरोना वारियर्स नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारियों को मिठाई वितरित कर एक उदाहरण पेश किया

है। उपायुक्त के निजी सचिव रमेश कुमार ने सभी कर्मचारियों को खुद जाकर मिठाई वितरित की। इस संदर्भ में यूनियन के प्रधान शिव चरण ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि इतने बड़े अधिकारी द्वारा बेटी की शादी के उपलक्ष में सभी को मिठाई के

डब्बे वितरित किए हैं और सभी को अपने खुशी के पलों में शामिल किया है। इसी प्रकार नगर परिषद सफाई कर्मचारी प्रधान महेंद्र बिडलान व अन्य कर्मचारियों ने उपायुक्त सुजान सिंह की इस सोच सकारात्मक बताते हुए विभा यादव की शादी की मंगल क

ामना की और उनके सुखद जीवन की परमात्मा से अरदास की।

बेटियां नही हैं किसी भी क्षेत्र में पीछे,

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बेटियां नही हैं किसी भी क्षेत्र में पीछे, प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्टï प्रदर्शन करके बेटियां कर रही हैं, अपने माता-पिता तथा प्रदेश का नाम रोशन : सीटीएम अमित कुमार
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत हुआ बालिका दिवस कार्यक्रम का आयोजन, करवाई गई विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं
कैथल, 22 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
नगराधीश अमित कुमार ने कहा कि वर्तमान परिवेश में बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नही हैं, बल्कि कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के बल पर बेटों से भी आगे निकल गई हैं। प्रदेश की बेटियां खेलों व अन्य प्रति स्पर्धाओं में उत्कृष्टï प्रदर्शन करके अपने साथ-साथ माता-पिता तथा प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
नगराधीश अमित कुमार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लघु सचिवालय परिसर स्थित ईवीएम वेयर हाउस के सभागार में बालिका दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पहले नगराधीश अमित कुमार, कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच ने मेहंदी, वेस्ट टू बैस्ट तथा रंगोली प्रतियोगिता का अवलोकन किया। सीटीएम अमित कुमार ने प्रतियोगिता में अव्वल स्थान प्राप्त करने वाली लड़कियों, आंगनवाड़ी वर्करों तथा सुपरवाईजर्स को सम्मानित किया। इस मौके पर नगराधीश अमित कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी को बेटियों को बेटों के समान आगेे बढऩे के समान अवसर देने होंगे। आज के दौर में बेटा-बेटी में कोई फर्क नही है, बल्कि बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टï कार्य कर रही हैं। प्रदेश की बेटियां खेलों के साथ-साथ सेना में भी भर्ती हो रही है, जोकि नारी सशक्तिकरण का बहुत बड़ा उदाहरण हैं।
कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 26 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लड़कियों की प्रति स्पर्धाएं, लड़कियों का जन्म दिन मनाना, पौधा रोपण अभियान, लड़कियों की कैरियर काउंसलिंग तथा उन लड़कियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने खेलों, शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्टï कार्य किया है। उन्होंने कहा कि समाज को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखनी होगी, तभी हम बेटा-बेटी के फर्क को खत्म कर पाएंगे।
इस मौके पर सीडीपीओ सुमन, सुनीता, बिमला, सतपाल, शिक्षा गागट, खेमलता, मुकेश कुमार, गौरव, सिकंदर, संदीप आदि मौजूद रहे।
फोटो: 1

बॉक्स: ये रहे प्रतियोगिताओं में विजेता
बालिका दिवस कार्यक्रम की मेहंदी प्रतियोगिता में पलक प्रथम, उर्वशी द्वितीय तथा नेहा तृतीय, वेस्ट टू बैस्ट यानि बेकार सामान से सजावजी चीजे बनाने की प्रतियोगिता में नीलम, सीमा, रेखा समूह प्रथम, सिंदरपाल, बलवंत कौर समूह द्वितीय तथा सुनीता व कविता समूह तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार रंगोली प्रतियोगिता में सुपरवाईजर मंजू बंसल पहले, पिंकी दूसरे तथा पूजा तीसरे स्थान पर रही।

अप्रैंटिसशिप योजना की उपायुक्त सुजान सिंह ने ली समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, कहा- सभी विभाग रखें तयमापदंडानुसार प्रशिक्षु

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अप्रैंटिसशिप योजना की उपायुक्त सुजान सिंह ने ली समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, कहा- सभी विभाग रखें तयमापदंडानुसार प्रशिक्षु
कैथल, 22 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे अप्रैंटिसशिप योजना के तहत विभागाध्यक्ष अपने स्टाफ की संख्या के अनुसार 10 प्रतिशत प्रशिक्षु लगाना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही व देरी नही होनी चाहिए। इस व्यवस्था से जहां युवाओं को अप्रैंटिसशिप के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का मौका मिलेगा, जो उनके भविष्य में काम आएगा, वहीं संबंधित विभागों को भी मैन पॉवर मिलेगी।
उपायुक्त सुजान सिंह लघु सचिवालय में अप्रैंटिसशिप योजना विषय पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग में नियमानुसार अप्रैंटिस प्रशिक्षु रखें और इस कार्य में कोई भी लापरवाही नही बरतें। उन्होंने कहा कि कुछ विभागों ने 10 प्रतिशत के हिसाब से अप्रैंटिस पर बच्चों को रख लिया हैं, जोकि जरूरी है। जिन विभागों ने अप्रंैटिस पर बच्चों को नही रखा है, वे भी इसकी प्रक्रिया जल्द पूरी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेंं। इस मौके पर आईटीआई प्रिंसीपल सतीश मच्छाल, सतबीर सिंह, अनिल के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पतंग उड़ाने के लिए चाईना डोर के स्टोर करने, बिक्री तथा खरीद पर लगाया प्रतिबंध

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पतंग उड़ाने के लिए चाईना डोर के स्टोर करने, बिक्री तथा खरीद पर लगाया प्रतिबंध
कैथल, 22 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
जिलाधीश सुजान सिंह ने भारतीय दंड प्रक्रिया 1973 की धारा 144 के तहत जिला कैथल की संपूर्ण परिधि में आगामी 2 मास तक पतंग उड़ाने के लिए प्रयोग की जाने वाली चाईना डोर अथवा दूसरे अन्य सिंथैटिक वस्तु के स्टोर करने, बिक्री तथा खरीद पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पतंग उड़ाने के लिए चाईना डोरी अथवा अन्य सिंथैटिक वस्तु से मानव जीवन को होने वाले नुकसान के मद्देनजर जारी किए गए हैं। इन आदेशों की पालना पुलिस अधीक्षक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी तथा आदेशों की उल्लंघना का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कैथल-जींद रोड पर विकसित हो रही अवैध कालोनियों पर चलाया गया पीला पंजा, निरंतर जारी रहेगा यह अभियान : उपायुक्त सुजान सिंह

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कैथल-जींद रोड पर विकसित हो रही अवैध कालोनियों पर चलाया गया पीला पंजा, निरंतर जारी रहेगा यह अभियान : उपायुक्त सुजान सिंह
कैथल, 22 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
जिला में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिला नगर योजनाकार कार्यालय व ड्यूटी मैजिस्ट्रेट ईश्वर सिंह नायब तहसीलदार के पूरे अमले द्वारा शहर में कैथल-जींद रोड पर जीवन राईस मिल के नजदीक साढ़े 6 एकड़ मेें पनप रही अवैध कालोनी में निर्माणाधीन 14 रिहायशी मकानों की नींव व मौके पर बनी मिट्टïी की सडक़ों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
उपायुक्त सुजान सिंह ने बताया कि जिला में पनप रही अवैध कालोनियों पर जिला नगर योजनाकार कार्यालय द्वारा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। भूमि भू मालिकों द्वारा बिना विभागीय अनुमति के अर्बन एरिया कैथल के अंतर्गत पडऩे वाली राजस्व सम्पदा, गांव पट्टïी चौधरी में कैथल-जींद रोड पर जीवन राईस मिल के नजदीक अवैध कालोनी विकसित करने का मामला सामने आया था, जिसके उपरांत विभाग द्वारा भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट 1975 की धाराओं के तहत नोटिस जारी करके कॉलोनी विकसित करने के लिए जरूरी अनुमति प्राप्त करने वाले आदेश दिए गए थे, परंतु भूस्वामी और प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा न तो मौके पर बनाई जा रही अवैध कालोनी का निर्माण रोका और न ही विभाग से किसी प्रकार की अनुमति ली। पीला पंजा चलाने के साथ-साथ अवैध कालोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
जिला नगर योजनाकार अनिल कुमार नरवाल ने बताया कि आम लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वह सस्ते प्लाट के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में न आए और न ही अवैध कालोनियों में प्लाट खरीदें। मकान खरीदने से पहले जिला योजनाकार कार्यालय से पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें। सभी प्रॉपर्टी डीलर का भी आह्वïान किया गया है कि वे सरकार द्वारा चलाई गई हाउसिंग स्कीम, दीनदयाल हाउसिंग स्कीम, अफॉर्डेबल हाउसिंग स्कीम, जिसमें 5 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किया जाता है। कॉलोनी काटने की जरूरी अनुमति प्राप्त करें, ताकि शहर वासियों को सस्ता मकान उपलब्ध हो सके। यदि कोई व्यक्ति अवैध कालोनी में प्लाट आदि खरीदता है तो उसके विरूद्ध भी कार्यालय द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें 50 हजार रुपए तक का जुर्माना व तीन साल की सजा प्रावधान है। विभाग द्वारा जुलाई माह में अवैध कलोनाईजेशन के विरूद्घ तोड़-फोड़ कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

गुरनाम सिंह चढूनी जैसे राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लालची कथित किसान नेता की वजह से पूरी किसान जाती बदनाम

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कैथल, 18 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
गुरनाम सिंह चढूनी जैसे राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लालची कथित किसान नेता की वजह से पूरी किसान जाती बदनाम हुई है! संयुक्त किसान मोर्चा जल्द से जल्द चढूनी को इस आंदोलन से पूर्ण रूप से बाहर निकाले अन्यथा इनके षड्यंत्र से यह पवित्र आंदोलन खात्मे की तरफ चला जाएगा!
यह बात भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के चेयरमैन आल इंडिया लीगल सैल ब्रहम सिंह दहिया ने मीडिया को जारी बयान में कही!
दहिया ने कहा कि दलाली करना गुरनाम सिंह चढूनी का पुराना पेशा है! वसूली के कारण कई मामलों में पहले भी संलिप्तता सामने आई है! इन्ही कृत्यों की वजह से चढूनी को पूर्व में भारतीय किसान यूनियन ने बाहर निकाला था और चढूनी ने फिर अपना अलग संगठन बना लिया था! दहिया ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा चढूनी का किसान यूनियन से स्थाई निष्कासन करे अन्यथा यह आंदोलन तोडऩे का षड्यंत्र रचता रहेगा!
एडवोकेट ब्रहम सिंह दहिया ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा को कई बार आगाह किया था! राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते किसानों का इस्तेमाल करने वालों का करें पूर्ण बहिष्कार होना चाहिए!
स्वयंभू किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी किसान आंदोलन को तोडऩे का काम कर रहे हैं! वे खुद हीरो बनने के चक्कर में समस्त किसानों को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर बदनाम करा रहे हैं! अन्नदाता किसान हमेशा शांति प्रिय आंदोलन करता रहा है, यही उसकी पहचान है! गुरनाम सिंह चढूनी जैसे अति महत्वाकांक्षी लोग तोड़ फोड़ कराकर किसानों की छवि खराब करा रहे हैं! इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है!
दहिया ने कहा कि मैंने संयुक्त किसान मोर्चा से कहा था कि चढूनी से सावधान रहे! वह आंदोलन तोडऩे की साजिश रच रहे हैं! दहिया ने कहा कि शांति पूर्ण रूप से प्रदर्शन करना किसान यूनियन की पहचान रही है! चढूनी के कहने पर हुए करनाल के कैमला प्रकरण ने किसानों की छवि को खराब किया है! उन्होंने कहा कि किसानों को उग्र कर चढूनी जैसे लोग अपना नाम चमकाना चाहते हैं! किसान को जनता आदरभाव से देखती रही है, लेकिन ऐसे प्रकरण लोगों के मन में किसान के प्रति दुर्भावना पैदा करते हैं! किसान ने शदियों की कठोर तपस्या के बाद अपनी शांति प्रिय छवि बनाई है, लेकिन गुरनाम चढूनी जैसे कथित किसान नेता भोले-भाले किसानों को उकसाकर निजी हित साधने में लगे हैं! ऐसे नाम चमकाऊ लोगों की मंशा व कृत्य की जितनी निंदा की जाए कम है!
किसानों से आह्वान
ब्रहम सिंह दहिया ने किसानों से आह्वान किया कि वे ऐसे लोगों के बहकावे में न आएं और उनका बायकाट करें! उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा से भी आह्वान किया कि नाम के भूखे गुरनाम सिंह चढूनी जैसे लोगों को कमेटी से बाहर करें! गुरनाम सिंह चढूनी के भडक़ाऊ बयान आंदोलन के टूटने का कारण बन सकते हैं! वे बार-बार वीडियो जारी कर किसानों को उग्र होकर दंगे करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं! अब राजनीतिक पार्टियों से पैसे लेकर आंदोलन की दिशा भटकाने का पटाक्षेप हो चुका है! आंदोलन शांति प्रिय ढंग से चल रहा है, लेकिन अब आंदोलन की आड़ में तोड़ फोड़ शुरू हो गई है, जो आंदोलन को कमजोर कर रही है! दहिया ने कहा कि वे दशकों से आंदोलन करते आ रहे हैं, लेकिन कभी किसी पर हाथ नहीं उठाया, यही वजह रही कि आंदोलन हमेशा सफल रहे! अराजकता फैलाकर खौफ पैदा करना किसान का काम नहीं है! उन्होंने पुन: किसानों व किसान नेताओं से आह्वान किया कि चढूनी जैसे लोगों की बातों में न आएं व सख्ती बरतते हुए उसे आंदोलन से बाहर निकालें ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत न करे!
दहिया ने कहा कि महत्वाकांक्षा व मनमानी के कारण गुरनाम सिंह चढूनी कई बार किसान आंदोलन स्थल से भगाए जा चुके हैं! टीकरी बार्डर व सिंघू बार्डर पर आपत्तिजनक भाषण देने पर उन्हें मंच से उतारा जा चुका है, लेकिन वे अपनी नामचमकाऊ हरकतों से बाज नहीं आ रहे! दहिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे ऐसे लोगों के सख्त खिलाफ हैं और ऐसे प्रकरण की साजिश रचने वालों की निंदा करते हैं!
फोटो- केटीएल0ृ

प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिह चढुनी पर लगे गम्भीर आरोपों का भी खंडन

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कैथल, 18 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
सोमवार को पाई के धर्म कुंड पर ग्रामीणों की एक महापंचायत हुई। जिसमें 26 जनवरी को किसानों द्वारा दिल्ली व जिला स्तर पर गणतंत्र दिवस पर परेड करने की रूप रेखा तैयार की गई। महापंचायत में किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिह चढुनी पर लगे गम्भीर आरोपों का भी खंडन किया गया। यह महापंचायत लगभग दो घंटे चली। जिसमें पूर्व सरपंच ओम प्रकाश, करतारा, बलवान, राम मेहर उर्फ बिट्टु, राजेंद्र कैरा, राजेश ढुल, सुरेंद्र ढुल, सत्यवान ढुल, राम कुमार, डी सी ढुल, कर्ण सिंह, बलजीत, चंद्रभान मास्टर, हरदीप, कृष्ण कुमार, सतीश सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। पंचायत में किसानों को बताया गया कि इस आंदोलन में प्रदेश की ओर से दो किसान नेता गये हुये है। जिनमें किसान नेता गुरनाम सिंह चढुनी पर कांग्रेस से मिली भगत के आरोप शिव कुमार काका की ओर से लगाने की एक खबर जान बुझ कर आंदोलन को तोडऩे के लिये प्रकाशित की गई। यह खबर गलत है और खुद जिसके हवाले से यह आरोप लगाये गये है, उन्होंने अपनी विडियों प्रसारित करके इसका खंडऩ किया है।
महा पंचायत में यह भी कहा गया कि पाई में जितने भी ट्रैक्टर व दूसरे चार पहिया वाहन है, सभी 22 जनवरी को पाई से किसान यूनियन के झंडे लगाकर एक रैली के रूप में दिल्ली 26 जनवरी की परेड़ में शामिल होन के लिये जायेंगे, जिनकी संख्या लगभग 500 के करीब है। महापंचायत में यह भी फैसला लिया गया कि जो किसी कारण वंश दिल्ली नही जा सकते वे और दो पहिया वाहन जिला स्तर पर जिला कमेटी की ओर से निकाली जाने वाली परेड में शामिल होगे।

जिला विकास एवं निगरानी समिति (डी-प्लान) की बैठक का हुआ आयोजन

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जनहित से कार्यों को किया जाएगा प्राथमिता से पूरा तथा डी-प्लान के तहत जिला में करवाए जाएंगे 8 करोड़ 47 लाख रुपये के विकास कार्य : डीसी सुजान सिंह
डीसी सुजान सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास एवं निगरानी समिति (डी-प्लान) की बैठक का हुआ आयोजन
कैथल, 18 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
जिला विकास एवं निगरानी समिति (डी-प्लान) की बैठक सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कांफ्रैंस हॉल में आयोजित की गई। उपायुक्त सुजान सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला कैथल में डी-प्लान के तहत वर्ष 2020-21 के लिए 8 करोड़ 47 लाख 53 हजार रुपये के लगभग संभावित राशि से विभिन्न विकास कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की गई। उपायुक्त ने वर्ष 2019-20 में डी-प्लान के तहत करवाए गए विकास कार्यो के उपयोगिता प्रमाण पत्र एक सप्ताह में भेजने के निर्देश भी दिए। वित वर्ष 2019-20 में 10 करोड़ 52 लाख 78 हजार रुपये से विकास कार्य करवाए गए थे।
उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि जिला में डी-प्लान के तहत इस वर्ष 2020-21 के लिए 8 करोड़ 47 लाख 53 हजार रुपये के विकास कार्य करवाए जाने है। जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से एजैंडे में शामिल किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। कोई कार्य किसी स्कीम के तहत पूरा नही हो पाया है, उसे डी-प्लान के तहत पूरा करें। डी-प्लान के तहत जिला के सभी खंडों, नगर परिषद, नगरपालिकाओं में विभिन्न विकास कार्य करवाए जाने हैं। इस राशि में 5 करोड़ 8 लाख 52 हजार रुपये सामान्य वर्ग तथा 3 करोड़ 39 लाख 1 हजार रुपये अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए खर्च किए जाएंगे। जिला योजना के तहत करवाए जाने वाले कार्यों में गलियों के निर्माण एवं उनके रखरखाव, मुरम्मत, स्वच्छता व पानी की निकासी के लिए 30 प्रतिशत राशि खर्च की जाती है। अन्य विकास कार्यों के लिए 70 प्रतिशत राशि खर्च की जाएगी। जिला योजना के तहत जिला के 7 खंड ढांड, पूंडरी, गुहला, कैथल, कलायत, राजौंद, सीवन के लिए कुल 3 करोड़ 71 लाख 78 हजार रुपये विकास कार्यों पर खर्च होंगे, जिसमें से सामान्य वर्ग के लिए 2 करोड़ 23 लाख 20 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग क्षेत्र में 1 करोड़ 48 लाख 58 हजार रुपये के विकास कार्य करवाए जाएंगे। शहरी नगर परिषद व नगर पालिका क्षेत्र में 1 करोड़ 6 लाख 28 हजार रुपये विकास कार्यों पर खर्च होंगे, जिसमें से सामान्य वर्ग के लिए 63 लाख 81 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग क्षेत्र में 42 लाख 47 हजार रुपये के विकास कार्य करवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण आंचल में ढांड खंड में कुल 43 लाख 28 हजार विकास कार्य करवाए जाने हैं, जिनमें से 25 लाख 99 हजार रुपए सामान्य क्षेत्र तथा 17 लाख 30 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, गुहला खंड में कुल 51 लाख 62 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 30 लाख 99 हजार रुपए सामान्य तथा 20 लाख 63 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, कैथल खंड में कुल 88 लाख 11 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 52 लाख 90 हजार सामान्य क्षेत्र तथा 35 लाख 21 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, खंड कलायत में कुल 50 हजार 4 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 30 लाख 4 हजार सामान्य क्षेत्र तथा 20 लाख अनुसूचित जाति क्षेत्र, पूंडरी खंड में कुल 57 लाख 2 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 34 लाख 23 हजार सामान्य क्षेत्र तथा 22 लाख 79 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, राजौंद खंड में कुल 37 लाख 48 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 22 लाख 50 हजार सामान्य व 14 लाख 98 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र तथा सीवन खंड में 44 लाख 22 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 26 लाख 55 हजार सामान्य क्षेत्र तथा 17 लाख 67 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र में खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद कैथल में कुल 64 लाख 47 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 38 लाख 71 हजार सामान्य तथा 25 लाख 76 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, नगर पालिका चीका में कुल 17 लाख 34 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 10 लाख 41 हजार सामान्य तथा 6 लाख 93 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, नगर पालिका कलायत में कुल 8 लाख 31 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 4 लाख 99 हजार सामान्य तथा 3 लाख 32 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, नगर पालिका पूंडरी में कुल 8 लाख 40 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 5 लाख 4 हजार सामान्य तथा 3 लाख 36 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र, नगर पालिका राजौंद में कुल 7 लाख 76 हजार खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 4 लाख 66 हजार सामान्य तथा 3 लाख 10 हजार अनुसूचित जाति क्षेत्र में खर्च किए जाएंगे।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह कुंडु, एसडीएम डॉ. संजय कुमार व शशि वसुंधरा, नगराधीश अमित कुमार, डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, बीडीपीओ रोजी व फूल सिंह, ईओ बलबीर रोहिला, नगर परिषद चेयरमैन सीमा कश्यप, जिप उपाध्यक्ष मुनीष कठवाड़, नेत्रपाल शर्मा, गुड्डïी राणा, अमनदीप शर्मा, मोहन लाल, रामकुमार नैन, विजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

कैथल मेें कोरोना वैक्सीन लगाने का विरोध

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कैथल से बड़ी खबर -कैथल मेें कोरोना वैक्सीन लगाने का विरोध,
कैथल (कृष्ण गर्ग)
जिला में सरकारी व प्राइवेट संस्थानों के 6750 स्वास्थ्य कर्मियों को पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें 5 हजार 223 सरकारी तथा 1 हजार 527 प्राइवेट संस्थानों के स्वास्थ्य कर्मी हैं। दवाई रखने के लिए जिला में कुल 29 कोल्ड चैन प्वाइंटस बनाए गए हैं, जहां पर

सभी इंतजाम पुख्ता किए गए थे। बावजूद इसके कैथल के जाट शाइनिंग स्टार स्कूल में कोरोना वैक्सीन लगाने का विरोध हुआ है। किसान यूनियन के सदस्यों ने आकर विरोध जताया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वैक्सीन को उठाकर बैरंग लौट

गए हैं। कोविड-19 वैक्सीन लगाने का शुभारंभ कैथल के विधायक लीला राम के हाथों करवाया जाना था लेकिन उससे पहले ही भारतीय किसान यूनियन के लोग पहुंच गए और विरोध करना शुरू कर दिया। गौरतलब है कि जिले में दो जगहों पर कोरोना की

वैक्सीन लगाई जानी थी जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम तैयार थी लेकिन ऐन मौके पर किसानों ने पहुंचकर विरोध के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना वैक्सीन लेकर बैरिंग लौट गई। किसानों ने प्रधान होशियार गिल ने कहा यह वैक्सीन सुरक्षित

नहीं है। सुरक्षित रहती तो अनिल विज की तबीयत ना बिगड़ती। सरकार को बच्चों के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे।

किसानों के हित में सुप्रीम फैसला

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दिल्ली, जनक्लब न्यूज

कृषि कानूनों की वैधता और किसान आंदोलन को लेकर दायर याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई. इतना ही नहीं कोर्ट में चीफ जस्टिस ने कई बार कानूनों पर स्टे लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि अगर सरकार कुछ नहीं करती है तो कोर्ट की कानूनों पर रोक लगा देगा. फिलहाल कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसे दो भागों (आज शाम और कल सुबह) में जारी किया जा सकता.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसानों की मौतों का भी जिक्र हुआ. इसपर कोर्ट ने किसान संगठनों के वकीलों से कहा कि वे धरनास्थलों पर जाकर किसानों से खासकर बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों से वापस जाने को कहें

During the hearing today, the Supreme Court strongly reprimanded the Central Government on the petitions filed regarding the legality of the agricultural laws and the peasant movement. Not only this, the Chief Justice in the court several times asked for a stay on the laws. He said that if the government does nothing, then the laws of the court will be banned. At present, the court has reserved the order, which can be issued in two parts (this evening and tomorrow morning).

केंद्र सरकार को फटकार से साथ हुई शुरुआत
सुनवाई की शुरुआत में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि बातचीत चल रही है. अदालत अभी समय दे. इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम इससे बड़े व्यथित हैं कि आप कोई हल नहीं निकाल पा रहे हैं. चीफ जस्टिस ने कहा कि पिछले चार बार में आप एक ही बात कर रहे हैं कि किसानों से बातचीत चल रही है. सीजेआई ने कहा कि हम अभी किसानों के समझौते पर चल रही बातचीत के बारे में जानना चाहते हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि चल रही प्रक्रिया से वे नाखुश हैं. चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर पहले पर्याप्त परामर्श प्रक्रिया अपनाई गई होती तो ऐसी नौबत नहीं आती.

कोर्ट ने कहा कानूनों पर रोक लगा देंगे
चीफ जस्टिस ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि सरकार कुछ नहीं करेगी तो कानूनों पर रोक लगा देंगे. कहा कि जरूरत पड़ी तो कोर्ट खुद इन कानूनों पर रोक लगा देगी. यह भी कहा गया है कि अगर किसान आंदोलन जारी रखना चाहते हैं तो शांतिपूर्ण तरीके से जारी रख सकते हैं. CJI ने फटकार लगाते हुए कहा आप कह रहे हैं कि कोर्ट को इसमें जाना चाहिए इसमें नही जाना चहिए. CJI ने कहा कि यही सुना है कि असली समस्या कानून है. हम आपसे आखिरी बार पूछ रहे हैं कि आप अपने कानून को कुछ समय के लिए रोक क्यों नहीं सकते.
सुप्रीम कोर्ट में CJI ने कहा कि हम सीधा यह सोच रहे हैं कि जबतक कमिटी (जिसको बनाने के बारे में पहले भी कोर्ट ने कहा था) अपनी रिपोर्ट ना दे तब तक हम कृषि कानूनों को होल्ड पर रख दें. CJI से AG को रोकते हुए कहा कि जब हम आपसे कानून की संवैधानिकता के बारे में पूछा रहे हैं तो आप हमको उसके बारे बताइए, कानून के फायदे के बारे में मत बताइए. CJI ने SG को टोकते हुए कहा कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि आप समस्या का हिस्सा है या समाधान का?
किसान आंदोलन की चीफ जस्टिस ने की तारीफ
चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर किसान आंदोलन जारी रखना चाहते हैं तो शांतिपूर्ण तरीके से जारी रख सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आंदोलन की तारीफ भी की. कहा कि लंबे आंदोलन में भी कोई हिंसा या हंगामा नहीं हुआ. कोर्ट ने कहा अगर किसान लोगों कि सहूलियत के लिए एक निर्धारित स्थान पर जाना चाहते हैं तो बहुत अच्छा रहेगा. वकील ML शर्मा ने कहा कि किसानों की तरफ से कोई हिंसा नही हो रही है सिर्फ पुलिस ही उनपर आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है.

चीफ जस्टिस ने हिंसा की आशंका जताई
CJI ने कहा कि हमें आशंका है कि किसी दिन वहां हिंसा भड़क सकती है. CJI ने कहा कि अगर जाने अनजाने में कुछ भी गलत होता है तो इसके लिए सभी ज़िम्मेदार होंगे. चीफ जस्टिस ने कहा कि हम कानून तोड़ने वालों का संरक्षण नहीं कर रहे या करेंगे. लेकिन प्रदर्शन करने वाले ऐसा कुछ नहीं कर रहे हैं. इसपर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कल हरियाणा में कानून तोड़ा गया है. इसपर किसानों कि ओर से दुष्यन्त दवे ने कहा कि अटॉर्नी गलत बोल रहे हैं, किसानों ने कोई कानून नहीं तोड़ा है. सीजेआई ने कहा कि प्रदर्शन अधिकार है, गांधी जी ने सत्याग्रह किया थाय उपद्रव और हिंसा के बिना लोग पिछले 48 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

वकील कॉलिन गोंसॉलविस ने कोर्ट को बताया कि सभी किसान संगठनों ने चार वकीलों को अधिकृत किया है. इसमें दुष्यंत दवे, प्रशांत भूषण, हरविंदर सिंह फुल्का और मैं हूं. सीजेआई ने कहा कि प्रदर्शन में हिंसा नहीं होगी यह जिम्मेदारी चारों वकीलों में कौन लेगा या कौन किसान संगठन यह जिम्मेदारी लेगा.

याचिकाकर्ता के वकील बोले – विवादित हिस्सों पर लगे रोक
याचिकाकर्ता के वकील हरीश सल्वे ने कहा कि सिर्फ कानून के विवादित हिस्सों पर रोक लगाइए. CJI ने कहा कि हम पूरे कानून पर रोक लगाएंगे, इसके बाद भी संगठन चाहें तो आंदोलन जारी रख सकते हैं, लेकिन क्या इसके बाद नागरिकों के लिए रास्ता छोड़ेंगे.

सरकार ने किया कानूनों पर स्टे लगाने का विरोध
अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार इस तरह से कानूनों पर स्टे नहीं लगा सकती. अटॉर्नी जनरल ने पूर्व में दिए गए फैसलों को गिनाया और उनके आधार पर कहा कि तीनों कृषि कानून पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए. इसपर चीफ जस्टिस ने हाल में मराठा रिजर्वेशन पर लगाए गए स्टे का जिक्र किया. सीजेआई ने अटॉर्नी से कहा कि जिन फैसलों का हवाला आप दे रहे हैं वो हमें पता हैं. आप कि विस्तृत जानकारी हमें दें, जिनके आधार पर आप कह रहे हैं कि संवैधानिक वैधता पर सुनवाई पूरी होने पर आदेश होना चाहिए.

किसानों के वकील ने कहा – 26 जनवरी को राजपथ पर नहीं चलेंगे ट्रैक्टर
हरियाणा में सीएम की रैली में जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था. 26 जनवरी को किसान अपने ट्रैक्टर्स के साथ राजपथ पर आने की प्लानिंग कर रहे हैं. AG ने कहा कि किसान 26 जनवरी को राजपथ पर 2000 ट्रैक्टर दौड़ाने की बात कह रहे हैं. किसान संगठनों के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि किसान ऐसा नहीं करेंग. CJI ने कहा कि हम इससे खुश हैं. फिर AG ने कहा कि SC इनसे इस मामले में हलफनामा ले. फिर दुष्यंत दवे ने कहा कि किसानों को रामलीला मैदान जाने कि इजाजत दी जाए. दुष्यंत दवे ने कहा कि 400 से ज्यादा किसान संगठन यहां पर हैं. किसान संगठनों ने 26 जनवरी की परेड में ट्रैक्टर नहीं चलाने भरोसा दिया.

कानूनों पर रोक लगी तो समझौते में आसानी होगी – कोर्ट
चीफ जस्टिस ने कहा है कि वह किसानों को आंदोलन से नहीं रोकेंगे और कानून को लागू करने पर रोक लगेगी तो समझौते में आसानी होगी. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ यह कह देने से कि ज्यादातर लोग ये सोचते हैं कि कृषि कानूनों से कोई नुकसान नहीं होगा. ऐसा कहने भर से आंदोलन का मुद्दा नहीं सुलझ जाएगा.

वकीलों से कहा – किसानों से जाकर कहो चीफ जस्टिस लौटने को कह रहे हैं
सीजेआई ने कहा कि हर किसी को 26 जनवरी को दिल्ली आने का अधिकार है. लेकिन हम हिंसा और कानून व्यवस्था को हाथ में नहीं लेने दे सकते. ऐसे में हम कहेंगे कि हम आदेश दे रहे हैं कि आप लौट जाएं. सीजेआई ने किसान संगठनों के वकीलों से कहा कि आप किसानों से जाकर कहें कि सीजेआई वापस लौटने को कह रहे हैं. सीजेआई ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में आप प्रदर्शन कर रहे हैं. यह ख्याल रखा जाना जरूरी है कि सभी सुरक्षित रहें. सीजेआई ने कहा कि हमें उम्मीद है कि किसान सुप्रीम कोर्ट की बात मानेंगे‌.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में बनाई जाएगी कमिटी
किसानों के मुद्दे को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में बनायी जाएगी. इसपर सभी पक्षकारों से नाम सुझाने को कहा गया है. एसजी ने कहा कि हम कल नाम अदालत को सौंपेंगे. अटॉर्नी जनरल ने फिर कहा कि तीनों कानूनों पर रोक लगाना उचित नहीं होगा. इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि सीजेआई ने कहा कि हम कानून खत्म नहीं कर रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, किसान यूनियनों ने पूर्व चीफ जस्टिस आर एम लोधा का नाम कमिटी के प्रमुख के रूप में सुझाया है. कमिटी कानून की संवैधानिकता पर विचार करेगी. फिलहाल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. आज शाम को या फिर कल फैसला दिया जा सकता है

किसान आंदोलन में शहीद हुये किसानों को दे 50 – 50 लाख की मदद व सरकारी नौकरी- कुंड़ू

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किसान आंदोलन में शहीद हुये किसानों को दे 50 – 50 लाख की मदद व सरकारी नौकरी- कुंड़ू।
कैथल, 9 जनवरी (कृष्ण गर्ग
किसान आंदोलन के शहीद रामकुमार ढुल के परिवार को ढांढस बंधाने एवं अपनी घोषणा मुताबिक परिवार को 2 लाख की आर्थिक मदद देने महम विधायक बलराज कुंडू भाणा गाँव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार का ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय रामकुमार ढुल की शहादत से हमारी आने वाली नस्लें प्रेरणा लेंगी। कुंडू ने शहीद किसान की तीनों बेटियों का सिर पुचकारते हुए कहा कि आपके पिता ने किसानों के लिए अपने प्राण दिए हैं, उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। किसान उनके पिता की शहादत को कभी भुला नही सकते। वे मृत्यु की गोद में जाकर आज भी अमर है। किसान ही नही अपितु प्रत्येक समुदाय, वर्ग आदि उनकी शहादत को कभी भी भुला नही सकते। उन्होंने कहा कि आज किसान इस सरकार के काले कारनामों की वजह से सडक़ों पर है और शहीद हो रहे है। यह सरकार किसान ही नही अपितु किसी वर्ग, समुुुुुुुुदाय के हित की नही सोचती। इस सरकार को केवल पूंजीपतियों की चाहना है। किसान सडक़ों पर दम तोड़ रहे है और इसके सांसद, विधायक, नेता लोग बेफिक्र है। किसानों को बिना किसी केस के सिर्फ तारीख पे तारीख मिल रही है। कुंडू ने सरकार से मांग की कि सभी शहीद किसानों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। इस अवसर पर किसान नेता करतार, बलवान, वीरेंद्र आदि भी उपस्थित थे।

पोषण अभियान के तहत अब तक 35 स्थानों पर दी जा चुकी है नुक्कड़-नाटकों की प्रस्तुति

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पोषण अभियान के तहत अब तक 35 स्थानों पर दी जा चुकी है नुक्कड़-नाटकों की प्रस्तुति, जिला के प्रत्येक ब्लॉक में आम जन को जागरूक करने के लिए चलाया गया है विशेष अभियान : कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच
कैथल, 9 जनवरी (कृष्ण गर्ग)
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच ने बताया कि पोषण अभियान के तहत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम जन मानस विशेषकर महिलाओं को सही पोषण व बच्चों की सही खुराक के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिला के प्रत्येक खंड में नुक्कड़ नाटक मंडली जाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है। इसके साथ-साथ अपनी प्रस्तुति में सभी को पोषण शपथ भी दिलाई जा रही है। अब तक मंडली द्वारा 25 स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि जिला के सभी खंडों के 196 गांवों में नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे, जिसमें अनुराग, नरेंद्र, नुक्कड़-नाटक पार्टी सभी को पोषण के पांच सूत्र सुनहरे हजार दिन, पोष्टिïक आहार, अनीमिया, डायरिया, स्वच्छता और साफ-सफाई की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। इसके साथ-साथ सूचना जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के कलाकार भी लोक गीतों के माध्यम से आम जन को सही पोषण के बारे में जागरूक कर रहे हैं। कलाकारों ने विभिन्न किरादार निभाते हुए गर्भवती महिलाओं को सही खानपान, बच्चों की देखभाल व 6 महीनें तक मां का दूध पिलाना, अनीमिया से बचाव, डायरिया के लक्ष्ण व बचाव तथा स्वच्छता व साफ-सफाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित बच्चों एवं महिलाओं ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया और भविष्य में जो भी बातें उनके द्वारा व आंगनवाड़ी वर्करों द्वारा बताई गई है, उनका अनुसरण करने का संकल्प भी लिया। इस अभियान के तहत शनिवार को पाडला, सांघन, बरटा में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया तथा पोषण शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर नरेंद्र, रामकेश, श्याम, सुदेश रोहिला, सिम्मी, बलवान सिंह, योगेश, मुकेश, पूनम रानी, रशमी, पूजा, कमला, बीरमती, कृष्ण, रेखा आदि मौजूद रहे।

पेंशन में वृद्धि न करना जनता के साथ धोखा

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कैथल, जनक्लब न्यूज
पाई क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि उनकी पेंशन में वायदे के अनुसार बढ़ोतरी की जाये। ग्रामीण राम कुमार, बचना, रामफल, सुभाष, हरीराम, केशा राम, आदि ने बताया कि वर्ष 2021 से पेंशन में वृद्धि न करना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रति वर्ष बुजुर्ग, विधवा आदि की पेंशन में 250 रुपये की बढ़ोत्तरी की जानी है। जनता के साथ सरकार ने वचन किया हुआ है, परन्तु कारोना के चलते सरकार ने अब की बार यह बढ़ोतरी नही की है। उन्होंने बताया कि करोना काल में जब सांसदों, विधायकों की पेंशन में कई हजारों की बढ़ोतरी की जा सकती है तो आम जनता की पेंशन में मामूली बढ़ोतरी क्यों नही की जा सकती? उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के साथ विश्वास घात कर रही है। उन्होंने मांग की है कि बुजुर्ग, विकलांग, विधवा पेंशन में यह बढ़ोतरी तुरंत की जाये।

विवाहिता ने तांत्रिक पर इलाज के बहाने जहर देने का लगाया आरोप

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कैथल, जनक्लब न्यूज
सिसमोर गांव में एक विवाहिता ने तांत्रिक पर इलाज के बहाने जहर देने का आरोप लगाया है। विवाहिता की शिकायत पर तितरम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सिरमौर निवासी विवाहिता सुमन देवी ने सेगा निवासी तांत्रिक रामफल गोसाई पर आरोप लगाया कि मेरी तबीयत खराब रहती थी। किसी ने मुझे तांत्रिक के बारे में जानकारी दी। जब मैं अपने पति के साथ तांत्रिक के पास गई तो उसने बताया कि तेरे ऊपर विपत्ति आई हुई है और हरिद्वार जाकर पूजा-पाठ करवाना पड़ेगा। 2 पंडित बिठाकर पाठ करवाना पड़ेगा। मैंने और मेरे पति ने मजबूरी में हां भर ली और हरिद्वार जाकर अनुष्ठान करवाया। उस दिन के बाद कुछ दिन ठीक रही। उसके बाद दोबारा फिर दिक्कत आने लगी तो मैं तांत्रिक के पास जाने लगी । तांत्रिक हर बार भूत प्रेत का डर दिखाकर मेरे से पैसे लेता रहा । विवाहिता ने बताया कि बीते दिनों जब मैं तांत्रिक के पास गई तो उसने इलाज के दौरान पतासे में कुछ जहरीली चीज डालकर खिला दी, जिससे मेरी तबीयत खराब हो गई और मैं बेसुध हो गई। इस पर मुझे सरकारी अस्पताल कैथल में इलाज़ के लिए भर्ती करवाया गया। विवाहिता ने पुलिस को गुहार लगाई है कि तांत्रिक विद्या के कारण मेरी स्थिति खराब हुई है। मुझे इससे छुटकारा दिलवाया जाए। उन्होंने कहा कि आरोपी ने मुझे भूत प्रेत के भरम में डालकर पैसे लेता रहा और आरोपी समाज के दूसरे व्यक्तियों के साथ भी ऐसा करता है। इस पर पुलिस ने विवाहिता की शिकायत पर तांत्रिक रामफल भगत गोसाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस बारे में तितरम थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सैम्पल लेकर जांच के लिये भेज दिया है।

भाना गांव का एक किसान आंदोलन के दौरान शहीद

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कैथल, 31 दिसंबर ( कृष्ण गर्ग)
वर्ष 2020 जाते- जाते भी पाई क्षेत्र के लोगों के लिये दुखद रहा है। साल के आखिरी दिन निकटवर्ती भाना गांव का एक किसान आंदोलन के दौरान शहीद हो गया। कैथल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पाई से सेकड़ों वाहनों के साथ एक सम्मान के साथ उनके गांव भाना में ले जाकर अन्तिम संस्कार किया गया। संस्कार के दौरान कई हजारों की संख्या में किसान व मजदूरों व आम लोगों ने भाग लिया।
पाई के उसके साथी वीरेंद्र ढुल पाई ने बताया कि गांव का यह रामकुमार नामक किसान 20 दिन पहले क्षेत्र के किसानों के साथ ठीकरी बार्डर पर गया था और पाई की रसोई में किसान मजदूरों के लिये खाना देने का कार्य कर रहा था। 30 दिसम्बर को लगभग तीन बजे यह रात के खाने के लिये सब्जी लेने के लिये बल्लभगढ़ सब्जी मंडी में गया था, जहां पर उसके दिमाग की नस पट गई। जिस कारण से उसको तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उसको प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रोहतक पी जी आई रैपर कर दिया। जहां पर उसने दम तोड़ दिया। उसने बताया कि वहां से उसको कैथल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिये लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद उसको पाई सिसमोर रोड़ से सेकड़ों ट्रैक्टरों व अन्य वाहन के काफिले के साथ नारे लगाते हुये भाना ले जाया गया। उसके अन्तिम संस्कार में कांग्रेस के नेता सतवीर भाना, सुदीप सुरजेवाला तथा दर्जनों नजदीकी गांव के लोगों ने भाग लिया। संस्कार पर ले जाते हुये लोगों न सरकार के नारे लगाये और कहा कि जब तक सूरज चांद रहेगा, राम कुमार तेरा नाम रहेगा, इंकलाब जिंदा बाद। किसानों ने कहा की सरकार की किसान मजदूर विरोधी काले कानूनों के चलते हमारा यह किसान शहीद हुआ है। जिसको कभी भुलाया नही जा सकता।
फोटो- पी01

किसानों के हक में तथा पंजाब में आढ़तियों पर मारे गये छापों के विरोध में नई अनाज मंडी के आढ़तियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल

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कैथल, 25 दिसम्बर
केंद्र सरकार के द्वारा लागू किये गयेे तीन कानूनों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर धरना दे रहे किसानों के हक में तथा पंजाब में आढ़तियों पर मारे गये छापों के विरोध में नई अनाज मंडी के आढ़तियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रख एक बैठक का आयोजन किया गया। बाद में आढ़तियों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर नारे बाजी भी की।
बैठक मंडी स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने की। शोरेवाला ने बैठक को सम्बोधित करते हुये कहा कि सरकार किसानों को अकेले न समझे। प्रदेश के व्यापारी किसानों के साथ है। उन्होंने बताया कि सरकार अपने कार्यकर्ता को किसान बनाकर यह सिद्ध करना चाहती है कि कानून किसानों के हक में है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार जियों द्वारा शुरू में फ्री कालिंग देकर बाद में रेटों में बहुत ज्यादा बढ़ौतरी कर दी है। इसी प्रकार मंडियों से बाहर शुरू में ये किसानों से उनकी फसल तेज मूल्य पर खरीद करेगी। इसके फलस्वरूप जब किसानों की फसलें शुरू में तेज मूल्य पर बिकनी शुरू होगी तो कोई भी किसान अपनी फसल मंडी में लेकर नही आयेगा और मंडी में फसल न आन के कारण आढ़ती अपना कारोबार बंद कर देंगे। जिससे मंडिया बंद हो जायेगी। उसके बाद ये कम्पनियां किसानों को जमकर लुटेंगी। किसान कर्ज बंद हो जायेंगे। प्रधानमंत्री ने जियों को इसी प्रकार सफल बनाकर बीएसएनएल को बर्बाद कर दिया।


उन्होंने कहा कि पंंजाब के आढ़तियों पर इन्कम टेक्स के छापे इस लिये मारे जा रहे कि वे किसानों के साथ है। प्रदेश के व्यापारी किसानों व व्यापारियों पर सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई से होने वाले नुकसान की भरपाई भी करेंगे। इसके साथ- साथ भाजपा नेता व छापे मारने वाले अधिकारियों आदि का भी घेराव किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मंडी में से उग्राही करके किसानों की मदद करेंगे। किसानों की मदद करने में मंडी के आढ़तियों, परचेजर एसोसिएशन, मुनीम एसोसिएशन, मजदूर एसोसिएशन ने भी सहयोग करने का आस वासन दिया। जल्दी ही सभी दिल्ली किसानों के पास उनके जरूरत की वस्तुयें लेकर जायेगी। इस अवसर पर जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान सुरेश चौधरी, राजपाल चहल, धर्मपाल कटवाड़, भाजपा नेता सुरेश नोच का भाई श्याम लाल नोच, पूर्व नगर परिषद् चेयरमैन रामनिवास मितल, मोहन लाल खुरानियां, राज किशन मान आदि उपस्थित थे।
फोटो सहित

खट्टर का हुआ अब तक का सबसे बड़ा विरोध किसान आंदोलन बना जन आंदोलन….

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खट्टर का हुआ  अब तक का सबसे बड़ा विरोध किसान आंदोलन बना जन आंदोलन….
अंबाला। किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार के साथ-साथ प्रदेश की बीजेपी जेजेपी सरकार को भी बड़े जन आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जहां दिल्ली के चारों तरफ पिछले 27 दिन से चल रहा है वहीं प्रदेश के हर जिले में सत्ता पक्ष के नेताओं को किसानों के विरोध को झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को  अंबाला में नगर निगम चुनाव के प्रचार में शामिल होने के लिए पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सबसे बड़े विरोध का सामना करना पड़ा। हजारों किसानों और आम लोगों ने कृषि कानूनों के खिलाफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ जोरदार मार्च निकालते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। हजारों लोगों की भागीदारी से यह लगा कि किसान आंदोलन जन आंदोलन बन गया है। यह प्रदेश के गठबंधन सरकार के लिए भारी सिरदर्दी बन गया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ निकाले गए रोष मार्च में लोगों की भारी भागीदारी ने यह भी बता दिया कि जनता की नाराजगी लगातार बढ़ रही है और जो सत्ता पक्ष के लिए शुभ संकेत नहीं है।उधर बीते  दिन नारनौल में  किसानों द्वारा काले झंडे दिखाए जाने के बाद मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा था कि उन्हें पता था दो-चार नमूने जरूर आएंगे लेकिन किसानों ने  अंबाला में करारा जवाब देते हुए बता दिया कि 2-4 नहीं बल्कि हजारों की संख्या में किसान कृषि कानूनों के खिलाफ खड़े हैं जिसके चलते किसानों ने रोका मुख्यमंत्री खट्टर का काफिला पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मुख्यमंत्री के काफिले को किसानों से बचा कर निकाला। हकीकत यह है कि प्रदेश के 99 फ़ीसदी किसान कृषि कानूनों के खिलाफ खड़े हैं और वे इन्हें रद्द करने की मांग करते हैं। अगर मुख्यमंत्री को किसानों के आंदोलन में शामिल होने की संख्या पर कोई शक है तो उन्हें अंबाला के आज के विरोध प्रदर्शन से जान लेना चाहिए कि एक एक किसान कृषि कानूनों के खिलाफ खड़ा है

नेमीचंद को अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

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कैथल, कृष्ण गर्ग
बुधवार को करोड़ा गांव में शीशपाल करोड़ा के निवास पर जांगड़ा ब्राह्मण समाज की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुजरात के गांधी धाम निवासी नेमीचंद जांगड़ा को अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। शीशपाल जांगिड़ सचिव हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि भामा शाह नेमीचंद जांगिड़ के नेतृत्व में जांगिड़ समाज न केवल देश भर में संगठित होगा, बल्कि राजनीतिक व आर्थिक क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छूएगा। जिला अध्यक्ष मनमोहन ने कहा कि नेमीचंद जांगिड़ जैसी व्यक्तित्व के हाथों में जांगिड़ ब्राह्मण महासभा की बागडोर आने से समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि नेमीचंद जांगिड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने में हरियाणा जांगिड़ समाज का अतुलनीय योगदान रहा है और उनकी जीत में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शेर सिंह, शीशपाल करोड़ा जांगिड़ प्रदेश सचिव हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी हल्का पुंडरी, चंडीगढ़ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरबी जांगड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महावीर जांगड़ा मुंढाल, पूर्व अध्यक्ष आशाराम, सतपाल वत्स, किशोर कुमार बहादुरगढ़, अनिल एस जांगिड़ जैसे समाज के वरिष्ठ नेताओं ने विशेष भूमिका निभाई हैं। इस अवसर पर जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष मुल्तान सिंह रिटायर एस एच ओ, बुधराम जांगड़ा, बलबीर शास्त्री, गुरुदेव लेक्चरर, मास्टर जिले सिंह, ओम प्रकाश बंदूक वाला कैथल, ओम प्रकाश गोंदर, सुरेंद्र जांगड़ा प्रधान जागड़ा धर्मशाला कैथल,
समाज सेवी राम कुमार जांगड़ा ठेकेदार, रघुबीर नंबरदार सेरदा रामेहर फरल आदि उपस्थित थे।
फोटो सहित

दलदल में बनाया जा रहा था पंचायत भवन, ग्रामीणों ने रोका निर्माण कार्य।

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दलदल में बनाया जा रहा था पंचायत भवन, ग्रामीणों ने रोका निर्माण कार्य।
कैथल, 12 नवंबर ( कृष्ण गर्ग)
पाई के ग्रामीणों ने पाई में पंचायत भवन को बनाने का कार्य रोक दिया है। यह कार्य भवन दलदल वाले स्थान पर बनाने को लेकर रोका है। ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत भवन दूसरी जगह बनाकर, यहां पर पार्क बनाया जाये। ग्रामीण महावीर, अनिल, बलजीत, धर्मा, महेंद्र, अमन, नरेश, कृष्ण, लीलू, राम मेहर आदि ने बताया कि पाई में बस स्टैंड के सामने पंचायत की खाली पड़ी जमीन पर जिला प्रशासन के द्वारा पंचायत भवन बनाने के लिये नींव खोदी गई थी। पहले यहां पर गहरा तालाब हुआ करता थी। जिसका भरवा करवा कर समतल जमीन बनाई गई। कुछ समय पूर्व ही इस जमीन पर कम्यूनिटी सेंटर तथा लाइब्रेरी बनाने के लिये मंजूर किया गया था। उस समय ग्राम पंचायत तथा जेई आदि ने इस जमीन पर इन दोनों भवनों की मंजूरी यह कह कर रोक दी थी कि इस जगह पर जमीन में नमी तथा नीचे दलदल है। जिससे बनाये जाने वाले कमरे अधिक समय नही चल पायेंगे और गिर जायेंगे। जिससे सरकार को नुकसान हो सकता है। ये दोनों भवन दूर बनाये गये, जिससे ग्रामीणों को काई फायदा नही हो रहा है। उन्होंने बताया कि अब इस जगह पर पंचायत भवन का निर्माण कार्य क्यों किया जा रहा है। जब जमीन के नीचे दलदल है, ऐसे में इसके निर्माण के बाद भी सरकार को नुकसान हा जायेगा। क्या अधिकारियों को अब दलदल दिखाई नही दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत भवन के निर्माण के लिये जमीन पर नींव की खुदाई हो रही थी, जिसको अब रोक दिया है। यहां पर ग्रामीण सरकार के नुकसान को देखते हुये पंचायत भवन बनने नही देंगे। उन्होंने बताया कि तालाब की इस समतल जगह पर अवैध कब्जा भी है। जिला प्रशासन व ग्राम पंचायत रजुलेशन डाल कर यह अवैध कब्जा हटावा कर इस जगह ग्रामीणों की सुविधा के लिये पार्क बनाये ताकि ग्रामीण योग आदि करके स्वस्थ रह सके।
पंचायत का कुछ लेना देना नही- सरपंच
इस बारे में गांव के सरपंच धर्मवीर ने बताया कि पंचायत भवन का निर्माण एक्शन कार्यालय के द्वारा किया जाना है। पंचायत का इससे कुछ लेना देना नही।
फोटो- पी01

सभी विभागों के अधिकारी खुले दरबार में आई सभी शिकायतों का एक सप्ताह में करें निपटान, हलके में करोड़ों रुपए के विकास कार्य प्रगति पर : चेयरमैन रणधीर गोलन

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सभी विभागों के अधिकारी खुले दरबार में आई सभी शिकायतों का एक सप्ताह में करें निपटान, हलके में करोड़ों रुपए के विकास कार्य प्रगति पर : चेयरमैन रणधीर गोलन
कैथल, 12 नवंबर ( कृष्ण गर्ग)
हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन रणधीर गोलन ने हलका वासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं कोरोना से संक्रमित हो गया था और अब मैं हलका के 36 बिरादरी के स्नेह और उनकी दुआ से पूरी तरह से स्वस्थ हो गया हूं। अब हल्के के लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं का निवारण किया जाएगा। पूंडरी हलके में करोड़ों रुपए के विकास कार्य प्रगति पर है।
चेयरमैन रणधीर गोलन वीरवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में लगाए गए खुले दरबार में हल्के वासियों की समस्याएं सुनने के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद कोरोना महामारी के दौरान हल्के के विकास कार्य रूक गए थे और अब धीरे-धीरे विकास कार्य शुरू हुए हैं। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत युनिवर्सिटी गांव मुंदड़ी में स्थापित होगा तथा इसकी एक बड़ी ब्रांच जटहेड़ी गांव में भी 53 एकड़ में बनेगी, जिससे हलके के युवाओं को शिक्षा व रोजगार का लाभ पहुंचेगा। कौल गांव में 12 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज सिस्टम शुरू किया जाएगा। फरल और गांव ढांड में पानी की निकासी का कार्य भी महाग्राम योजना के तहत मंजूर करवाया जाएगा। फतेहपुर गांव में भी पानी की निकासी की काफी परेशानी थी और आने वाले एक वर्ष में यह कार्य पूरा करवा दिया जाएगा। डीग, सिरसल व सांच में भी पानी की समस्या को दूर किया जाएगा और पानी की वजह से फसल बर्बाद नही होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूंडरी व ढांड खंड में 20-20 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मंजूर करवाए गए हैं, जिससे हलके में विकास कार्य किए जाएंगे।
हलके से आए व्यक्ति धर्मवीर, सोहन, वीरभान, मनीष, विक्रम, जोगिंद्र, सत्यवान, दलबीर, बलजीत सिंह, जोगा सरपंच टयोंठा, रामफल सरपंच रसुलपुर, धर्मवीर पाई के अलावा सैंकड़ों लोगों ने पर्यटन निगम के चेयरमैन रणधीर गोलन के समक्ष अपनी-अपनी शिकायतें रखी, जिसमें बिजली, जन स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, तहसील, अस्पताल व अन्य विभागों से संबंधित थी। चेयरमैन रणधीर गोलन ने कहा कि जिस विभाग से संबंधित जो भी शिकायत आई है, उसका एक सप्ताह में निपटान होना चाहिए, यदि ऐसा नही हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजनाओं की रूकी हुई किश्तों को आगामी दो दिनों तक भेज दें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी कार्यालय में आए लोगों की समस्याएं सुनें तथा समय पर निपटान करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच है कि सबका साथ-सबका विकास के साथ कार्य किया जाए और खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही है। इस मौके पर डीएसपी कृष्ण कुमार, बीडीपीओ सुरेंद्र शर्मा, कार्यकारी अभियंता बनारसी दास, सोमबीर, वरूण, विजेंद्र सिंह, अशोक कुमार, गुरप्रीत, प्रदीप कुमार, अमन और अमित गोलन, निजी सचिव संजीव कुमार गामड़ी, दीपक कुमार, विक्रम, अनिल आर्य, सुभाष बुच्ची, चेयरमैन प्रतिनिधि मोनू खुराना आदि मौजूद रहे।
फोटो- केटीएल,1

राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने किया स्वच्छता पखवाड़ा शहरी का शुभारंभ, स्वच्छता रथ तथा विशेष सीवरेज सफाई वाहन को किया झंडी दिखाकर रवाना।

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स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के सपने को करेंगे पूरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वच्छता के प्रति निरंतर लोगों को कर रहे हैं प्रेरित : राज्यमंत्री कमलेश ढांडा
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने किया स्वच्छता पखवाड़ा शहरी का शुभारंभ, स्वच्छता रथ तथा विशेष सीवरेज सफाई वाहन को किया झंडी दिखाकर रवाना।
कैथल, 2 अक्तूबर (कृष्ण गर्ग)
महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के सपने को हम सभी ने मिलकर पूरा करना है। साफ-सफाई करना हम सबकी सामुहिक जिम्मेवारी है। राष्टï्रपिता महात्मा गांधी साफ-सफाई को विशेष महत्व देते थे। जहां पर सफाई होती है, वहां पर भगवान का भी निवास होता है। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान हम सभी को सहयोग देकर इसे जन आंदोलन का रूप देना होगा।
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा जवाहर पार्क में स्वच्छता पखवाड़ा शहरी का शुभारंभ करने के उपरांत बोल रही थी। इससे पहले राज्यमंत्री कमलेश ढांडा, विधायक लीला राम, उपायुक्त सुजान सिंह, डीएमसी कुलधीर सिंह, एसएलटी सदस्य राजेश कुमार, ईओ अशोक कुमार आदि ने महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर राज्यमंत्री ने स्वच्छता रथ तथा विशेष सीवरेज सफाई वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया।
राज्यमंत्री ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वच्छ भारत महात्मा गांधी का सपना था। उसी को साकार करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल निरंतर कार्य कर रहे है। विशेष अभियानों के तहत आम जन मानस को सवच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं तथा उनकी सहभागिता का आह्वïान भी कर रहे हैं। इस विशेष पखवाड़ा के तहत 17 अक्तूबर तक विभिन्न गतिविधियां करके लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। जब देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं सफाई करके लोगों को प्रेरित करने का कार्य करते है, तब हम सबका भी नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम सभी अपने आस-पास के परिवेश को सवच्छ रखें। स्वच्छता अभियान से प्रत्येक व्यक्ति की सोच बदली है। वर्तमान परिवेश में कोरोना महामारी के चलते सफाई का विशेष महत्व है और सब को पूरी गंभीरता से कार्य करते हुए साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आम जन मानस से आह्वïान किया कि इस अभियान के साथ जुडक़र अपनी सहभागिता जरूर दें।
प्रधानमंत्री का सपना देश को स्वच्छता के मामले में विश्व पटल पर चमकाने का : विधायक लीला राम
विधायक लीला राम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि स्वच्छता मानकों पर भारत को विश्व पटल पर चमकाया जाए। कोई भी अभियान बिना जन भागीदारी के सफल नहीं हो सकता। शासन व प्रशासन के साथ-साथ को आम जन को स्वच्छता अभियान से जुड़ कर अपना सहयोग देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता का बीड़ा उठाया, तभी से देश में इस विषय पर अभूतपूर्व परिर्वतन हुआ है। स्वच्छता के लिए अभी और प्रयास करने होंगे। आने वाले समय में प्रदेश व देश सभी के सहयोग से स्वच्छ होगा। परिवेश स्वच्छ होगा तो निश्चित तौर पर हम सभी स्वस्थ भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता करने में सफाई कर्मियों का बड़ा अहम रोल है। हम सभी को इन स्वच्छता सैनिकों का सम्मान करना चाहिए।
अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना करें अपनी दिनचर्या में शुमार : डीसी सुजान सिंह
उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना हमें अपनी दिन चर्या में शुमार करना चाहिए। साफ-सफाई प्रतिदिन की निरंतर प्रक्रिया है, इसे हमें अपना अभिन्न अंग बनाना चाहिए। सफाई रखने से हम निश्चित तौर पर अनेक प्रकार की बीमारियों से बच सकते हैं। साफ-सफाई के विषय पर देश ने प्रगति की है, फिर भी और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। हम सभी को सफाई के प्रति उदासीनता नहीं करनी चाहिए। महामारी के समय सफाई का और भी अधिक महत्व है। व्यक्तिगत के साथ-साथ हमें सामुहिक साफ-सफाई भी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन का विशेष अंग साफ-सफाई को बनाना चाहिए।
इस मौके पर विधायक लीला राम, उपायुक्त सुजान सिंह, डीएमसी कुलधीर सिंह, एसएलटी सदस्य राजेश कुमार, डीएसपी कुलवंत सिंह, रविंद्र सांगवान, ईओ अशोक कुमार, बीडीपीओ रोजी, कार्यकारी अभियसंता कर्णवीर सिंह, एमई राजकुमार शर्मा, पियुष लाटका, तुषार ढांडा, भाग सिंह, दिलावर सिंह, राम कुमार नैन, हरपाल शर्मा, नरेश मित्तल, मोहन लाल, महिपाल राणा, कृष्ण लालर आदि मौजूद रहे।
बॉक्स-स्वछता पखवाड़ा के दौरान यह होंगी गतिविधियां
उपायुक्त सुजान सिंह ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़ा के पहले दिन जिला के शहरी क्षेत्र में विशेष सफाई होगी, 5 अक्तूबर को शहर के विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेरों को खत्म किया जाएगा, 6 अक्तूबर को बायोमैडिकल वेस्ट के लिए विभिन्न स्थानों पर यैलो डस्टबीन लगाए जाएंगे। इसी प्रकार 7 अक्तूबर को प्लास्टिक कचरे को अलग करवाया जाएगा, 8 अक्तूबर को रिहायशी कॉलोनियों में रैजिडेंट वैलफेयर सोसायटी के साथ मिलकर गंदगी को हटाया जाएगा, 9 अक्तूबर को शहर के सभी नालों, तालाबों को गंदगी से मुक्त किया जाएगा, 10 अक्तूबर को सामाजिक संस्थाओं, गुरुद्वारा, मंदिर आदि में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त करने व बर्तन उपलब्ध करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा और आम जन को पॉलिथीन की जगह कपड़े का थैला इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसी प्रकार 12 अक्तूबर को शहर में स्थित सभी होटल, रैस्टोरैंट व ढाबा संचालकों को प्लास्टिक प्रयोग नहीं करने के बारे में प्रेरित किया जाएगा, 13 अक्तूबर को सभी सब्जी मंडी व फ्रुट की जगहों पर सफाई करवाई जाएगी, 14 अक्तूबर को सभी सामुदायिक व पब्लिक शौचालयों की सफाई करवाई जाएगी। अभियान को तहत 15 अक्तूबर को कोविड-19 के दौरान सफाई व्यवस्था के प्रति अतूल्या योगदान के लिए स्वच्छता ग्रही को सम्मानित किया जाएगा, 16 अक्तूबर को रैजिडैंस वैल्फेयर सोसायटी, मंदिर, गुरुद्वारा, धर्मशाला संचालकों को प्लास्टिक प्रयोग नहीं करने बारे जागरूक किया जाएगा। अंतिम दिन 17 अक्तूबर सॉलिड वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, बायोमैडिलक वेस्ट को मुक्त रखने के लिए चित्रकारी, गाने व विडियो आदि द्वारा विशेष प्रचार किया जाएगा।
फोटों: केटीएल01

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